
किशनगंज, 22 मई 2026। किशनगंज जिले में कानून और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के प्रशासनिक अभियानों के बीच पुलिस और अपराधियों के बीच आमने-सामने की भिड़ंत की एक बड़ी खबर सामने आई है। किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के फरिंगगोला रेलवे फाटक के पास स्थित चौहान बस्ती में बुधवार की देर रात पुलिस और अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के बदमाशों के बीच तीखी मुठभेड़ हो गई। इस आमने-सामने की गोलीबारी में एक कुख्यात और शातिर अपराधी पैर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने मौके पर ही धर-दबोचा।
वहीं दूसरी ओर, अपराधियों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए किशनगंज पुलिस के दो जांबाज दारोगा भी इस हिंसक झड़प में चोटिल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जिले के तमाम आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना के बाद से पूरे प्रक्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस बल की मुस्तैदी देखी जा रही है।
खुफिया सूचना और पुलिस की घेराबंदी: घने अंधेरे में बदमाशों ने शुरू की फायरिंग
घटनाक्रम के अनुसार, किशनगंज जिला पुलिस प्रशासन को बुधवार की रात एक बेहद पुख्ता और सटीक खुफिया जानकारी हाथ लगी थी। गुप्तचरों ने इनपुट दिया था कि विभिन्न राज्यों में सक्रिय एक बड़े बाइक चोर गिरोह के कुछ शातिर सदस्य किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने के मकसद से शहर की चौहान बस्ती इलाके में चोरी की गाड़ियों के साथ जुटे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए सदर थाना पुलिस और जिला खुफिया इकाई (DIU) की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया।
यह पुलिस टीम बिना किसी देरी के रात के करीब साढ़े ग्यारह बजे चिन्हित स्थान की ओर रवाना हुई। जैसे ही पुलिस के वाहनों की आहट पाकर बदमाशों को चारों तरफ से घेराबंदी का एहसास हुआ, वैसे ही गिरोह के सदस्य घने अंधेरे का फायदा उठाकर भागने का प्रयास करने लगे। पुलिस के जवानों ने जब रास्ता रोककर उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा, तो खुद को कानून के शिकंजे में पूरी तरह फंसता देख एक शातिर बदमाश ने भागने की कोशिश में पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए सीधे गोलियां दागनी शुरू कर दीं।
आत्मरक्षार्थ पुलिस की जवाबी कार्रवाई: दो जांबाज पुलिस अधिकारी हुए चोटिल
अपराधी की तरफ से अचानक हुई इस प्रखर फायरिंग के कारण पुलिस टीम के समक्ष अपनी और स्थानीय नागरिकों की रक्षा करने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई। पुलिस टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत अपनी पोजीशन ली और आत्मरक्षा में नियंत्रित तरीके से जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई इस संक्षिप्त मुठभेड़ के दौरान पुलिस की एक गोली सीधे तौर पर भाग रहे बदमाश के पैर में जा धंसी, जिससे वह चिल्लाते हुए वहीं जमीन पर गिर पड़ा।
इस साहसिक जवाबी कार्रवाई के दौरान गिरोह की तरफ से चलाई गई गोलियों के छर्रे लगने से किशनगंज सदर थाने के अवर निरीक्षक नीतीश कुमार और डीआईयू प्रभारी मुश्ताक आलम भी घायल हो गए। अचानक हुई इस मुठभेड़ की आवाज से आसपास की बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस के अन्य जवानों ने तुरंत घायल दोनों अधिकारियों और जख्मी बदमाश को अपने वाहन में लादकर इलाज के लिए किशनगंज सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया। चिकित्सा कप्तानों के अनुसार, शुरुआती इलाज के बाद दोनों पुलिस पदाधिकारियों की स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर पाई गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
डीएम और एसपी ने आधी रात को किया घटना स्थल का भौतिक निरीक्षण
आधी रात को शहर के मुहाने पर पुलिस और अपराधियों के बीच गोलियां चलने की इस सनसनीखेज सूचना से प्रशासनिक महकमे के भीतर सांगठनिक हलचल तेज हो गई। वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए किशनगंज के डीएम विशाल राज, एसपी संतोष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ वन) खुशरू सिराज भारी अतिरिक्त पुलिस बल और कमांडो के दस्ते के साथ तुरंत आधी रात को ही चौहान बस्ती स्थित घटना स्थल पर पहुंचे।
अधिकारियों ने पूरे प्रक्षेत्र की भौगोलिक अवस्थिति का बारीकी से जायजा लिया और ग्राउंड जीरो पर तैनात जवानों से मुठभेड़ की कड़ियों की पूरी जानकारी ली। एसपी संतोष कुमार ने स्वयं घटना स्थल की कड़क घेराबंदी कर कनिष्ठ जासूसों को वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल भी जाना और उनकी त्वरित बहादुरी की सराहना की।
पकड़े गए बदमाश पवन का लंबा आपराधिक इतिहास: कई जिलों में दर्ज हैं मामले
पुलिस अभिरक्षा में लिए गए और गोली लगने से घायल हुए शातिर बदमाश की पहचान पवन कुमार उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो पड़ोसी जिले कटिहार के रौतारा थाना क्षेत्र का मूल निवासी है। पुलिस के जासूसी रिकॉर्ड के अनुसार, पवन कुमार उर्फ चिंटू कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का मुख्य सदस्य है। किशनगंज के एसपी संतोष कुमार ने बताया कि पकड़े गए इस शातिर चोर का एक लंबा और गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है।
उसके खिलाफ बिहार की राजधानी पटना सहित मधुबनी और अररिया जैसे सीमावर्ती जिलों के विभिन्न थानों में चोरी, लूटपाट, छिनतई और आर्म्स एक्ट के कम से कम एक दर्जन (12 से अधिक) विधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस की विशेष विंग काफी समय से इसके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई थी। मुठभेड़ के बाद जब पुलिस के खोजी दस्तों ने घटना स्थल और उसके आस-पास के झाड़ियों वाले प्रक्षेप की सघन तलाशी ली, तो वहां से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद कर जब्त की गईं:
- अवैध आग्नेयास्त्र: वारदात में पुलिस पर फायरिंग के लिए प्रयुक्त की गई एक अवैध पिस्तौल।
- गोला-बारूद: अपराधियों द्वारा मौके पर फायर किए गए कारतूसों के खोखे और कतिपय जिंदा कारतूस।
- चोरी का वाहन: मौके से गिरोह द्वारा इस्तेमाल की जा रही चोरी की एक मोटरसाइकिल।
तकनीकी और विधिक अनुसंधान जारी, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज
किशनगंज एसपी संतोष कुमार ने पूरे मामले पर आधिकारिक स्टैंड स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह के खिलाफ पुलिस का यह कड़ा अभियान निरंतर जारी रहेगा। चौहान बस्ती में जुटे गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान और धरपकड़ के लिए तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल टावर डंप डेटा की पैनी स्क्रूटनी की जा रही है।
पुलिस की टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि इस सिंडिकेट के तार किन-किन अन्य राज्यों और जिलों के कबाड़ व्यवसाइयों से जुड़े हैं जो चोरी की गाड़ियों के विन्यास को ठिकाने लगाने या उनके कल-पुर्जे बेचने का काम करते थे। फिलहाल घायल बदमाश पवन कुमार उर्फ चिंटू का पुलिस पहरे के बीच अस्पताल में इलाज चल रहा है, और उसकी स्थिति स्थिर होने पर उसे विधिक अदालत के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की अग्रिम कानूनी कार्रवाई ससमय मुकम्मल की जाएगी।


