
पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने बिहार से एक अहम आरोपी को रिमांड पर लिया है। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक तेज हो गई है और अब कई नए खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स की टीम गुरुवार को बिहार के बक्सर सेंट्रल जेल पहुंची, जहां पहले से बंद एक आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रिमांड पर लिया गया। आरोपी की पहचान संजय राय के रूप में हुई है। उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोलकाता ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद हत्याकांड की जांच में अचानक तेजी आ गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा संभव हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि संजय राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जमानियां थाना क्षेत्र स्थित मतसा गांव का रहने वाला है। हालांकि हाल के दिनों में उसका नाम कई आपराधिक गतिविधियों में सामने आया था। वह फिलहाल बिहार के एक दूसरे मामले में जेल में बंद था, लेकिन पश्चिम बंगाल एसटीएफ को जांच के दौरान उसके खिलाफ कुछ अहम इनपुट मिले, जिसके बाद उसे रिमांड पर लेने की तैयारी शुरू की गई।
सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच के दौरान एसटीएफ को कुछ तकनीकी और मानवीय इनपुट मिले थे। कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन ट्रैकिंग और संदिग्ध संपर्कों की जांच के दौरान संजय राय का नाम सामने आया। इसके बाद पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने अदालत में रिमांड की अर्जी दाखिल की और कानूनी अनुमति मिलने के बाद टीम बक्सर पहुंची।
कोर्ट की मंजूरी के बाद एसटीएफ अधिकारियों ने जेल प्रशासन से संपर्क किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद आरोपी को टीम ने अपने कब्जे में लेकर पश्चिम बंगाल रवाना किया। अधिकारियों का कहना है कि अब उससे लगातार पूछताछ की जाएगी और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जाएगी।
मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि आरोपी किसी हत्या के मामले में नहीं, बल्कि शराब से जुड़े एक केस में बिहार की जेल में बंद था। जानकारी के मुताबिक करीब दस दिन पहले बिहार पुलिस ने उसे राजपुर थाना क्षेत्र से शराब के साथ गिरफ्तार किया था। बिहार में लागू शराबबंदी कानून के तहत उसे जेल भेजा गया था और तभी से वह बक्सर सेंट्रल जेल में बंद था।
इसी दौरान पश्चिम बंगाल एसटीएफ को उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच एजेंसियों को आशंका है कि आरोपी का संबंध चंद्रनाथ रथ हत्याकांड से हो सकता है। हालांकि अभी तक पुलिस ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी की भूमिका प्रत्यक्ष थी या वह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था।
जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसटीएफ के पास कुछ ऐसे सबूत मौजूद हैं, जो आरोपी और इस चर्चित हत्याकांड के बीच संबंध की ओर संकेत करते हैं। यही वजह है कि एजेंसी अब उससे विस्तृत पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।
उधर इस कार्रवाई के बाद बिहार और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों की पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय भी बढ़ गया है। दोनों राज्यों की टीमें कई बिंदुओं पर साझा जांच कर रही हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां तैयार हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह मामला काफी संवेदनशील माना जा रहा है। चंद्रनाथ रथ पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। उनकी हत्या के बाद राज्य की राजनीति में काफी हलचल मच गई थी। विपक्ष ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए थे।
अब जब जांच का दायरा बिहार तक पहुंच गया है, तो इस केस को लेकर और भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं। हालांकि फिलहाल जांच एजेंसियां किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही हैं।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी।
इधर कोलकाता में आरोपी से लगातार पूछताछ जारी है। माना जा रहा है कि उससे मिली जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में कई जगहों पर छापेमारी भी हो सकती है। जांच एजेंसियां इस केस में शामिल हर व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि बड़े राजनीतिक मामलों में अब जांच एजेंसियां राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी कार्रवाई कर रही हैं। बिहार से आरोपी को रिमांड पर लेकर पश्चिम बंगाल ले जाने की कार्रवाई को इसी कड़ी में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें एसटीएफ की आगे की जांच और आरोपी से मिलने वाली जानकारी पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और भी बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।


