ध्रुवगंज-अंभो सड़क किनारे युवक का शव मिलने से फैली दहशत, हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका

भागलपुर। भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब ध्रुवगंज-अंभो सड़क किनारे एक युवक का शव बरामद किया गया। सुबह करीब आठ बजे सड़क किनारे शव पड़े होने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। इलाके में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने के बाद खरीक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम को भी मौके पर बुलाया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस शुरुआती जांच में इसे हत्या का मामला मानकर चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा है कि युवक की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को सुनसान इलाके में लाकर फेंक दिया गया।

सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर शव की तस्वीर साझा होने के बाद मृतक की पहचान परबत्ता थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव निवासी 32 वर्षीय गौरव कुमार के रूप में हुई। मृतक के पिता का नाम गोपाल चौधरी बताया गया है। पहचान होने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेज दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शव सड़क किनारे संदिग्ध अवस्था में पड़ा हुआ था। युवक के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट और जख्म के कई निशान पाए गए हैं। इन्हीं निशानों के आधार पर पुलिस को हत्या की आशंका और मजबूत लग रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

जांच के दौरान पुलिस को एक और महत्वपूर्ण तथ्य मिला है। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ। इससे आशंका जताई जा रही है कि अपराधी हत्या के बाद मोबाइल अपने साथ ले गए ताकि कोई डिजिटल सबूत या कॉल रिकॉर्ड पुलिस के हाथ न लग सके। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।

घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ स्थानीय लोग इसे जमीन विवाद से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग संपत्ति विवाद और निजी दुश्मनी की संभावना जता रहे हैं। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी एक कारण को लेकर आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार गौरव कुमार अपने परिवार में सबसे छोटा था। परिवार में दो भाई और एक बहन हैं। बहन की शादी हो चुकी है जबकि बड़ा भाई शेखर चौधरी दिल्ली में निजी नौकरी करता है। पिता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बताया जा रहा है कि गौरव गांव में अकेले रहता था।

ग्रामीणों के मुताबिक मृतक पिछले कुछ वर्षों से नशे की लत का शिकार हो गया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि वह शराब समेत अन्य नशे का सेवन करता था और अक्सर गांव से बाहर रहता था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उसने अपनी पुश्तैनी जमीन का कुछ हिस्सा बेच दिया था और अधिकतर समय अनावश्यक खर्च में पैसा उड़ाता था।

हालांकि पुलिस का कहना है कि केवल अफवाहों या स्थानीय चर्चाओं के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। जांच टीम मृतक की गतिविधियों, संपर्कों और हाल के दिनों की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले युवक किन लोगों के संपर्क में था और आखिरी बार उसे कहां देखा गया था।

घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन गांव के लिए रवाना हो गए। परिवार में मातम का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से पूरे इलाके में भय और चिंता का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मामले का खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

खरीक थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। अपराधियों ने युवक की हत्या कर शव को सुनसान इलाके में फेंका है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक दोनों स्तर पर जांच कर रही है तथा जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। साथ ही एफएसएल टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मामले की कई अहम कड़ियां सामने आ सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में ग्रामीण इलाकों में अपराध के तरीके बदल रहे हैं। अपराधी कई बार हत्या के बाद शव को दूसरे इलाके में फेंक देते हैं ताकि जांच को भ्रमित किया जा सके। ऐसे मामलों में पुलिस के लिए घटनास्थल और हत्या स्थल के बीच संबंध स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती होता है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और इलाके में निगरानी मजबूत करने की मांग की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी के पास घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस कई संभावित पहलुओं पर काम कर रही है। अब सभी की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के अगले चरण पर टिकी हुई है, जिससे इस रहस्यमयी मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सके।

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