
पटना/बेगूसराय, 19 मई 2026। बिहार सरकार की त्रि-स्तरीय सुशासन नीति और लोक-शिकायतों के विकेंद्रीकृत निवारण के संकल्प को गति देने के लिए बेगूसराय जिले के भीतर प्रशासनिक मशीनरी पूरी कड़ाई और मुस्तैदी के साथ धरातल पर लाइव संधारित हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दूरदर्शी नेतृत्व में सात निश्चय योजना-3 के अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के विधिक संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से पूरे राज्य में पंचायत स्तरीय ‘सहयोग शिविर’ महाअभियान का ऐतिहासिक आगाज हुआ। इस प्रक्रम के तहत बेगूसराय जिले के प्रभारी सचिव सह उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने जिले के विभिन्न सुदूर ग्रामीण अंचलों का सघन दौरा कर शिविरों की कड़क प्रशासनिक स्क्रूटनी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य ध्येय पंचायत स्तर पर ही प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह व पारदर्शी बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अपनी बुनियादी विसंगतियों के समाधान के लिए जिला मुख्यालयों या अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने को विवश न होना पड़े।
नावकोठी और चेरिया बरियारपुर के शिविरों में पहुंचे प्रभारी सचिव, आमजन से किया सीधा संवाद
अपने बेगूसराय भ्रमण के दौरान प्रभारी सचिव कुंदन कुमार ने कतिपय संवेदनशील और घनी आबादी वाले प्रखंडों का औचक निरीक्षण संधारित किया। उन्होंने मुख्य रूप से नावकोठी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले मोहानपुर पंचायत शिविर तथा चेरिया बरियारपुर प्रखंड की कुम्भी पंचायत सहित विभिन्न प्रक्षेपों में लगाए गए काउंटरों का सघन जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उद्योग सचिव ने विभिन्न विभागों के कर्मियों द्वारा संधारित किए जा रहे डिजिटल पंजीकरण लॉग्स, इंटरनेट कनेक्टिविटी और आवेदनों की प्राप्ति प्रणालियों की बारीकी से तकनीकी समीक्षा की।
प्रभारी सचिव ने शिविर परिसर में उपस्थित गरीब, किसान और महिला आवेदकों के पास जाकर उनसे सीधे भौतिक संवाद स्थापित किया और यह फीडबैक संकलित किया कि उन्हें अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई व्यावहारिक कठिनाई या लिपिकीय प्रताड़ना तो नहीं झेलनी पड़ रही है। ऑन-स्पॉट मौजूद अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए सचिव ने कहा कि प्राप्त होने वाले हर एक आवेदन की कड़ाई से डिजिटल ट्रैकिंग की जा रही है, इसलिए तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करना हर हाल में अनिवार्य है।
बेगूसराय जिले के 24 ग्राम पंचायतों से प्राप्त आवेदनों और निष्पादन की सांख्यिकीय विवरणी
अभियान के प्रथम दिन बेगूसराय जिला प्रशासन द्वारा संकलित किए गए आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों के अनुसार, इस त्रि-स्तरीय शिविर प्रणाली का धरातलीय असर अत्यंत व्यापक दर्ज किया गया है। जिले के भीतर प्राप्त हुए आवेदनों और उनके विधिक निष्पादन का पूरा लेखा-जोखा इस प्रकार संधारित है कि अब तक बेगूसराय जिले के कुल 24 ग्राम पंचायतों के डिजिटल ग्रिड से संचयी रूप से 2,036 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिला प्रभारी सचिव और समाहरणीय कप्तानों की मुस्तैदी के कारण इन कुल प्राप्त आवेदनों में से 1,360 शिकायतों का विधिक निष्पादन यानी ऑन-स्पॉट डिस्पोजल सफलतापूर्वक मुकम्मल कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, शेष बचे 669 आवेदनों पर कतिपय तकनीकी जांच और क्षेत्रीय सत्यापन की प्रक्रिया कड़ाई से लाइव संधारित है, जिन्हें 30 दिनों की विधिक समय-सीमा के भीतर पूरी संवेदनशीलता से निष्पादित कर दिया जाएगा। इसके समानांतर ही, शिविरों के काउंटरों पर भौतिक रूप से हस्तगत कराए गए सभी ऑफलाइन आवेदनों का भी ऑन-स्पॉट निष्पादन त्वरित प्रणालियों के तहत मुकम्मल किया गया, जिससे ग्रामीण जनता को एक बड़ी तात्कालिक राहत प्राप्त हुई है।
कुम्भी, महेशवारा और मोहानपुर पंचायत का लाइव रिपोर्ट कार्ड और धरातलीय आंकड़े
यदि पंचायतवार निष्पादन के प्रामाणिक आंकड़ों की समीक्षा करें तो पहले ही दिन चेरिया बरियारपुर प्रखंड के कुम्भी पंचायत में कुल 164 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 142 आवेदनों का ऑन-स्पॉट निष्पादन कर दिया और केवल 22 आवेदन आगे की प्रक्रिया में डाले गए हैं। इसी प्रकार, नावकोठी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले महेशवारा पंचायत में कुल 160 आवेदन काउंटरों पर पंजीकृत किए गए, जिनमें से 139 आवेदनों का निपटारा पहले ही दिन विधि-सम्मत तरीके से मुकम्मल कर लिया गया। नावकोठी प्रखंड की ही मोहानपुर पंचायत से प्राप्त विलेखों के अनुसार, वहाँ कुल 154 आवेदन आम जनता द्वारा सौंपे गए थे, जिनमें से 135 आवेदनों का निष्पादन ऑन-स्पॉट पूरा कर लिया गया और केवल 19 शिकायतों पर आगे की कार्रवाई प्रक्रियाधीन संधारित है। इन आंकड़ों से यह प्रामाणिक रूप से परिलक्षित होता है कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर 85 प्रतिशत से अधिक के त्वरित निष्पादन स्ट्राइक-रेट को लाइव बनाए रखा गया है, जो प्रशासनिक सुदृढ़ता का एक बड़ा उदाहरण है।
महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को लाइव रहेंगे शिविर, टालमटोल पर सीधा एक्शन
प्रभारी सचिव कुंदन कुमार ने राज्य सरकार के कड़े नीतिगत नियमों को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि अब से यह सहयोग शिविर कार्यक्रम कोई तात्कालिक आयोजन नहीं बल्कि एक निरंतर व्यवस्था है, जो प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में पूरी कड़ाई से लाइव संधारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जो नागरिक किसी कारणवश भौतिक रूप से शिविरों में उपस्थित होने में असमर्थ हैं, वे सरकार द्वारा विनिर्मित अत्याधुनिक ‘सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से किसी भी समय घर बैठे ऑनलाइन आवेदन दर्ज कर अपनी समस्याओं के विधिक समाधान का अनुरोध ट्रैक कर सकते हैं। उद्योग सचिव ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कड़े विनिर्देशों के आलोक में 30 दिनों के भीतर लोक-शिकायतों का निपटारा न करने वाले लोक सेवकों को 31वें दिन स्वतः निलंबन का दंश झेलना पड़ेगा। यह पूरी अभेद्य प्रणाली राज्य सरकार की पारदर्शी, पूर्णतः जवाबदेह, भ्रष्टाचार मुक्त और जन-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे बिहार की ग्रामीण आबादी का जीवन आंशिक और व्यावहारिक रूप से सुगम होने जा रहा है।


