
पटना, 20 मई 2026: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर महंगाई को लेकर तीखा हमला बोला है। पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि देश की जनता पहले से परेशान है, लेकिन केंद्र सरकार राहत देने के बजाय जिम्मेदारियों से बचती नजर आ रही है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि “पेट्रोल-डीजल के दाम अभी और बढ़ेंगे, प्रधानमंत्री डबल सेंचुरी करके रहेंगे।”
तेजस्वी यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में महंगाई, ईंधन की कीमतें और रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम लगातार राजनीतिक बहस का विषय बने हुए हैं। उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बयानबाजी शुरू हो गई है और विपक्ष तथा सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
प्रधानमंत्री के नॉर्वे दौरे पर भी उठाए सवाल
पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में कई अहम मुद्दे मौजूद हैं, जिन पर सरकार को जनता के सामने जवाब देना चाहिए।
तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री को जनता के सवाल सुनने और मीडिया के सामने खुलकर जवाब देने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस से बचते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “आज तक प्रधानमंत्री ने प्रेस वार्ता नहीं की। वे आते हैं, अपनी बात कहते हैं और फिर कठिन सवालों से बच निकलते हैं। लोकतंत्र में जवाबदेही जरूरी होती है।”
तेजस्वी के इस बयान को विपक्ष द्वारा लंबे समय से उठाए जा रहे उस मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री की मीडिया से दूरी को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं।
महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
तेजस्वी यादव ने सबसे ज्यादा हमला महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बोला। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पहले से ही बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, स्वास्थ्य खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। ऐसे में ईंधन के दाम बढ़ने से हर चीज महंगी हो जाती है।
तेजस्वी ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी होती है कि संकट के समय जनता को राहत दे, लेकिन मौजूदा हालात में लोगों को राहत मिलने के बजाय महंगाई का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अब लोगों को यह सलाह देने लगी है कि क्या खरीदना चाहिए और क्या नहीं। विपक्ष का आरोप है कि यह आम जनता की वास्तविक परेशानियों से ध्यान हटाने की कोशिश है।
“डबल सेंचुरी” वाले बयान पर सियासत तेज
तेजस्वी यादव का “डबल सेंचुरी” वाला बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें इतनी बढ़ सकती हैं कि प्रधानमंत्री कीमतों की “डबल सेंचुरी” करवा देंगे।
उनका इशारा इस बात की ओर था कि अगर कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही तो ईंधन के दाम ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए दिया गया है, क्योंकि महंगाई हमेशा से जनता के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा रही है।
विपक्ष लगातार बना रहा दबाव
देशभर में विपक्षी दल लगातार महंगाई और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस, राजद समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम आदमी की जिंदगी पर पड़ता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन खर्च बढ़ता है, जिससे सब्जियों, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में भी तेजी आती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत जैसे देश में ईंधन कीमतें केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था पर असर डालती हैं।
सत्ता पक्ष ने किया पलटवार
तेजस्वी यादव के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने भी पलटवार शुरू कर दिया है। सत्ता पक्ष के नेताओं का कहना है कि विपक्ष केवल बयानबाजी कर रहा है और जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और कच्चे तेल की कीमतों का असर भारत पर भी पड़ता है। सरकार लगातार आर्थिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है।
कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि विपक्ष महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक हथियार बनाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।
आम लोगों की बढ़ती चिंता
राजनीतिक बयानबाजी के बीच आम लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है।
ऑटो चालक, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग बढ़ते खर्च से परेशान हैं। वहीं बाजार में सामान ढुलाई महंगी होने के कारण रोजमर्रा की चीजों के दाम भी प्रभावित हो रहे हैं।
पटना और अन्य शहरों में कई लोगों ने कहा कि महंगाई के कारण घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है। लोगों का कहना है कि ईंधन की कीमतें कम करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
चुनावी राजनीति में महंगाई बनेगी बड़ा मुद्दा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में महंगाई और बेरोजगारी विपक्ष के सबसे बड़े मुद्दों में शामिल रहेंगे। बिहार की राजनीति में भी यह मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है।
तेजस्वी यादव लगातार युवाओं, रोजगार और महंगाई के मुद्दे उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाते दिखाई दे रहे हैं। वहीं भाजपा और केंद्र सरकार विकास योजनाओं और आर्थिक नीतियों को सामने रखकर जवाब देने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल तेजस्वी यादव के बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और भाजपा इस मुद्दे पर किस तरह प्रतिक्रिया देती है और महंगाई की बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है।


