
भागलपुर, 19 मई 2026: बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सुल्तानगंज में मंगलवार को राजनीतिक और धार्मिक माहौल एक साथ देखने को मिला। बिहार सरकार के आवास मंत्री और भागलपुर जिले के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा जब पटना-दुमका ट्रेन से सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो वहां स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल और एनडीए कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्टेशन परिसर फूल-मालाओं, नारों और समर्थकों की भीड़ से गूंज उठा।
मंत्री के आगमन को लेकर पहले से ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल था। जैसे ही ट्रेन सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन पहुंची, कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। स्टेशन परिसर में एनडीए समर्थकों की भारी भीड़ जुटी हुई थी। स्वागत के दौरान “हर-हर महादेव” और “एनडीए जिंदाबाद” के नारे भी सुनाई दिए।
इस मौके पर स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल ने मंत्री नीतीश मिश्रा को आगामी श्रावणी मेले को लेकर विशेष आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों कांवरिए सुल्तानगंज पहुंचते हैं और यहां से पवित्र गंगाजल लेकर देवघर के लिए रवाना होते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
विधायक ने मंत्री से आग्रह किया कि आगामी श्रावणी मेले के उद्घाटन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी सुल्तानगंज आने के लिए आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री खुद मेले का उद्घाटन करेंगे, तो इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का उत्साह और बढ़ेगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अजगैविनाथ धाम से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थल सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अजगैविनाथ धाम के विकास के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।
मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर साल देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, इसलिए उनकी सुविधा और सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर विशेष तैयारी की जाएगी।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कांवरियों को साफ-सफाई, स्वास्थ्य, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि संबंधित विभागों को पहले से ही तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि मेला शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक पर्यटन बिहार की अर्थव्यवस्था और पहचान दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। अगर धार्मिक स्थलों का समुचित विकास हो, तो इससे स्थानीय रोजगार और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता है। सरकार इसी सोच के साथ अजगैविनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों के विकास पर काम कर रही है।
श्रावणी मेले को लेकर स्थानीय व्यापारियों और लोगों में भी काफी उम्मीदें हैं। हर साल मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने से स्थानीय बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। होटल, दुकान, परिवहन और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों की आय में भी इजाफा होता है। ऐसे में लोग चाहते हैं कि सरकार इस बार पहले से बेहतर व्यवस्था करे।
सुल्तानगंज विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल ने कहा कि श्रावणी मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत का बड़ा प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस बार मेले को और भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क, बिजली, स्वास्थ्य शिविर और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान एनडीए के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सांसद प्रतिनिधि पवन केसान, विनय कुमार, शशि भूषण कुमार, भुट्टो मांझी, मिथलेश कुमार चंद्रवंशी, सदानंद सिंह, नीरंजन कुमार, चंदन कुमार, विकास कुमार कर्ण, प्रविण कुमार, रुबी देवी, प्रेम प्रभात सिन्हा और रानी झा सहित कई कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया।
स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यकर्ता मंत्री के साथ तस्वीरें खिंचवाने और उनसे मुलाकात करने को लेकर उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर भी मंत्री से बातचीत की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी श्रावणी मेला और धार्मिक आयोजनों को लेकर सरकार सक्रियता दिखा रही है। इससे एक ओर श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने का संदेश जाएगा, वहीं धार्मिक पर्यटन के जरिए विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुल्तानगंज और देवघर को जोड़ने वाला कांवर यात्रा मार्ग देश के सबसे बड़े धार्मिक मार्गों में गिना जाता है। हर साल सावन महीने में लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन और सरकार के लिए यह आयोजन बड़ी चुनौती भी होता है।
पिछले वर्षों में भी सरकार द्वारा कई विकास योजनाएं शुरू की गई थीं, जिनमें सड़क चौड़ीकरण, प्रकाश व्यवस्था और अस्थायी शिविरों की व्यवस्था शामिल थी। इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है, इसलिए तैयारियों को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क है।
मंत्री नीतीश मिश्रा ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में अजगैविनाथ धाम को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में और योजनाएं लाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि बिहार के धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले।
फिलहाल मंत्री के दौरे और उनके बयानों के बाद सुल्तानगंज में राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को पहले से कहीं बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और अजगैविनाथ धाम के विकास को नई गति मिलेगी।


