खगड़िया में एनएच-31 पर भीषण सड़क हादसा: छह लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक, परिजनों को चार-चार लाख मुआवजे का एलान

पटना/खगड़िया, 18 मई 2026। खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) के ठाठा मार्ग पर सोमवार को एक अत्यंत हृदयविदारक और भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई, जिसमें छह लोगों की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई। इस भयावह हादसे की खबर फैलते ही संपूर्ण प्रशासनिक अमले और स्थानीय प्रक्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस भीषण सड़क हादसे पर संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से जारी एक आधिकारिक विलेख के माध्यम से गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इस संपूर्ण घटनाक्रम को अत्यंत दुखद और पीड़ादायक बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेगात्मक संवेदनाएं प्रेषित की हैं। आपदा की इस विकट घड़ी में पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने विधिक और आर्थिक सुरक्षा कवच के तहत बड़े नीतिगत निर्देश जारी किए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के ठाठा मार्ग पर भीषण भिड़ंत और तबाही का विलेख

​राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के इस विशिष्ट प्रक्षेत्र में हुए हादसे का स्वरूप इतना तीव्र था कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। मानसी थाना क्षेत्र का ठाठा मार्ग आम तौर पर उत्तर बिहार और सीमांचल को जोड़ने वाला एक अत्यंत व्यस्ततम परिवहन गलियारा माना जाता है, जहां भारी और हल्के वाहनों की रफ्तार काफी तेज रहती है। सोमवार को हुई इस अप्रत्याशित दुर्घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों का एक विशाल हुजूम मौके पर एकत्रित हो गया, जिन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस विसंगति की सूचना दी।

​सूचना मिलते ही मानसी थाने की पुलिस और आपातकालीन रेस्क्यू टीमें घटना स्थल पर पहुंचीं और कड़े विन्यासों के बीच राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किया गया। वाहनों के मलबे और क्षतिग्रस्त हिस्सों से शवों को बाहर निकालना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। इस हादसे में कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी प्रामाणिक सूचना है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में स्थानांतरित कराया गया है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए, जिससे मौके पर ही छह लोगों ने दम तोड़ दिया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की संवेगात्मक संवेदनाएं और परिजनों के लिए प्रार्थना

​मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या-cm-332 के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले नागरिकों के प्रति गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि शोक संतप्त परिवारों को दुख की इस अत्यंत कठिन और असहनीय घड़ी में धैर्य धारण करने की आत्मिक शक्ति प्राप्त हो।

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक की इस प्रकार सड़क तंत्र पर असामयिक मौत संपूर्ण राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शासन इस संकट के समय में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के पीछे एक मजबूत स्तंभ बनकर खड़ा है। मुख्यमंत्री ने खगड़िया जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे शोकाकुल परिजनों से सीधा संपर्क स्थापित कर उन्हें ढांढस बंधाएं और उनकी सभी आवश्यक सामाजिक व विधिक आवश्यकताओं का ऑन-स्पॉट निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि संकट की इस घड़ी में उन्हें प्रशासनिक स्तर पर अकेलापन महसूस न हो।

आपदा प्रबंधन विभाग के ग्रिड से चार-चार लाख रुपये के अनुग्रह अनुदान का निर्देश

​आर्थिक संबल और विधिक सहायता प्रणालियों को सक्रिय करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खगड़िया जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग (Disaster Management Department) को एक अत्यंत कड़ा और समयबद्ध निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री के आदेशानुसार, इस सड़क दुर्घटना में मारे गए सभी छह मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि (एक्स-ग्रेशिया) तत्काल प्रभाव से हस्तगत कराई जाएगी।

​इस वित्तीय सहायता का मुख्य उद्देश्य पीड़ित परिवारों को अचानक आए इस वज्रपात और आर्थिक अवसाद से उबरने में मदद प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने खगड़िया के जिलाधिकारी को विधिक निर्देश दिया है कि आश्रितों की पहचान और उनके बैंक खातों के सत्यापन की प्रविष्टि को बिना किसी लिपिकीय लापरवाही या प्रशासनिक देरी के त्वरित गति से मुकम्मल किया जाए, ताकि सहायता राशि सीधे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से उनके खातों में ससमय स्थानांतरित की जा सके।

घायलों के समुचित और सर्वोत्कृष्ट इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग को कड़ा टास्क

​मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने के साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पूरा फोकस इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए मुसाफिरों की जीवन सुरक्षा पर टिका हुआ है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और खगड़िया के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (CS) को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि अस्पताल के आपातकालीन वार्डों में भर्ती कराए गए सभी घायलों के समुचित और सर्वोत्कृष्ट इलाज की व्यवस्था कड़ाई से संधारित की जाए।

​डॉक्टरों की एक विशेष टीम को घायलों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया है कि इलाज की इस पूरी प्रविधि में किसी भी प्रकार की औषधियों, शल्य चिकित्सा या तकनीकी जांचों की कमी विधिक रूप से बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी घायल मरीज की स्थिति नाजुक पाई जाती है, तो उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल या पटना के पीएमसीएच (PMCH) जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों में सरकारी खर्चे पर एयर या एम्बुलेंस ग्रिड के जरिए स्थानांतरित करने का विन्यास तैयार रखा जाए। मुख्यमंत्री ने सभी घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की है।

राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ीकरण और विधिक जांच की प्रणालियां

​एनएच-31 के इस प्रक्षेप में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और तेज रफ्तार वाहनों के अनियंत्रित परिचालन पर स्थानीय स्तर पर भी गंभीर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं। इस हादसे के बाद खगड़िया जिला पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग के ब्लैक स्पॉट्स (संवेदनशील दुर्घटना क्षेत्रों) की मैपिंग और सुरक्षा सर्विलांस को और अधिक कड़ा करने की रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है।

​मानसी थाना पुलिस ने दुर्घटना का मुख्य कारण बनने वाले वाहनों को अपने विधिक कब्जे में ले लिया है और अज्ञात चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी जांच तेज कर दी है। परिवहन विभाग के निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे राजमार्गों पर स्पीड गन प्रणालियों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए ओवरस्पीडिंग करने वाले कमर्शियल वाहनों पर कड़ा हंटर चलाएं, ताकि भविष्य में ठाठा मार्ग जैसे व्यस्त संरेखणों पर ऐसे वीभत्स और हृदयविदारक हादसों की पुनरावृत्ति को पूरी तरह से ब्लॉक किया जा सके। जिला प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रेषित करने के विलेखों को मुकम्मल करने में जुटा हुआ है।

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