
भागलपुर/नाथनगर, 20 मई 2026। भागलपुर जिले के नाथनगर प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ललमटिया थाना इलाके में मंगलवार की रात प्रेम प्रसंग के एक बेहद पेचीदा और गंभीर मामले को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले और खूनी मारपीट की घटना दर्ज की गई। इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे और विवाद के बीच अपनी प्रेमिका को जबरन साथ ले जाने की जिद पर अड़े एक शादीशुदा आशिक ने खुदकुशी के इरादे से अपने ही गले पर ब्लेड से प्रखर वार कर खुद को गंभीर रूप से लहूलुहान कर लिया।
घटना के बाद प्रक्षेत्र में भारी अफरा-तफरी और तनाव की अवस्थिति संधारित हो गई। मामले की भनक मिलते ही ललमटिया थाने की पुलिस टीम भारी दलबल के साथ तुरंत मौके पर मुस्तैद हुई और गंभीर रूप से जख्मी प्रेमी को अपनी विधिक अभिरक्षा में लेते हुए इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। पुलिस कप्तानों के अनुसार, आरोपी युवक पूर्व में भी एक संगीन सामाजिक और विधिक अपराध को अंजाम देकर फरार हो चुका था, जिसके कारण यह पूरा विवाद भड़का।
शादीशुदा और बाल-बच्चों वाला है प्रेमी, पूर्व में नाबालिग को लेकर हुआ था फरार
इस पूरी विचलित करने वाली घटना के अंतर्निहित और बुनियादी विन्यासों की स्क्रूटनी करते हुए पुलिस के खोजी दस्तों ने बताया कि जख्मी प्रेमी की पहचान मोहम्मद अरमान के रूप में मुकम्मल की गई है, जो कबीरपुर इलाके का ही निवासी संधारित है। ललमटिया थाना पुलिस द्वारा संकलित किए गए आपराधिक विलेखों के अनुसार, मोहम्मद अरमान पहले से ही विधिक रूप से शादीशुदा है और उसके बाल-बच्चे भी हैं। इसके बावजूद, उसने अपने ही प्रक्षेत्र की एक अबोध नाबालिग लड़की को अपने कूटनीतिक जाल में फंसा रखा था।
विगत दिनों आरोपी मोहम्मद अरमान उस नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर घर से फरार हो गया था, जिसके बाद पीड़ित परिजनों की शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई थी। लड़की के परिजनों ने काफी कड़े प्रयासों और कतर-ब्योंत के बाद कनिष्ठ जासूसों की मदद से उसे दूसरे जिले के एक गुप्त ठिकाने से ढूंढ निकाला था और महज पांच दिन पूर्व ही उसे वापस अपने घर लेकर आए थे, ताकि सामाजिक साख को बचाया जा सके।
प्रेमिका के घर पहुंचकर जिद पर अड़ा आशिक, छत से कूदकर भागने का किया प्रयास
घटनाक्रम की कड़ियां मंगलवार की शाम से दोबारा लाइव हुईं। पुलिस अनुसंधान के अनुसार, सोमवार की शाम लगभग 7:00 बजे मोहम्मद अरमान एक बार फिर दुस्साहस का परिचय देते हुए अचानक उस नाबालिग लड़की के घर के मुहाने पर जा धमका। घर के भीतर अनधिकृत रूप से प्रविष्ट होने के उपरांत वह लड़की को दोबारा अपने साथ ले जाने की विधिक जिद पर अड़ गया। परिजनों द्वारा कड़ा विरोध दर्ज कराने और उसे समझाने के कतिपय प्रयासों के बावजूद जब वह हिंसक होने लगा, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद की चिंगारी सुलग उठी।
बातचीत का यह विचलन देखते ही देखते एक भयानक खूनी दंगल में तब्दील हो गया और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच लात-घूंसे और मारपीट शुरू हो गई। इस सामूहिक धुनाई और विरोध के चक्रव्यूह से खुद को घिरा देख मोहम्मद अरमान ने बचने के लिए मकान की छत पर दौड़ लगा दी और वहां से सीधे नीचे कूदकर भागने का प्रयास किया। इसी भागदौड़ और मानसिक अवसाद के बीच उसने जेब में रखे धारदार ब्लेड से अपने ही गले पर कई कड़े वार कर दिए, जिससे उसकी श्वास नली के समीप गहरा जख्म बन गया और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा।
थानाध्यक्ष बिपीन कुमार का विधिक बयान: खुद से किया है ब्लेड से वार, हर एंगल पर जांच जारी
ललमटिया अस्पताल चौकी प्रभारी और थाना पुलिस ने मायागंज के सर्जिकल वार्ड में मुस्तैद रहकर घायल युवक के स्वास्थ्य और उसकी प्रविष्टियों का भौतिक सत्यापन संधारित किया है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक रक्तस्राव के कारण युवक की अवस्थिति आंशिक रूप से नाजुक संधारित है, परंतु आपातकालीन चिकित्सा दल उसे पूरी तरह स्थिर (स्टेबलाइज) करने के प्रयास में लाइव लगा हुआ है।
इस पूरे सांगठनिक और सामाजिक विवाद पर विधिक विरणी पटल पर रखते हुए ललमटिया थानाध्यक्ष बिपीन कुमार ने बताया कि प्राथमिक धरातलीय साक्ष्यों और चश्मदीदों के बयानों के आलोक में यह मामला विशुद्ध रूप से त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और पारिवारिक साख की लड़ाई से एकीकृत संधारित हो रहा है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि घायल युवक मोहम्मद अरमान के गले पर पाए गए कड़े निशान किसी दूसरे पक्ष के हमले के नहीं हैं, बल्कि उसने खुद को प्रशासनिक शिकंजे से बचाने और परिजनों पर दबाव निर्मित करने के उद्देश्य से स्वयं अपने हाथ से गले पर ब्लेड से वार कर आत्मघाती कृत्य किया है। पुलिस कप्तानों ने साफ किया है कि चूंकि मामला एक नाबालिग लड़की के पूर्व अपहरण और वर्तमान में कानून-व्यवस्था को ब्लॉक करने से जुड़ा है, इसलिए अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट और युवक का विधिक बयान दर्ज होते ही कानून की कड़क और गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर आगे की विधिक दंडात्मक कार्रवाई ससमय मुकम्मल की जाएगी।


