दरभंगा में सनकी पति ने लोहे की पाइप से पीट-पीटकर पत्नी और तीन मासूम बच्चों को उतारा मौत के घाट

दरभंगा, 20 मई 2026। बिहार के दरभंगा जिले से पारिवारिक विवाद, अवांछित मानसिक अवसाद और संदेहास्पद चक्रव्यूह के चलते एक ऐसा खौफनाक, रूह कंपा देने वाला और वीभत्स चौदहवीं (नरसंहार) का विलेख सामने आया है, जिसने संपूर्ण सूबे को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। पतोर थाना प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंदनपट्टी ग्राम स्थित एक पोल्ट्री फार्म के भीतर मंगलवार की तड़के अलसुबह एक सनकी मजदूर पति ने खूनीScript तैयार करते हुए लोहे की भारी पाइप से प्रखर हमला कर अपनी धर्मपत्नी और तीन मासूम बच्चों की पीट-पीटकर बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी।

​इस भयावह वारदात को अंजाम देने के उपरांत आरोपी ने उसी लोहे के पाइप से खुद के शरीर पर भी आत्मघाती वार कर आत्महत्या करने का कड़ा प्रयास किया, परंतु बगल के कमरों में मुस्तैद अन्य मजदूरों ने साहस का परिचय देते हुए उसकी इस चालाकी को ऑन-स्पॉट ब्लॉक कर दिया और उसे धर दबोचा। घटना की सूचना मिलते ही प्रक्षेत्र की पुलिस मशीनरी में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कप्तानों ने मौके पर पहुंचकर मामले की विधिक संचिका तैयार की।

भोजन में जहर देने की आशंका से उपजा था पागलपन, लोहे की पाइप से किया सामूहिक प्रहार

​इस दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड की कड़ियां पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के दालखोला थाना अंतर्गत कुंडी महेशपुर ग्राम से जुड़ती हैं। कलयुगी आरोपी की पहचान संदीप दास उर्फ बिल्टू दास (40 वर्ष) के रूप में मुकम्मल की गई है, जो अपनी पत्नी फूल कुमारी दास (35 वर्ष), पुत्री सोरंदी दास (6 वर्ष), पुत्र हृदय दास (7 वर्ष) और सबसे छोटे बेटे रोहन दास (5 वर्ष) के साथ पिछले 20 दिनों से चंदनपट्टी के इसी पोल्ट्री फार्म में मजदूरी का काम कर रहा था। वह अपने परिवार के साथ फार्म के एक कोने में विनिर्मित क्वार्टर के भीतर संधारित था।

​अस्पताल के पुलिस अभिरक्षा कक्ष में प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी संदीप दास ने जो विस्मयकारी खुलासे किए हैं, उसके अनुसार पिछले दो दिनों से पति-पत्नी के बीच किसी गुप्त घरेलू विषय को लेकर तीव्र अनबन और मानसिक विचलन चल रहा था। सनकी पति के दिमाग में यह भयानक शक घर कर गया था कि उसकी पत्नी फूल कुमारी उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच रही है और उसे जान से मारने की नीयत से प्रतिदिन उसके भोजन (खाने) के भीतर कतिपय सुस्त जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला रही है। इसी खूनी शक और मानसिक अवसाद के चरम पर पहुंचते ही मंगलवार की भोर में जब पूरा परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, संदीप ने लोहे का एक वजनी पाइप उठाया और एक-एक कर चारों के सिर और चेहरे पर तब तक प्रहार करता रहा जब तक कि उनके शरीर पूरी तरह शांत नहीं हो गए।

दो बच्चों और महिला की मौके पर ही थमी सांसें, तीसरे ने अस्पताल में तोड़ा दम

​पोल्ट्री फार्म के अन्य कमरों में सो रहे मजदूर मंगू दास ने बताया कि सुबह लगभग 5:00 बजे वह चूजों को दाना-पानी देने के लिए मुख्य शेड की ओर प्रस्थान कर चुका था। सुबह के ठीक 6:30 बजे उसे बगल के क्वार्टर में रहने वाले दूसरे मजदूर की पत्नी ने दूरभाष (फोन) पर इस वीभत्स खून-खराबे की लाइव जानकारी दी, जिसे सुनकर उसके पैरों तले की जमीन खिसक गई।

