
जमुई/खैरा, 21 मई 2026। जमुई जिले के खैरा थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शांत और ग्रामीण कहरडीह गांव में बुधवार के तड़के अंधविश्वास, अनियंत्रित मानसिक सनक और आत्मघाती शक के चलते एक बेहद अमानवीय और रूह कांपने वाली खूनी वारदात दर्ज की गई। एक कलयुगी पति ने पवित्र वैवाहिक विन्यासों को पूरी तरह से तार-तार करते हुए अपनी ही धर्मपत्नी की धारदार हंसुआ से गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी।
इस जघन्य और वीभत्स हत्याकांड के लाइव मोड पर आते ही संपूर्ण कहरडीह गांव और आस-पास के ग्रामीण इलाकों के भीतर भारी सनसनी, गहरा आक्रोश और प्रशासनिक हड़कंप की अवस्थिति निर्मित हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारे पति के भीतर कानून या लोक-लाज का कोई आंशिक डर संधारित परिलक्षित नहीं हुआ, और वह खूनी हथियार के साथ मृतका के क्षत-विक्षत शव के समीप ही कमरे के भीतर बैठा रहा। भोर के उजाले में जब इस सामूहिक विसंगति और खूनी खेल की भनक स्थानीय ग्रामीणों को हस्तगत हुई, तो घटना स्थल पर सैकड़ों उद्वेलित नागरिकों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद खैरा थाना पुलिस को विधिक सूचना दी गई।
घरेलू विवाद और अवैध संबंध का विषैला शक: तड़के सुबह बना खूनी चक्रव्यूह
कहरडीह गांव के धरातलीय सूत्रों और पुलिस की जासूसी विंग से संकलित प्राथमिक विलेखों के अनुसार, मृतका की पहचान 45 वर्षीय उगनी देवी के रूप में मुकम्मत की गई है, जो कहरडीह गांव के ही मूल निवासी गगन मांझी की धर्मपत्नी थी। गगन मांझी और उगनी देवी का दांपत्य जीवन पिछले कतिपय महीनों से गंभीर वैचारिक मतभेदों, अनवरत जारी रहने वाले घरेलू विवादों और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा था।
आरोपी गगन मांझी के दिमाग में अपनी पत्नी के चरित्र और उसके कतिपय बाहरी संपर्कों को लेकर अवैध संबंध का एक गहरा और विषैला शक संधारित हो चुका था। इस निराधार शक के चक्रव्यूह के कारण घर के भीतर आए दिन तीखी नोक-झोंक और मारपीट की प्रविष्टियां लाइव होती रहती थीं। बुधवार की भोर में, जब उगनी देवी अपने कमरे के भीतर पूरी तरह अचेत अवस्था में सोई हुई थी, तभी गगन मांझी के भीतर प्रतिशोधात्मक पागलपन का ग्राफ अचानक चरम पर पहुंच गया। उसने अपनी सोई हुई पत्नी की जीवन लीला को हमेशा के लिए ब्लॉक करने की एक खौफनाक और सोची-समझी पटकथा को धरातल पर क्रियान्वित करने का निर्णय लिया।
खेती के हंसुआ से रेता गला: तड़प-तड़प कर सोए हुए बिस्तर पर ही थमीं सांसें
आरोपी गगन मांझी ने अपने घर के भीतर रखे कृषि कार्यों में प्रयुक्त होने वाले अत्यधिक धारदार लोहे के हंसुआ को निकाला और सोई हुई उगनी देवी के समीप अत्यंत दबे पांव प्रविष्ट हुआ। इससे पहले कि सोई हुई महिला को किसी भी प्रकार के खतरे का तनिक भी आभास हो पाता या वह आत्मरक्षार्थ चिल्लाने का प्रयास कर पाती, गगन मांझी ने पूरी क्रूरता के साथ उसके बालों को दबोचा और हंसुआ से उसके गले पर प्रखर वार करते हुए गहरी रेत डाल दी।
हंसुआ के इस जानलेवा और प्रखर प्रहार के कारण उगनी देवी की श्वास नली और मुख्य रक्त धमनियां पूरी कड़ाई से कट गईं। अत्यधिक रक्तस्राव होने और गले से चीख बाहर न आ पाने के कारण वह बिस्तर पर ही कुछ मिनटों तक तड़पती रही और तड़प-तड़प कर ऑन-स्पॉट उसकी सांसें पूरी तरह से थम गईं। बिस्तर पूरी तरह से खून के मलबे में तब्दील हो गया और एक हंसते-खेलते परिवार का अंत अमानवीयता के इस चरम बिंदु पर संधारित हुआ।
