
पटना। बिहार में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर उठ रही आशंकाओं के बीच तेल कंपनियों ने स्थिति पूरी तरह सामान्य होने का दावा किया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में सभी सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के माध्यम से ईंधन की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी है और आम लोगों को किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
तेल कंपनियों के अनुसार राज्य में पेट्रोल (एमएस), डीजल (एचएसडी) और घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सभी डिपो, टर्मिनल और रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। कहीं से भी आपूर्ति बाधित होने की सूचना नहीं है।
हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में ईंधन की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें सामने आई थीं। इसके बाद लोगों के बीच चिंता का माहौल बनने लगा था। बिहार में भी कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त भीड़ देखी गई थी। इसी बीच तेल कंपनियों ने आधिकारिक बयान जारी कर साफ किया कि राज्य में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह सुचारु है।
आईओसीएल ने कहा है कि ईंधन की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। राज्य के विभिन्न डिपो और टर्मिनलों से पेट्रोल पंपों तक नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है ताकि कहीं भी कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक रिफिलिंग और वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है और सभी जिलों में आवश्यक स्टॉक उपलब्ध कराया जा रहा है।
घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को भी प्राथमिकता दी जा रही है। कंपनियों ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और राज्य के किसी भी हिस्से में वितरण बाधित नहीं है। एजेंसियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
तेल उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि लॉजिस्टिक्स, स्टॉक मूवमेंट और रिटेल ऑपरेशन को लेकर लगातार समन्वय बनाया गया है। विभिन्न स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है ताकि परिवहन, भंडारण और वितरण की प्रक्रिया बिना रुकावट चलती रहे। रेलवे, सड़क परिवहन और स्टोरेज सिस्टम के जरिए सप्लाई नेटवर्क को सक्रिय रखा गया है।
कंपनियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सामान्य जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल की खरीदारी करें। घबराहट में अधिक मात्रा में ईंधन खरीदने से अनावश्यक दबाव बन सकता है। अधिकारियों ने कहा कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की किल्लत की संभावना नहीं है।
आईओसीएल ने लोगों से यह भी अनुरोध किया है कि वे ईंधन उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों और तेल कंपनियों द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया या अपुष्ट खबरों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।
राज्य के कई पेट्रोल पंप संचालकों ने भी बताया कि उन्हें नियमित रूप से ईंधन की आपूर्ति मिल रही है। राजधानी पटना समेत अन्य प्रमुख शहरों में स्थिति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पंपों पर रोजमर्रा की तरह बिक्री हो रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं देखी जा रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहों से बाजार में अनावश्यक घबराहट फैलती है। कई बार लोग जरूरत से अधिक खरीदारी करने लगते हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बन जाती है। हालांकि तेल कंपनियों के आश्वासन के बाद अब हालात सामान्य होने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां बड़े स्तर पर सप्लाई मैनेजमेंट सिस्टम पर काम करती हैं। किसी भी राज्य में मांग बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले से मौजूद रहती है। बिहार में भी इसी रणनीति के तहत लगातार निगरानी रखी जा रही है।
तेल कंपनियों ने दोहराया है कि राज्य में ईंधन की सप्लाई पर्याप्त है और आम लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। बिहार में फिलहाल ईंधन संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।


