
पटना, 18 मई 2026: बिहार की राजधानी पटना में सरकारी कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था के तहत पटना के पांच प्रमुख रूटों पर कुल 25 बसों का संचालन किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे सचिवालय आने-जाने वाले हजारों कर्मियों को सुरक्षित, सस्ती और समयबद्ध यात्रा सुविधा मिलेगी।
इस विशेष बस सेवा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस मौके पर परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने, ईंधन की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
जानकारी के अनुसार, इस नई सेवा के तहत कुल 25 बसें चलाई जाएंगी, जिनमें 15 इलेक्ट्रिक बसें और 10 पिंक बसें शामिल हैं। ये बसें प्रतिदिन सचिवालय आने-जाने वाले सरकारी कर्मियों को ध्यान में रखकर तय समय पर संचालित होंगी। सरकार का मानना है कि इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को भी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि पटना में प्रतिदिन बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी निजी वाहनों से कार्यालय आते हैं। इससे सड़कों पर दबाव बढ़ता है और पेट्रोल-डीजल की खपत भी अधिक होती है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू होने से कर्मचारियों को सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा, जिससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मदद मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा लगातार पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील की जा रही है। उसी दिशा में बिहार सरकार यह कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के अन्य शहरों में भी ऐसी सेवाओं का विस्तार किया जा सकता है।
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने कहा कि सचिवालय विशेष बस सेवा का मुख्य उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को भरोसेमंद और सुरक्षित परिवहन सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी रोजाना ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या से जूझते हैं। ऐसे में यह सेवा उनके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने कहा कि बसों के रूट तय करते समय सचिवालय कर्मियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। कोशिश की गई है कि शहर के अधिक से अधिक प्रमुख इलाकों को इस सेवा से जोड़ा जाए ताकि कर्मचारी आसानी से बसों का लाभ उठा सकें।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत पांच प्रमुख रूटों पर बस सेवा शुरू की गई है। प्रत्येक रूट को इस तरह तैयार किया गया है कि अधिकतम संख्या में सरकारी कर्मियों को इसका लाभ मिल सके।
मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से सचिवालय
इस रूट की बसें मल्टी मॉडल हब यानी पटना जंक्शन से शुरू होकर आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय पहुंचेंगी। इस मार्ग पर सुबह 8:30 बजे, 8:40 बजे और 8:45 बजे बसें चलाई जाएंगी। यह रूट खासतौर पर रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले कर्मचारियों के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
दानापुर स्टेशन से सचिवालय भाया सगुना मोड़
इस रूट की बसें दानापुर स्टेशन से चलकर सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय पहुंचेंगी। इस मार्ग पर सुबह 8:15 बजे, 8:25 बजे और 8:30 बजे बसें उपलब्ध रहेंगी। यह रूट शहर के पश्चिमी हिस्से के कर्मचारियों को बड़ी राहत देगा।
धनुकी मोड़ से सचिवालय भाया कंकड़बाग कॉलोनी मोड़
इस रूट पर चलने वाली बसें धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़, करबिगहिया स्टेशन और आर ब्लॉक होते हुए विकास भवन तक जाएंगी। इस मार्ग पर सुबह 8:20 बजे और 8:25 बजे बसें चलेंगी। इससे पूर्वी पटना और कंकड़बाग इलाके के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस सेवा
महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष पिंक बस सेवा भी शुरू की गई है। यह सेवा कुर्जी से शुरू होकर पी एंड एम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी गोलंबर, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा और हड़ताली मोड़ होते हुए सचिवालय पहुंचेगी। यह बस सुबह 8:45 बजे कुर्जी से खुलेगी और सुबह 9:11 बजे सचिवालय पहुंचेगी।
गांधी मैदान से सचिवालय भाया दानापुर स्टेशन
इस रूट की बसें गांधी मैदान से शुरू होकर डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए विश्वेश्वरैया भवन तक जाएंगी। इस मार्ग पर सुबह 8:45 बजे और 9:00 बजे बसें संचालित होंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि सार्वजनिक परिवहन को भी आधुनिक स्वरूप मिलेगा। पटना जैसे तेजी से बढ़ते शहर में इलेक्ट्रिक परिवहन को भविष्य की जरूरत माना जा रहा है।
इधर, सचिवालय कर्मियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। कई कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता था। अब नियमित बस सेवा मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
महिला कर्मचारियों ने खासकर पिंक बस सेवा को लेकर संतोष जताया है। उनका कहना है कि इससे यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी। कई महिलाओं ने कहा कि सुबह और शाम कार्यालय आने-जाने में अब उन्हें कम परेशानी होगी।
फिलहाल परिवहन विभाग इस सेवा की निगरानी कर रहा है और यात्रियों की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे रूट और बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य पटना में सार्वजनिक परिवहन को अधिक मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है ताकि लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़े।