वारदात के बाद शव के पास बैठा रहा कातिल पति, सुबह ग्रामीणों ने देखा विस्मयकारी नजारा
इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला और वीभत्स पहलू वारदात के बाद पटल पर आया। उगनी देवी की भौतिक रूप से हत्या करने के बाद आरोपी पति गगन मांझी के चेहरे पर पश्चाताप या भागने की कोई तड़प नहीं दिखी। वह खून से सने उसी हंसुआ को हाथ में थामे, अपनी पत्नी के लहूलुहान शव के बिल्कुल बगल में उसी कमरे के फर्श पर सुन्न होकर बैठ गया। वह पूरी रात और तड़के सुबह तक उसी अवस्थिति में कमरे को भीतर से लॉक कर बैठा रहा।
बुधवार की सुबह जब काफी देर तक उगनी देवी के घर के कपाट नहीं खुले और भीतर से किसी प्रकार की दैनिक हलचल संधारित नहीं हुई, तो आस-पड़ोस की महिला कप्तानों और परिजनों को आंशिक संदेह हुआ। पड़ोसियों ने जब बंद कमरे की खिड़कियों और किवाड़ के झरोखों से भीतर झांकने का प्रयास किया, तो अंदर का विजुअल नजारा पूरी तरह से रूह कंपा देने वाला था। उगनी देवी का शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था और गगन मांझी शांत मुद्रा में पास ही बैठा हुआ था। इस खौफनाक दृश्य को देखते ही महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया, जिसके बाद देखते ही देखते पूरे कहरडीह गांव के भीतर कोहराम मच गया और मौके पर सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों का सांगठनिक जमावड़ा मुस्तैद हो गया।
खैरा थाना पुलिस की भारी मुस्तैदी: शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, हत्यारा गिरफ्तार
उद्वेलित ग्रामीणों के सिंडिकेट द्वारा दूरभाष के माध्यम से इस वीभत्स घरेलू हत्याकांड की विधिक इनपुट जैसे ही खैरा थाना पुलिस के आला कप्तानों को हस्तगत कराई गई, प्रशासनिक मशीनरी तुरंत पूरी क्षमता के साथ अलर्ट मोड पर लाइव हो गई। खैरा थानाध्यक्ष के कुशल विनिर्देश पर पुलिस बलों और सशस्त्र जवानों का एक बड़ा दस्ता आक्रामक गति से कहरडीह गांव के घटना स्थल पर जा धमका। पुलिस ने सबसे पहले उग्र हो रहे ग्रामीणों को नियंत्रित कर घटना स्थल की विधिक घेराबंदी (कॉर्डन ऑफ) मुकम्मल की।
पुलिस के जवानों ने कमरे के भीतर प्रविष्ट होकर मृतका उगनी देवी के शव को अपने विधिक कब्जे में ले लिया, और मौके पर ही फर्श पर बैठे मुख्य आरोपी पति गगन मांझी को बिना किसी प्रतिरोध के धर-दबोचा। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त किए गए मुख्य खून से सने धारदार हंसुआ को फॉरेंसिक साक्ष्य के रूप में ऑन-स्पॉट जब्त कर अपनी सीलबंद संचिका में रख लिया है। खैरा थाना पुलिस ने मृतका के शव का आधिकारिक पंचनामा (इनक्वेस्ट रिपोर्ट) तैयार करने के उपरांत उसे कड़े सुरक्षा घेरे में पोस्टमार्टम प्रक्रम के लिए जमुई सदर अस्पताल के विंग में प्रेषित कर दिया है।
पुलिस कप्तानों ने बताया कि मृतका के सहोदर मायके पक्ष के सदस्यों और ग्रामीणों के लिखित फर्दबयान के आधार पर आरोपी पति गगन मांझी के खिलाफ हत्या की विधिक सुसंगत और कड़क धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। केस डायरी के विन्यासों को अभेद्य बनाने के लिए जासूसी विंग पारिवारिक पृष्ठभूमि और विवाद के अन्य कनिष्ठ कड़ियों की सघन स्क्रूटनी में मुस्तैद है, तथा गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की अग्रिम विधिक कार्रवाई को न्यूनतम समय के भीतर लाइन-अप किया जा रहा है।


