बाराचट्टी विधायक से दुर्व्यवहार मामला: मोहनपुर में पुलिस की कड़क छापेमारी, छह से अधिक संदिग्ध हिरासत में, जीतनराम मांझी ने दी आंदोलन की चेतावनी

बाराचट्टी/गया, 19 मई 2026। बिहार के गया जिले के अंतर्गत आने वाले बाराचट्टी विधानसभा क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि और विधायक ज्योति देवी के साथ हुए दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार और सड़क जनित हिंसक विवाद की वारदात के बाद क्षेत्रीय प्रशासनिक अमला पूरी तरह से अलर्ट और कड़े एक्शन मोड में आ गया है। रविवार की देर रात मोहनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई सुदूर, दुर्गम और संवेदनशील ग्रामीण प्रक्षेत्रों में पुलिस और जिला मुख्यालय से विशेष रूप से बुलाई गई अतिरिक्त सुरक्षा बलों की टुकड़ियों द्वारा एक व्यापक सह सघन संयुक्त छापेमारी अभियान संचालित किया गया। मोहनपुर प्रक्षेत्र के गंभीरा गांव के समीप मुख्य मार्ग पर घटित हुई इस अप्रत्याशित और संदेहास्पद घटना के बाद पुलिस महकमे के आला नीति-नियोजकों ने स्थिति की संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था की अवस्थिति को देखते हुए विशेष खोजी दस्तों का रणनीतिक विन्यास तैयार किया। आरोपियों की त्वरित धरपकड़, भौतिक पहचान और विधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए गया जिला मुख्यालय से कड़क सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कुमुक और दंगा नियंत्रण वाहनों को मौके पर रवाना किया गया था, जिसने देर रात पूरे इलाके को अपनी सुरक्षात्मक घेरेबंदी में ले लिया।

लाडू और लालमाटी प्रक्षेत्र में भारी सुरक्षा बलों की कड़क नाकेबंदी व कॉम्बिंग ऑपरेशन

​इस व्यापक पुलिसिया दबिश और विशेष खोजी अभियान के दौरान मोहनपुर थाना पुलिस ने विभिन्न खुफिया इनपुट्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लाडू, लालमाटी सहित कई चिन्हित ग्रामीण संरेखणों में घेराबंदी सह तलाशी प्रविधि (कॉम्बिंग ऑपरेशन) को कड़ाई के साथ धरातल पर उतारा। रात के घने अंधेरे में पुलिस के बूटों की कड़क आवाज और सायरन की गूंज से संपूर्ण ग्रामीण अंचलों के भीतर प्रशासनिक मुस्तैदी साफ तौर पर परिलक्षित हो रही थी। इस विशेष प्रहार के तहत पुलिस की टीमों ने घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से संलिप्तता के संदेह में अब तक छह से अधिक लोगों को अपनी विधिक अभिरक्षा में लेते हुए हिरासत में लिया है।

​जिला पुलिस मुख्यालय से प्राप्त तकनीकी इनपुट्स के अनुसार, हिरासत में लिए गए इन सभी संदिग्धों को विभिन्न गुप्त सुरक्षा शिविरों और थानों के सुरक्षित विमर्श कक्षों में ले जाकर कड़ाई के साथ पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की रात मौके पर मौजूद अन्य उपद्रवियों, उनके सहयोगियों और मुख्य अपराधियों के वास्तविक नामों व उनके संभावित ठिकानों की कड़ियों को पूरी प्रामाणिकता के साथ जोड़ा जा सके। पुलिस इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि पकड़े गए व्यक्तियों का कोई पुराना आपराधिक इतिहास या राजमार्गों पर छिनतई करने वाले गिरोहों से कोई विधिक जुड़ाव तो नहीं रहा है।

गंभीरा गांव के समीप वाहनों के परिचालन और साइड देने को लेकर उपजा विवाद

​आधिकारिक सूत्रों, चश्मदीदों और घटना स्थल के समीप अवस्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से प्राप्त प्राथमिक जानकारियों के अनुसार, यह पूरा विवाद मोहनपुर थाना अंतर्गत गंभीरा गांव के मुहाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग संपर्क मार्ग पर वाहनों के परिचालन के दौरान साइड देने और ओवरटेक करने की तात्कालिक विसंगति को लेकर उत्पन्न हुआ था। विधायक ज्योति देवी का आधिकारिक काफिला जब अपनी नियत समयावधि के तहत इस मार्ग से गुजर रहा था, तभी विपरीत दिशा से आ रहे कतिपय अन्य वाहन सवारों और स्थानीय उद्दंड युवकों के साथ रास्ता देने और गाड़ी का साइड काटने को लेकर तीखी नोकझोंक प्रारंभ हो गई।

