
मुजफ्फरपुर, 20 मई 2026: बिहार में लागू शराबबंदी कानून एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला किसी आम नागरिक का नहीं बल्कि पुलिस विभाग से जुड़ा हुआ है। मुजफ्फरपुर जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वर्दीधारी पुलिसकर्मी खुलेआम शराब पीता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है और राज्य की शराबबंदी नीति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
वायरल वीडियो को लेकर आम लोगों से लेकर राजनीतिक गलियारों तक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जब कानून लागू करवाने वाले ही नियम तोड़ते नजर आएंगे तो आम जनता के बीच कानून का भय कैसे बनेगा। फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों को असहज कर दिया है।
कटरा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा वीडियो
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक यह घटना बकूची चौक के पास की है, जहां डायल 112 सेवा में तैनात एक पुलिसकर्मी कथित रूप से सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहा था।
वीडियो में पुलिसकर्मी बेहद बेफिक्र अंदाज में दिखाई दे रहा है। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन से पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि आखिर बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून का पालन करवाने वाले ही अगर नियम तोड़ेंगे तो व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी।
पुलिसकर्मी की पहचान को लेकर चर्चा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे जवान की पहचान पीटीसी सफकत खान के रूप में की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह डायल 112 सेवा में कार्यरत हैं और कटरा थाना क्षेत्र में तैनात थे।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस विभाग फिलहाल पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है। माना जा रहा है कि वीडियो की सत्यता की जांच के बाद संबंधित कर्मी पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है।
शराबबंदी कानून पर फिर खड़े हुए सवाल
बिहार में कई वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य सरकार लगातार दावा करती रही है कि शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू किया जा रहा है। शराब की खरीद-बिक्री, परिवहन और सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। शराब पीते पकड़े जाने पर आम लोगों को जेल, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में जब खुद पुलिस विभाग का कर्मचारी शराब पीते हुए दिखाई देता है तो लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि आम आदमी पर कार्रवाई तुरंत हो जाती है, लेकिन अब देखना होगा कि पुलिस विभाग अपने कर्मी पर क्या कदम उठाता है।
कई लोगों ने यह भी कहा कि अगर कानून सबके लिए बराबर है तो पुलिसकर्मियों पर भी वही कार्रवाई होनी चाहिए जो आम नागरिकों पर होती है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि पुलिस अक्सर शराबबंदी कानून के नाम पर आम लोगों के खिलाफ अभियान चलाती है, लेकिन अब खुद विभाग सवालों के घेरे में आ गया है।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर शराबबंदी कानून का पालन सिर्फ कागजों तक सीमित दिखाई देता है। ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
लोगों ने यह भी मांग की कि अगर वीडियो सही पाया जाता है तो संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कानून की विश्वसनीयता बनी रहे।
विपक्ष को मिला सरकार पर हमला बोलने का मौका
वायरल वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष लंबे समय से बिहार की शराबबंदी नीति को असफल बताते रहा है। अब इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि राज्य में शराबबंदी केवल दिखावा बनकर रह गई है। उनका आरोप है कि शराबबंदी कानून का सबसे ज्यादा दुरुपयोग गरीब और आम लोगों के खिलाफ होता है, जबकि प्रभावशाली लोग और सिस्टम से जुड़े लोग बच निकलते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
सोशल मीडिया पर तेज बहस
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने पुलिस विभाग की आलोचना की है, जबकि कुछ लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि अगर वीडियो असली है तो यह बेहद गंभीर मामला है। वहीं कुछ लोगों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
फिलहाल वीडियो को लेकर फेसबुक, एक्स और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर लगातार चर्चा हो रही है।
पुलिस प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल
अब तक मुजफ्फरपुर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यही वजह है कि लोगों के बीच उत्सुकता और सवाल दोनों बढ़ रहे हैं।
हालांकि सूत्रों का कहना है कि विभागीय स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया गया है और वीडियो की जांच कराई जा रही है। अगर वीडियो प्रमाणित होता है तो संबंधित कर्मी पर विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पुलिस विभाग के लिए यह मामला इसलिए भी चुनौतीपूर्ण बन गया है क्योंकि इसमें विभाग की छवि सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है।
शराबबंदी व्यवस्था पर फिर शुरू हुई बहस
इस घटना ने एक बार फिर बिहार की शराबबंदी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। राज्य में शराबबंदी लागू होने के बावजूद समय-समय पर शराब तस्करी, अवैध कारोबार और शराब सेवन के मामले सामने आते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानून की सफलता केवल सख्ती से नहीं बल्कि समान रूप से लागू होने से तय होती है। अगर कानून लागू करवाने वाले ही नियम तोड़ते दिखाई दें तो जनता के बीच उसका प्रभाव कमजोर पड़ता है।
फिलहाल मुजफ्फरपुर का यह वायरल वीडियो पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब लोगों की नजर पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में क्या कदम उठाया जाता है।


