
पटना, 21 मई 2026। बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग में गुरुवार को नई प्रशासनिक ऊर्जा देखने को मिली, जब विभाग में नव-नियुक्त आठ खनिज विकास पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से योगदान दिया। राज्य सरकार ने इसे बिहार के खनन क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनसे ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
पटना स्थित विभागीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने सभी अधिकारियों को “शुभकामना पत्र” प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सचिव और निदेशक स्तर के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि नई नियुक्तियों से खनन प्रशासन को मजबूती मिलेगी और राज्य के खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता प्राप्त होगी।
अपने संबोधन में खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार खनिज संपदा के मामले में संभावनाओं से भरपूर राज्य है। राज्य में बालू, पत्थर, चूना पत्थर और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्र केवल राजस्व का स्रोत नहीं बल्कि रोजगार, आधारभूत संरचना और औद्योगिक विकास से भी जुड़ा हुआ क्षेत्र है। ऐसे में नए अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
मंत्री ने कहा कि सरकार और विभाग दोनों नव-नियुक्त अधिकारियों को हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने कार्यकाल के दौरान जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि बिहार का खनन प्रशासन राष्ट्रीय स्तर पर एक बेहतर मॉडल के रूप में स्थापित हो।
डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है। अवैध खनन, पर्यावरणीय चुनौतियां और राजस्व हानि जैसे मुद्दों से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मजबूत निगरानी और प्रभावी कार्यशैली की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए अधिकारी आधुनिक सोच और नई ऊर्जा के साथ विभाग को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह ने भी नव-नियुक्त अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में अनुशासन, जवाबदेही और जनहित को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव को जमीनी स्तर पर लागू करना बेहद आवश्यक है। यदि अधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से काम करें तो खनन प्रशासन को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
सचिव ने कहा कि बिहार सरकार खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और बेहतर निगरानी व्यवस्था लागू करने की दिशा में काम कर रही है। डिजिटल ट्रैकिंग, ई-परमिट व्यवस्था और पारदर्शी प्रशासनिक प्रक्रिया के माध्यम से विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। नए अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इन आधुनिक व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करेंगे।
विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी नव-नियुक्त खनिज विकास पदाधिकारी 25 मई 2026 से बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षण के बाद उन्हें उनके निर्धारित जिलों में पदस्थापित किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें खनन कानून, पर्यावरणीय मानक, प्रशासनिक प्रक्रियाएं, डिजिटल निगरानी प्रणाली और राजस्व प्रबंधन से संबंधित जानकारी दी जाएगी।
खनन विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में खनन क्षेत्र की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। राज्य में निर्माण कार्यों, सड़क परियोजनाओं और शहरी विकास के कारण खनिज संसाधनों की मांग में वृद्धि हो रही है। ऐसे में प्रभावी प्रशासन और निगरानी व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। नए अधिकारियों की नियुक्ति को इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि खनन गतिविधियों का संचालन संतुलित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप किया जाए तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। लेकिन इसके लिए अवैध खनन पर नियंत्रण और राजस्व संग्रह प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक होगा।
कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि नए अधिकारियों के आने से विभाग को नई कार्यशैली और नई सोच का लाभ मिलेगा। युवा अधिकारी तकनीकी रूप से अधिक दक्ष होते हैं और डिजिटल व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में सक्षम होते हैं। इससे विभागीय कार्यों की गति और पारदर्शिता दोनों बढ़ सकती हैं।
राज्य सरकार खनन क्षेत्र को केवल राजस्व तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे विकास और रोजगार से जोड़ने की रणनीति पर भी काम कर रही है। विभागीय स्तर पर कई नई योजनाओं और नीतियों पर विचार किया जा रहा है ताकि खनिज संसाधनों का उपयोग संतुलित तरीके से हो सके और पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे।
नव-नियुक्त अधिकारियों ने भी इस अवसर पर विभाग और सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद वे अपने-अपने जिलों में बेहतर प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
बिहार सरकार की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य में आधारभूत संरचना परियोजनाओं और निर्माण गतिविधियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में खनन क्षेत्र की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। माना जा रहा है कि नए खनिज विकास पदाधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय कार्यों में तेजी आएगी और राज्य के खनन प्रशासन को नई दिशा मिलेगी।


