
ऑनलाइन दवा बिक्री (ई-फार्मेसी) के विरोध में All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) के आह्वान पर बुधवार को देशभर में 24 घंटे के लिए दवा दुकानें बंद रहीं। इसका व्यापक असर Bihar में भी देखने को मिला।
बिहार में व्यापक असर
राजधानी Patna समेत पूरे राज्य में:
- लगभग 40 हजार दवा दुकानें बंद रहीं
- पटना में करीब 7 हजार थोक और खुदरा मेडिकल स्टोर बंद रहे
- मरीजों और ग्राहकों को दवाएं लेने में परेशानी हुई
हालांकि, इमरजेंसी जरूरतों को देखते हुए कुछ चुनिंदा दुकानें खुली रखी गईं।
मसौढ़ी में भी बंद रहीं 150 दुकानें
Masaurhi अनुमंडल में करीब 150 मेडिकल दुकानों ने बंद में हिस्सा लिया।
Bihar Chemists Association के अध्यक्ष Mukesh Kumar ने कहा कि:
- ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं
- नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री युवाओं के लिए खतरा बन रही है
- ऑफलाइन दुकानों पर सख्त नियम लागू हैं, लेकिन ई-फार्मेसी कंपनियों को छूट मिल रही है
केमिस्ट संगठनों की प्रमुख मांगें
दवा विक्रेताओं की मांगें हैं:
- ई-फार्मेसी पर रोक लगे
- ऑनलाइन और ऑफलाइन विक्रेताओं के लिए समान कानून बने
- नशीली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्त नियंत्रण हो
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
Mukesh Kumar ने चेतावनी दी कि:
- यदि सरकार ने मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया
- तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है
AIOCD का क्या कहना है?
All India Organisation of Chemists and Druggists का कहना है कि:
- बड़ी ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर बाजार संतुलन बिगाड़ रही हैं
- छोटे और पारंपरिक मेडिकल स्टोर आर्थिक संकट में हैं
- कई दुकानों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है
यह आंदोलन देशभर में पारंपरिक दवा विक्रेताओं और ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों के बीच बढ़ते टकराव को दिखाता है।


