
पटना, 20 मई 2026। वैश्विक स्तर पर तेल और गैस क्षेत्र में जारी अनिश्चितताओं के बीच बिहार में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन वितरण पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और सभी पेट्रोल पंपों तथा एलपीजी वितरण केंद्रों पर नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने से बचें।
, और समेत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने कहा है कि बिहार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की उपलब्धता पूरी तरह स्थिर है। राज्य के सभी प्रमुख आपूर्ति केंद्र, डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
तेल कंपनियों के अनुसार बिहार में ईंधन वितरण प्रणाली को लगातार सक्रिय रखा गया है ताकि आम लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कंपनियों ने कहा कि राज्य में सभी पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा मानकों और संचालन नियमों के अनुसार नियमित रूप से ईंधन वितरण किया जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार बिहार में कुल 3697 रिटेल आउटलेट संचालित हो रहे हैं। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के 3590 पेट्रोल पंप शामिल हैं, जबकि 107 निजी क्षेत्र के आउटलेट हैं। राज्य में तेल आपूर्ति के लिए कुल आठ प्रमुख सप्लाई लोकेशन भी सक्रिय हैं, जहां से विभिन्न जिलों तक ईंधन पहुंचाया जा रहा है।
तेल कंपनियों ने बताया कि बिहार में प्रतिदिन लगभग 5700 किलोलीटर पेट्रोल और करीब 9000 किलोलीटर डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए आपूर्ति श्रृंखला को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र में कमी की स्थिति न बने।
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में राज्य के विभिन्न डिपो और वितरण केंद्रों पर पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार लगातार नए स्टॉक की आपूर्ति भी की जा रही है। कंपनियों ने कहा कि वास्तविक उपभोक्ता मांग को पूरा करने के लिए सभी स्तरों पर समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।
एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी कंपनियों ने स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई है। बिहार में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्यभर में लगभग 2000 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति की जा रही है। कंपनियों के अनुसार डिलीवरी व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हालांकि तेल कंपनियों ने यह भी जानकारी दी कि फिलहाल बिहार में एलपीजी वितरण का बैकलॉग लगभग साढ़े चार दिन का है। इसके बावजूद आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त लॉजिस्टिक व्यवस्था के जरिए जल्द ही इस बैकलॉग को कम कर लिया जाएगा।
कंपनियों ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और पहल योजना के लाभार्थियों से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने की अपील भी की है। अधिकारियों ने कहा कि एलपीजी सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए उपभोक्ताओं को समय पर ई-केवाईसी पूरा करना आवश्यक है। इसके लिए उपभोक्ता अपने गैस एजेंसी या अधिकृत केंद्रों से संपर्क कर सकते हैं।
तेल विपणन कंपनियों ने कहा कि वे राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। लॉजिस्टिक्स, स्टॉक प्रबंधन और वितरण योजना को लेकर सभी कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है ताकि राज्य के किसी भी हिस्से में ईंधन की कमी न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के दिनों में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। ऐसे समय में राज्यों में ईंधन उपलब्धता बनाए रखना बड़ी चुनौती माना जाता है। बिहार में तेल कंपनियों की ओर से लगातार आपूर्ति बनाए रखना उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है।
कई जिलों में हाल के दिनों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें भी फैल रही थीं। कुछ जगहों पर लोगों ने एहतियात के तौर पर जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया था। इसी को देखते हुए तेल कंपनियों ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि राज्य में किसी प्रकार की कमी नहीं है और ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।
अधिकारियों ने कहा कि घबराहट में अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने से वितरण प्रणाली पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। यदि लोग सामान्य तरीके से खरीदारी जारी रखें, तो आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी। कंपनियों ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
तेल कंपनियों का कहना है कि बिहार के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार टैंकरों की आवाजाही जारी है। सभी डिपो और वितरण केंद्रों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में आम उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि राज्य में ईंधन की स्थिर उपलब्धता परिवहन, कृषि, उद्योग और घरेलू जरूरतों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई प्रभावित होने पर इसका सीधा असर आम जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है। ऐसे में तेल कंपनियों की ओर से जारी यह आश्वासन लोगों के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
फिलहाल बिहार में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और तेल कंपनियां लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। कंपनियों ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, सामान्य खरीदारी करें और ईंधन उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।


