
चनपटिया/पश्चिम चंपारण, 20 मई 2026। समाज और रिश्तों की कथित झूठी साख की वेदी पर एक बार फिर एक मासूम बेटी की बलि चढ़ाने का अत्यंत क्रूर, विस्मयकारी और रूह कंपा देने वाला मामला प्रकाश में आया है। पश्चिम चंपारण जिले के गोपालपुर थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक वार्ड में प्रेम प्रसंग से कड़ाई से खफा परिजनों ने अपनी ही 19 वर्षीय बेटी की निर्मम तरीके से गला दबाकर हत्या कर दी।
इस ऑनर किलिंग (हॉरर किलिंग) की वारदात को छुपाने और कानूनी शिकंजे को ब्लॉक करने के उद्देश्य से हत्यारों ने मृतका के शव को एक प्लास्टिक के बोरे में बंद किया और उसे भारी बनाने के लिए मिट्टी-बालू से भरे तीन अन्य कड़े बोरों के साथ जकड़कर आधी रात के अंधेरे में सिकरहना नदी के गहरे पानी के मझधार में फेंक दिया। पुलिसिया सतर्कता और कनिष्ठ जासूसों की मुस्तैदी के बल पर सोमवार की देर शाम नदी के प्रक्षेप से शव को विधिक रूप से बरामद कर लिया गया है। इस जघन्य सामाजिक अपराध में संलिप्तता के प्रामाणिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मृतका की सगी मां और उसके एक फुफेरे भाई को दबोच कर विधिक रूप से सलाखों के पीछे प्रेषित कर दिया है।
शनिवार की रात रची गई थी खूनी स्क्रिप्ट, नदी में शव को डुबाने के लिए रचे थे कड़े प्रबंध
पुलिस अनुसंधान के आधिकारिक विलेखों के अनुसार, यह पूरी वीभत्स वारदात बीते शनिवार यानी 16 मई 2026 की रात को अंजाम दी गई थी। सोमवार की शाम गोपालपुर थाना पुलिस को स्थानीय खुफिया सूत्रों के माध्यम से यह अत्यंत संवेदनशील इनपुट प्राप्त हुआ कि कतिपय लोगों ने एक शव को बोरे में बंद कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से सिकरहना नदी के प्रवाह में विसर्जित किया है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अंकित कुमार के कुशल कप्तानी नेतृत्व में पुलिस का खोजी दस्ता नावों और गोताखोरों के साथ तुरंत नदी तट पर मुस्तैद हुआ।
सघन सर्च ऑपरेशन के उपरांत पुलिस ने पानी के भीतर डूबे एक संदेहास्पद बोरे को बाहर निकाला। जब बोरे के विन्यासों को खोला गया, तो उसके भीतर से एक युवती की लाश बरामद हुई। अपराधियों ने कानून की आखों में धूल झोंकने के लिए क्रूरता की सारी सीमाएं लांघ दी थीं; शव वाले मुख्य बोरे के साथ कड़े रस्सों से मिट्टी और बालू से लबालब भरे तीन अन्य भारी बोरे बांधे गए थे ताकि वजन के कारण लाश कभी पानी की सतह पर तैरकर लाइव न हो सके और नदी के तलहटी मलबे में ही दफन संधारित रहे।
पूछताछ कक्ष की सख्ती के आगे टूटी कलयुगी मां, कबूला- लड़के से शादी की जिद पर अड़ी थी कविता
शव की शिनाख्त स्थानीय निवासी कविता कुमारी के रूप में मुकम्मल होते ही पुलिस कप्तानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के आवासीय परिसर की घेराबंदी की। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए मृतका की मां और वारदात में सहयोग करने वाले उसके फुफेरे भाई को हिरासत में ले लिया। पूछताछ कक्ष के भीतर जब कनिष्ठ जासूसों और महिला पुलिस अधिकारियों ने कड़े विधिक और मनोवैज्ञानिक विन्यासों के साथ पूछताछ शुरू की, तो कलयुगी मां के सब्र का बांध टूट गया और वह फफक-फफक कर रोते हुए अपनी ही बेटी की हत्या की खूनी स्क्रिप्ट कबूल करने पर विवश हो गई।
गिरफ्तार मां ने अपने लिखित विलेख बयान में स्वीकार किया कि उसकी बेटी कविता का प्रक्षेत्र के ही किसी अन्य लड़के के साथ काफी समय से प्रगाढ़ प्रेम प्रसंग लाइव संधारित था। वह समाज और जाति की कड़ियों की परवाह किए बिना लगातार उसी लड़के से विधिक विवाह करने के लिए अपने माता-पिता और भाइयों पर कड़ा मानसिक दबाव निर्मित कर रही थी। इसी विषय को लेकर घर के भीतर अनवरत गृह-क्लेश और गंभीर लड़ाई-झगड़े का माहौल संधारित था। शनिवार की रात जब विवाद चरम पर पहुंच गया, तो पारिवारिक साख की झूठी मर्यादा में अंधे हुए परिजनों ने मिलकर कविता का गला पूरी कड़ाई से घोंट दिया, जिससे उसकी सांसें हमेशा के लिए ब्लॉक हो गईं।
थानाध्यक्ष अंकित कुमार का विधिक विलेख: हॉरर किलिंग का मामला, फरार आरोपियों की खोज जारी
गोपालपुर के मुस्तैद थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने मामले के अद्यतन स्टेटस पर आधिकारिक विरणी पटल पर रखते हुए बताया कि प्रथमदृष्टया और फॉरेंसिक साक्ष्यों के प्रारंभिक विन्यास के अनुसार युवती की मौत दम घुटने (गला दबाने) के कारण मुकम्मल हुई है। यह पूरी वारदात विशुद्ध रूप से झूठी प्रतिष्ठा के कारण की गई ऑनर किलिंग से एकीकृत संधारित है।
थानाध्यक्ष के अनुसार, पुलिस ने इस जघन्य कृत्य को लेकर मृतका की मां और उसके फुफेरे भाई के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की कड़क व गैर-जमानती धाराओं के तहत विधिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। दोनों मुख्य आरोपियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के उपरांत उन्हें सक्षम न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत के तहत केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है। वारदात की रात गला घोंटने के मुख्य प्रक्रम को अंजाम देने वाले पिता और सहोदर भाई सहित परिवार के अन्य कतिपय सदस्य घर के मुहाने पर ताला बंद कर ग्रामीण अंचलों से फरार संधारित हैं। पुलिस कप्तानों ने आश्वस्त किया है कि फरार हत्यारों के संभावित ठिकानों और मोबाइल लोकेशंस पर जासूसी विंग की छापेमारी कड़ाई से लाइव है और बहुत जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर इस सामाजिक कलंक की केस डायरी को अभेद्य बनाते हुए स्पीडी ट्रायल के विन्यास में डाला जाएगा।