​देखते ही देखते यह सामान्य रोड-रेज और ट्रैफिक विवाद एक गंभीर कानून-व्यवस्था की चुनौती में तब्दील हो गया और आरोपियों द्वारा एक महिला जनप्रतिनिधि की गरिमा का परित्याग कर उनके साथ अमर्यादित, अभद्र और हिंसक दुर्व्यवहार की प्रविष्टि कर दी गई। इस अप्रत्याशित हमले और अराजक अवस्थिति के कारण विधायक के सुरक्षा घेरे में तैनात विधिक अंगरक्षकों और चालकों को भी आंशिक शारीरिक संघर्ष का सामना करना पड़ा, जिसके बाद मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए स्थानीय थाने में लिखित प्राथमिकी दर्ज कराते हुए विधिक कानूनी प्रविष्टि की शुरुआत की गई।

केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी का तीखा रुख: गहरी राजनीतिक साजिश का आरोप

​इस बीच, इस पूरे संवेदनशील और प्रशासनिक घटनाक्रम ने राज्य के भीतर एक बड़ा राजनीतिक आयाम और वैचारिक विमर्श भी अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी पर हुए इस हमले और अभद्र व्यवहार को एक सामान्य तात्कालिक सड़क विवाद या रोड-रेज मानने से पूरी तरह इनकार करते हुए इसे एक सुनियोजित और गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया है। पटना और गया के प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा करते हुए जीतनराम मांझी ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली, खुफिया तंत्र की विफलता और जनप्रतिनिधियों की वीआईपी सुरक्षा प्रणालियों के संधारण पर गंभीर नीतिगत सवालिया निशान खड़े किए हैं।

​उन्होंने कड़े शब्दों में जिला पुलिस प्रशासन और गृह विभाग को एक निश्चित अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि यदि आगामी सात से आठ दिनों के विधिक समय-फ्रेम के भीतर इस वारदात को अंजाम देने वाले सभी मुख्य षड्यंत्रकारियों और अपराधियों की औपचारिक गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की गई, तो उनकी पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) पूरे मगध प्रमंडल के भीतर एक व्यापक, सुदृढ़ और उग्र जन-आंदोलन का शंखनाद करने के लिए विवश होगी, जिसकी संपूर्ण प्रशासनिक और नैतिक जवाबदेही स्थानीय शासन की होगी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है।

इलाके में तकनीकी सर्विलांस और शांति व्यवस्था बनाए रखने का पुलिसिया विन्यास

​गया जिला पुलिस कप्तानों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के अनुसार, इस पूरे संवेदनशील विलेख को पूरी तरह से निष्पक्ष, पारदर्शी और संतुलित तरीके से सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। गंभीरा गांव और उसके आस-पास के संपर्क मार्गों पर स्थापित पेट्रोल पंपों, दुकानों और नागरिक भवनों में लगे कतिपय डिजिटल कैमरों (CCTV) की फुटेज और मोबाइल टावर डंप डेटा की तकनीकी जांच कड़ाई के साथ की जा रही है, ताकि किसी भी निर्दोष ग्रामीण या राहगीर को अनावश्यक प्रशासनिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े और वास्तविक अपराधियों को विधिक रूप से ब्लॉक किया जा सके।

​हिरासत में लिए गए छह से अधिक संदिग्धों के मोबाइल लोकेशनों और उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) का मिलान घटना के समय के साथ किया जा रहा है। प्रक्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार के सामाजिक तनाव, वैचारिक मतभेद या हिंसक विचलनों की आशंका को पूरी तरह से समाप्त करने के उद्देश्य से मोहनपुर, लाडू, लालमाटी और बाराचट्टी के मुख्य चौराहों व बाजारों में पुलिस की विशेष सशस्त्र टुकड़ियों ने फ्लैग मार्च संधारित किया है। शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया के डिजिटल काउंटरों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाहों को फैलने से रोका जा सके और सुरक्षा का पुख्ता विन्यास धरातल पर लाइव रहे।

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