केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को धमकी देने वाला युवक पटना से गिरफ्तार, वायरल वीडियो के बाद हरकत में आई पुलिस

बिहार की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी देने वाला वीडियो वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी युवक को पटना से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार युवक की पहचान राजेंद्र राय उर्फ सरदार के रूप में हुई है, जिसे साइबर थाने की विशेष टीम ने राजधानी पटना के मारूफगंज इलाके से दबोचा। अब पुलिस इस पूरे मामले को सिर्फ धमकी तक सीमित न मानते हुए इसके पीछे किसी बड़ी साजिश या राजनीतिक कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार आरोपी का वीडियो बुधवार शाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल होने लगा था। वीडियो में युवक केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दिखाई दे रहा था। इतना ही नहीं, उसने खुले तौर पर हमला करने जैसी धमकी भी दी थी। वीडियो वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई और समर्थकों के बीच नाराजगी बढ़ने लगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय तक हलचल मच गई। बताया जा रहा है कि आईजी विकास वैभव और गया एसएसपी सुशील कुमार ने तुरंत इस मामले को गंभीर श्रेणी में रखते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी जांच शुरू की और आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने में जुट गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पटना जिले के मालसलामी थाना क्षेत्र स्थित मारूफगंज मोहल्ले में छिपा हुआ है। इसके बाद देर रात साइबर थाने की टीम ने वहां छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति न बने।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गया ले जाया गया, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने यह वीडियो खुद की मर्जी से बनाया था या फिर किसी के इशारे पर ऐसा किया गया। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित राजनीतिक रणनीति तो नहीं थी।

सूत्रों की मानें तो पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट यह पता लगाने में जुटे हैं कि वीडियो किस जगह रिकॉर्ड किया गया और उसे वायरल करने में किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस का मानना है कि मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है।

यह मामला उस समय और अधिक चर्चा में आ गया जब इसमें हाल ही में हुए विधायक ज्योति मांझी विवाद का एंगल सामने आया। दरअसल कुछ दिन पहले बाराचट्टी क्षेत्र की विधायक ज्योति मांझी के साथ मोहनपुर इलाके में कथित धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया था।

बताया जा रहा है कि इसी विवाद को लेकर आरोपी युवक ने सोशल मीडिया पर उग्र प्रतिक्रिया दी थी। वायरल वीडियो में उसने विधायक और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ तीखी टिप्पणी करते हुए भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया। पुलिस को आशंका है कि वीडियो उसी राजनीतिक विवाद से जुड़ा हो सकता है।

विधायक ज्योति मांझी की शिकायत के बाद पुलिस पहले ही इस मामले में कार्रवाई कर चुकी थी। घटना से जुड़े नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि इसके बाद भी सोशल मीडिया पर विवाद लगातार बढ़ता गया और अब यह धमकी वाले वीडियो तक पहुंच गया।

इधर हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं ने भी पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लगातार उनके नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और राजनीतिक माहौल खराब करने की कोशिश हो रही है। पार्टी के जिलाध्यक्ष नारायण मांझी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर सुरक्षा बढ़ाने की मांग भी की थी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया अब बिहार की राजनीति में बड़ा हथियार बनता जा रहा है। छोटी घटनाएं भी कुछ ही घंटों में वायरल होकर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाती हैं। ऐसे में नेताओं के खिलाफ धमकी या भड़काऊ पोस्ट प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति या जनप्रतिनिधि को धमकी देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट की लगातार निगरानी की जा रही है। अगर कोई व्यक्ति कानून हाथ में लेने या हिंसा भड़काने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आरोपी ने सिर्फ व्यक्तिगत गुस्से में वीडियो बनाया था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। पुलिस फिलहाल हर पहलू पर जांच कर रही है और कई तकनीकी सबूत जुटाए जा रहे हैं।

उधर गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के समर्थकों ने राहत की सांस ली है। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को धमकी देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

फिलहाल आरोपी राजेंद्र राय उर्फ सरदार से पूछताछ जारी है और पुलिस आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और खुलासे होने की संभावना जता रही है। बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बने इस मामले पर अब सबकी नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • ये भी पढ़े..

    टेंडर घोटाले और BPSC परीक्षा पर जन सुराज का हमला, न्यायिक निगरानी में जांच की मांग; कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल

    Share Add as a preferred…

    गयाजी, राजगीर और नालंदा को मिलेगा नया पर्यटन स्वरूप, अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं और बड़े निवेश की तैयारी तेज

    Share Add as a preferred…