​मजदूरों की चीख-पुकार के बीच स्थानीय पतोर थाना पुलिस तुरंत घटना स्थल पर मुस्तैद हुई और खून से लथपथ पड़े पांचों शरीरों को तत्काल रेस्क्यू कर इलाज के लिए दरभगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) के इमरजेंसी वार्ड में प्रेषित किया। अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में तैनात डॉक्टरों के खोजी दस्ते ने गहन भौतिक परीक्षण के उपरांत महिला फूल कुमारी दास, मासूम बेटी सोरंदी दास और बेटे हृदय दास को विधिक रूप से ‘मृत घोषित’ कर दिया। वहीं, सबसे छोटे 5 वर्षीय पुत्र रोहन दास की अवस्थिति अत्यधिक नाजुक संधारित थी, जिसने डॉक्टरों के तमाम कड़े व जीवन रक्षक प्रयासों के बावजूद कतिपय घंटों के उपरांत इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया।

डीआईजी और एसएसपी समेत भारी पुलिस बल सीसीटीवी खंगालने में जुटा, अभिरक्षा में इलाज जारी

​इस जघन्य सामूहिक हत्याकांड की खबर जैसे ही दरभंगा के प्रशासनिक गलियारों में फैली, पुलिस महकमे के शीर्ष कप्तान पूरे दलबल के साथ ग्राउंड जीरो पर लाइव मुस्तैद हो गए। मिथिला प्रक्षेत्र के पुलिस उपनिरीक्षक (डीआईजी) मनोज तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी, सिटी एसपी, और सदर एसडीपीओ सहित कई थानों की पुलिस फोर्स ने पोल्ट्री फार्म प्रक्षेत्र की अभेद्य घेराबंदी कर दी है।

​पुलिस के जासूसी दस्तों ने फॉरेंसिक साक्ष्यों के संकलन के वास्ते संपूर्ण फार्म परिसर और क्वार्टर के प्रवेश द्वारों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के डिजिटल फुटेज और टाइम-स्टैम्प प्रविष्टियों को अपने कब्जे में लेकर सघन स्क्रूटनी शुरू कर दी है, ताकि घटना के समय किसी भी अन्य बाहरी व्यक्ति की संदिग्ध प्रविष्टि के एंगल को पूरी कड़ाई से ब्लॉक किया जा सके। वारदात के बाद आक्रोशित ग्रामीणों की भारी भीड़ पोल्ट्री फार्म के मुहाने पर जुट गई, जिसे पुलिस जवानों ने कड़े सांगठनिक प्रबंधों के बल पर शांत कराया।

विसरा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा अंतिम विधिक खुलासा, स्पीडी ट्रायल की तैयारी

​दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने मामले पर आधिकारिक विधिक विरणी पटल पर रखते हुए बताया कि आरोपी संदीप दास उर्फ बिल्टू दास को विधिक रूप से पुलिस हिरासत (हिरासत) में ले लिया गया है। चूंकि उसने स्वयं को भी लोहे के पाइप से आंशिक रूप से जख्मी किया था, इसलिए वर्तमान समय में कड़े पुलिस पहरे के बीच डीएमसीएच के कैदी वार्ड में उसका चिकित्सीय उपचार लाइव संधारित है। उसकी अवस्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

​एसएसपी के अनुसार, पतोर थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या की कड़क और गैर-जमानती धाराओं के तहत विधिक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस कप्तानों ने साफ किया है कि मृतकों के शवों का विधिक पंचनामा मुकम्मल कर उन्हें पोस्टमार्टम प्रक्रम के लिए भेज दिया गया है। आरोपी द्वारा पत्नी पर लगाए गए खाने में जहर देने के दावों की प्रामाणिकता जांचने के लिए मृतका के पेट के आंतरिक नमूनों (विसरा) को सुरक्षित रखवाकर फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) प्रेषित किया जा रहा है। पुलिस कप्तानों ने आश्वस्त किया है कि इस वीभत्स पारिवारिक नरसंहार की केस डायरी को पूरी तरह अभेद्य बनाकर अदालत के समक्ष स्पीडी ट्रायल के माध्यम से न्यूनतम समय के भीतर आरोपी को कड़े मृत्युदंड की सजा दिलाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी पूरी कड़ाई से कृतसंकल्प संधारित है।

  • ये भी पढ़े..

    प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का संकल्प: बिहार कृषि विश्वविद्यालय में एक सप्ताह चला जागरूकता अभियान, विद्यार्थियों ने ली प्लास्टिक बहिष्कार की शपथ

    Share Add as a preferred…

    वायरल हथियारबंद वीडियो को लेकर बड़ा खुलासा, नवगछिया नहीं बल्कि नाथनगर का निकला मामला; FIR दर्ज, एक आरोपी जेल भेजा गया

    Share Add as a preferred…