भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई, एफआईआर तक दर्ज होगी: जहानाबाद दौरे पर बोले आईजी विकास वैभव

जहानाबाद, 20 मई 2026: मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है। जहानाबाद दौरे के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही नहीं बल्कि एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।

आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिसिंग का मूल उद्देश्य जनता को न्याय और सुरक्षा देना है। अगर कानून लागू करने वाले ही भ्रष्टाचार में शामिल होंगे तो आम लोगों का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विभाग में “जीरो टॉलरेंस नीति” को पूरी सख्ती से लागू किया जाएगा।

जहानाबाद पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

मंगलवार को जहानाबाद पहुंचने पर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से आईजी विकास वैभव का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पुष्पगुच्छ और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

इसके बाद पुलिस लाइन में सम्मान गार्ड द्वारा उन्हें सलामी दी गई। आईजी के आगमन को लेकर पूरे पुलिस महकमे में विशेष उत्साह देखा गया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच उनके दौरे को लेकर पहले से तैयारी की गई थी।

स्थानीय प्रशासन ने इसे महत्वपूर्ण समीक्षा दौरा बताया, क्योंकि हाल के दिनों में अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध और पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर कई मुद्दे चर्चा में रहे हैं।

अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था की हुई समीक्षा

दौरे के दौरान आईजी विकास वैभव ने जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण व्यवस्था की गहन समीक्षा की। समाहरणालय स्थित सभागार में पुलिस अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, साइबर सेल अधिकारी, यातायात पुलिस अधिकारी, पुलिस निरीक्षक और जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे।

समीक्षा बैठक में आईजी ने थाना स्तर पर लंबित मामलों, अपराध दर, वारंट निष्पादन, शराबबंदी अभियान, साइबर अपराध और संवेदनशील मामलों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।

उन्होंने सभी थानाध्यक्षों से क्रमवार परिचय प्राप्त किया और उनके कार्यक्षेत्र की चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की।

भ्रष्टाचार पर सख्त चेतावनी

बैठक के दौरान आईजी विकास वैभव ने सबसे ज्यादा जोर पुलिस विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि तभी मजबूत होगी जब विभाग ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ काम करेगा।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सिर्फ निलंबन ही नहीं बल्कि आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा।

आईजी ने कहा कि जनता पुलिस से न्याय की उम्मीद करती है। इसलिए पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए निष्पक्ष और ईमानदार कार्यशैली अपनानी होगी।

उनके इस बयान को पुलिस विभाग के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है।

आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर

आईजी विकास वैभव ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना बेहद जरूरी है। अगर लोगों का भरोसा पुलिस पर मजबूत होगा तो अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

आईजी ने यह भी कहा कि पुलिसिंग सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।

साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

बैठक में साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विशेष चर्चा हुई। आईजी ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए पुलिस को तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनने की जरूरत है।

उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

महिला सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

शराबबंदी कानून के पालन पर भी निर्देश

बिहार में लागू शराबबंदी कानून को लेकर भी आईजी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहना चाहिए।

आईजी ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून को प्रभावी तरीके से लागू करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अनुशासित और जनोन्मुख पुलिसिंग पर जोर

आईजी विकास वैभव ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पुलिस बल को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए जिससे आम लोगों का भरोसा और मजबूत हो।

उन्होंने अधिकारियों को सक्रिय पुलिसिंग अपनाने और संवेदनशील मामलों में तत्परता दिखाने की सलाह दी।

आईजी ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक, व्यवहार और त्वरित प्रतिक्रिया तीनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

पुलिस महकमे में दिखा असर

आईजी के सख्त रुख का असर पुलिस महकमे में भी देखने को मिला। कई अधिकारियों ने माना कि विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण संदेश है।

जानकारों का कहना है कि विकास वैभव की छवि एक सख्त और ईमानदार अधिकारी की रही है। ऐसे में उनके बयान को विभागीय सुधार की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।

जनता को बेहतर सुरक्षा देने की तैयारी

दौरे के अंत में आईजी ने कहा कि पुलिस विभाग का लक्ष्य सिर्फ अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं बल्कि आम लोगों को सुरक्षित वातावरण देना भी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर संबंध बनाकर ही अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए पुलिस बल को लगातार प्रशिक्षित और आधुनिक बनाया जा रहा है।

फिलहाल जहानाबाद दौरे के दौरान आईजी विकास वैभव का भ्रष्टाचार के खिलाफ दिया गया सख्त संदेश पूरे मगध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में अब इसे लेकर गंभीरता से मंथन शुरू हो गया है।

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