जनगणना कार्य में पूरे बिहार में अव्वल बना भागलपुर: 81 फीसदी लक्ष्य हासिल कर जिला प्रथम पायदान पर, जिलाधिकारी ने कर्मियों को सराहा

भागलपुर, 18 मई 2026। बिहार राज्य के भीतर प्रशासनिक प्रणालियों के आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय महत्व के विलेखों के समयबद्ध संपादन की कड़ियों में भागलपुर जिले ने एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। संपूर्ण सूबे के सभी 38 जिलों में संचालित हो रहे व्यापक और सघन जनगणना (सेंसस) कार्य की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट में भागलपुर जिला संपूर्ण बिहार के भीतर सर्वोच्च स्थान प्राप्त करते हुए प्रथम पायदान पर काबिज हो गया है। भागलपुर समाहरणालय प्रक्षेत्र में अवस्थित समीक्षा भवन के मुख्य सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय और गंभीर प्रशासनिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था। इस सांगठनिक बैठक के भीतर जिले के विभिन्न प्रखंडों, नगर निकायों और सुदूर दियारा अंचलों में तैनात किए गए प्रगणकों व पर्यवेक्षकों द्वारा अब तक किए गए डिजिटल व भौतिक कार्यों के आंकड़ों का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया।

​इस जिला स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक के विन्यास से ठीक पूर्व, बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा राज्य मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलों में चल रहे जनगणना महाअभियान की धरातलीय प्रगति की एक व्यापक और कड़क समीक्षा की गई थी। इस प्रादेशिक स्तर की समीक्षा के दौरान जब सभी जिलों के सांख्यिकीय और अंकीय आंकड़ों का मिलान किया गया, तो यह विलेख आधिकारिक रूप से सामने आया कि भागलपुर जिले ने अपने कुल आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष 81 प्रतिशत की शानदार और त्रुटिहीन उपलब्धि दर्ज कर ली है। इस गौरवशाली उपलब्धि के सार्वजनिक होते ही राज्य मुख्यालय द्वारा भागलपुर जिला प्रशासन की कार्यशैली और रणनीतिक विन्यास की सराहना की गई, जिसके उपरांत जिला समाहरणालय में उत्सव और मुस्तैदी का माहौल देखा जा रहा है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत द्वारा राज्य स्तरीय डेटाबेस की सघन समीक्षा

​सोमवार की सुबह आयोजित इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक विमर्श के दौरान बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ सीधा डिजिटल संवाद स्थापित किया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय विकास नीतियों के निर्माण, बजटीय आबंटन की प्रविधियों को संधारित करने और विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता और समयबद्धता सबसे अनिवार्य स्तंभ है। इस प्रक्रम में किसी भी स्तर की लिपिकीय उदासीनता या मानवीय लापरवाही को विधिक रूप से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

​राज्य स्तरीय समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने एक-एक कर सभी जिलों के प्रगति चार्ट्स और डिजिटल पोर्टल्स पर अपलोड किए गए डेटा सिंक्रोनाइजेशन (डेटा मिलान) की विधा को परखा। जब भागलपुर जिले की संचिकाओं और सर्वर पर दर्ज प्रविष्टियों की तकनीकी जांच की गई, तो यह पाया गया कि यहाँ के शहरी वार्डों से लेकर सुदूर देहातों तक में मकान सूचीकरण और जनसंख्या प्रविष्टि का कार्य 81 प्रतिशत की सीमा को पार कर चुका है, जो राज्य के औसत ग्राफ से कहीं अधिक है। मुख्य सचिव ने इस तीव्र और पारदर्शी कार्यशैली को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन के संगठनात्मक ढांचे की पीठ थपथपाई और अन्य जिलों के कप्तानों को भी इसी सफल मॉडल का अनुकरण करने का कड़ा निर्देश जारी किया।

समीक्षा भवन में जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी का कड़ा और सुदृढ़ रुख

​राज्य स्तरीय बैठक से प्राप्त कड़क और उत्साहजनक इनपुट्स के तुरंत बाद जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन के मुख्य मंच से जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO), अंचलाधिकारियों (CO), नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों और जिला सांख्यिकीय विंग के तकनीकी प्रबंधकों के साथ आंतरिक बैठक की। जिलाधिकारी ने इस ऐतिहासिक और गौरवशाली उपलब्धि को प्राप्त करने के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर चिलचिलाती धूप और विपरीत मौसमी परिस्थितियों के बीच सुदूर टोलों में काम करने वाले प्रगणकों, प्राथमिक शिक्षकों, संविदा कर्मियों और सुपरवाइजरों के अथक परिश्रम व सांगठनिक निष्ठा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रशासनिक तंत्र के लिए पूरे सूबे में नंबर वन के पायदान पर पहुंचना सामूहिक प्रयास और कड़े कार्य-अनुशासन का ही प्रतिफल होता है। हालांकि, इस बड़ी सफलता की सराहना करने के साथ ही जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ाई से सचेत करते हुए कहा कि 81 प्रतिशत का लक्ष्य पाना केवल एक आंशिक पड़ाव है, असली चुनौती शेष बचे हुए 19 प्रतिशत के जटिल और तकनीकी कार्यों को बिना किसी त्रुटि के शत-प्रतिशत पूर्ण करने की है। उन्होंने निर्देश दिया कि इस शीर्ष पायदान को बनाए रखने के लिए तंत्र को अपनी ऊर्जा को दोगुना करना होगा और किसी भी स्तर पर आत्मसंतोष या शिथिलता की विसंगति नहीं पनपनी चाहिए।

शेष 19 प्रतिशत कार्यों के निष्पादन के लिए समयबद्ध और कड़ा टास्क

​जनगणना अभियान के अंतिम चरण को पूरी सुगमता के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने सभी प्रखंडों के प्रभारियों को एक अत्यंत कड़ा और समयबद्ध (टाइम-बाउंड) टास्क सौंपा है। उन्होंने आदेश दिया कि जिले के जिन चुनिंदा शहरी वार्डों, व्यावसायिक प्रक्षेत्रों या कतिपय दुर्गम दियारा इलाकों में किन्हीं तकनीकी कारणों, नेटवर्क की विसंगतियों या परिवारों की अनुपलब्धता के चलते डेटा प्रविष्टि का कार्य आंशिक रूप से लंबित है, वहां के लिए विशेष ‘क्विक रिस्पांस सांख्यिकीय टीमों’ का विन्यास किया जाए।

​सभी संबंधित अधिकारियों को यह विधिक निर्देश जारी किया गया है कि वे स्वयं प्रतिदिन शाम को अपने-अपने क्षेत्राधिकार के तहत आने वाले प्रगणकों के डिजिटल लॉग्स की भौतिक जांच करेंगे। यदि किसी प्रगणक या पटल सहायक के स्तर पर डेटा अपलोडिंग में अनावश्यक विलंब या मानवीय त्रुटि पाई जाती है, तो उसके खिलाफ अनुशासनिक विलेखों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की प्रविष्टि की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शेष बचे हुए 19 प्रतिशत कार्य को आगामी निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करना अनिवार्य है ताकि भागलपुर जिला अपनी इस सर्वोच्च अवस्थिति को अंतिम विलेख तक कड़ाई से सुरक्षित रख सके।

डिजिटल प्रणालियों का समावेश और डेटा सुरक्षा का कड़ा विन्यास

​वर्ष 2026 में संचालित की जा रही इस जनगणना की सबसे बड़ी तकनीकी और व्यावहारिक विशेषता इसका पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस (कागज रहित) होना है। भागलपुर जिले के सांख्यिकीय विभावों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी के अनुसार, सभी प्रगणकों को विशेष रूप से डिजाइन किए गए सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन और टैबलेट्स हस्तगत कराए गए हैं। प्रगणक जैसे ही किसी परिवार के विन्यास, उनकी सामाजिक-आर्थिक अवस्थिति और सदस्यों की संख्या के विलेखों को ऐप के भीतर दर्ज करते हैं, वह डेटा सीधे इंक्रिप्टेड रूप में राज्य और राष्ट्रीय जनगणना के मुख्य सर्वर ग्रिड से एकीकृत (सिंक्रोनाइज) हो जाता है।

​इस अंकीय प्रविष्टि (डिजिटल एंट्री) के कारण कागजी फाइलों के खोने, चूहों द्वारा कुतरने या मानवीय छेड़छाड़ की विसंगतियों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने तकनीकी निदेशकों को निर्देश दिया है कि डेटा सुरक्षा और नागरिकों की गोपनीयता के विधिक नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए। इसके साथ ही, इंटरनेट की आंशिक कमी वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऐप के भीतर ऑफलाइन मोड के विन्यासों का भी कुशल उपयोग किया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी की बाधा के कारण कार्य की गति प्रभावित न हो।

जन-संपर्क विभाग का जन-जागरूकता अभियान और सहयोग की अपील

​इस महाअभियान के सामाजिक आयामों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला जन-संपर्क कार्यालय भी पूरी सक्रियता के साथ धरातल पर काम कर रहा है। संयुक्त निदेशक, जन-संपर्क भागलपुर द्वारा जारी सूचना के अनुसार, जिले के सभी नगर निकायों, महादलित टोलों और जनजातीय क्षेत्रों में विभिन्न प्रचार वाहनों, होर्डिंग्स और स्थानीय नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम नागरिकों को जनगणना के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जन-संपर्क विभाग ने जिले की आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि जब भी कोई अधिकृत प्रगणक या सरकारी कर्मी उनके विन्यास पर पहुंचे, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट या भ्रामक अफवाहों के प्रभाव में आए, अपने परिवार से जुड़े सही और प्रामाणिक आंकड़ों को विधिक रूप से दर्ज कराएं।

​नागरिकों का यह सही सहयोग ही भविष्य में भागलपुर के विकास के लिए बनने वाली सड़कों, अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और राशन वितरण प्रणालियों के सटीक बजटीय आबंटन का मुख्य आधार साबित होगा। समाहरणालय के आला अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि जिस प्रतिबद्धता, तत्परता और सांगठनिक ऊर्जा के साथ पूरी टीम काम कर रही है, उसके बल पर भागलपुर जिला बहुत जल्द ही शत-प्रतिशत जनगणना के लक्ष्य को पूरा कर देश के नीतिगत पटल पर एक नया आदर्श स्थापित करेगा।

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