बिहार में बड़े निवेश और औद्योगिक विकास पर महामंथन: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिले उद्योगपति गौतम अदाणी

पटना, 17 मई 2026। बिहार की औद्योगिक और आर्थिक तकदीर को एक नया और प्रगतिशील विन्यास देने की दिशा में रविवार को राजधानी पटना में एक अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि दर्ज की गई। देश के अग्रणी औद्योगिक घराने अदाणी समूह के चेयरमैन और प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अदाणी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से एक विशेष शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री के आधिकारिक कक्ष ‘संकल्प’ में आयोजित इस रणनीतिक बैठक के दौरान बिहार के भीतर चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स, भविष्य की निवेश संभावनाओं और ढांचागत विकास की विभिन्न कड़ियों पर अत्यंत विस्तार से चर्चा की गई।

​मुलाकात के दौरान सकारात्मक और व्यावहारिक विभावों के बीच संवाद हुआ, जिसमें गौतम अदाणी ने बिहार के चहुंमुखी विकास में अपने समूह की ओर से हरसंभव तकनीकी और वित्तीय सहायता देने का विधिक आश्वासन दिया। इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात को बिहार में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित करने और राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था के साथ औद्योगिक समन्वय को सुदृढ़ करने के लिहाज से एक बड़े टर्निंग प्वाइंट के रूप में देखा जा रहा है। सरकार के शीर्ष स्तर पर हुई इस सीधी बातचीत से राज्य में जारी और आगामी मेगा परियोजनाओं की प्रशासनिक अड़चनों के दूर होने की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

1 अणे मार्ग में सजी विकास के रोडमैप की रणनीतिक बिसात

​मंत्रिमंडल सचिवालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आधिकारिक सूचना के विलेखों के अनुसार, यह शिष्टाचार मुलाकात पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण और विकासात्मक प्राथमिकताओं पर केंद्रित थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुके भेंट कर उद्योगपति गौतम अदाणी का स्वागत किया और इसके बाद दोनों दिग्गजों के बीच राज्य की वर्तमान आर्थिक अवस्थिति और औद्योगिक परिदृश्य को लेकर एक लंबी विधिक चर्चा शुरू हुई। बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि बिहार अब केवल श्रम शक्ति की आपूर्ति करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि अनुकूल सरकारी नीतियों और बेहतर कानून-व्यवस्था के बल पर इसे देश के अग्रणी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और ऊर्जा उत्पादन केंद्रों में तब्दील किया जाएगा।

​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चर्चा के क्रम में स्पष्ट किया कि बिहार सरकार उद्योगों की स्थापना के लिए एक पूरी तरह से सुगम और पारदर्शी वातावरण तैयार कर रही है। राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीतियों के तहत जमीन आवंटन, बिजली की निरंतर आपूर्ति और प्रशासनिक मंजूरियों की प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने अदाणी समूह के चेयरमैन को आश्वस्त किया कि बिहार में उनके जितने भी बड़े प्रोजेक्ट्स वर्तमान समय में संचालित हैं या भविष्य में प्रस्तावित हैं, उन्हें बिना किसी व्यावहारिक विलंब के धरातल पर उतारने के लिए पूरी राज्य मशीनरी कड़ाई से सहयोग करेगी।

₹40,000 करोड़ के मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो को और विस्तार देने पर विमर्श

​इस विधिक मुलाकात का एक सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी कोण अदाणी समूह द्वारा बिहार में पहले से किए जा रहे विशाल निवेशों के क्रियान्वयन और उनकी समयबद्ध प्रगति की समीक्षा से जुड़ा था। वर्तमान समय में अदाणी समूह बिहार के सबसे बड़े निजी निवेशकों में शीर्ष स्थान पर स्थापित हो चुका है और राज्य के भीतर उसका कुल निवेश पोर्टफोलियो करीब 40,000 करोड़ रुपये के स्तर को छू रहा है।

​बैठक के भीतर मुख्य रूप से भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रक्षेत्र में निर्माणाधीन 2,400 मेगावाट क्षमता के अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की प्रगति पर संवाद हुआ। लगभग 27,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहा यह पावर प्लांट बिहार के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी औद्योगिक विधा है। मुख्यमंत्री और गौतम अदाणी ने इस बात पर सामूहिक सहमति जताई कि इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होते ही बिहार न केवल बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर भी पैदा होंगे।

​इसके समानांतर, ‘इंडियन ऑयल अदाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड’ के माध्यम से मगध और केंद्रीय बिहार के गया व नालंदा जिलों में विकसित किए जा रहे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क की कड़ियों को भी खंगाला गया। घरों तक पाइपलाइन से एलपीजी (PNG) पहुंचाने और सीएनजी स्टेशनों के नेटवर्क को तीव्र गति देने पर सहमति बनी। साथ ही, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड द्वारा उत्तरी बिहार के जिलों में लगाए जा रहे लगभग 30 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की तकनीकी प्रविधि और बिजली वितरण के आधुनिकीकरण के एजेंडे पर भी मुख्यमंत्री ने अपने महत्वपूर्ण नीतिगत सुझाव दिए।

नवादा-मुजफ्फरपुर सीमेंट यूनिट्स और बुनियादी ढांचागत निवेश की समीक्षा

​मुलाकात के एजेंडे में बिहार के भीतर बुनियादी ढांचा निर्माण (इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग) सामग्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए समूह द्वारा किए जा रहे औद्योगिक विस्तार की समीक्षा भी शामिल थी। अदाणी समूह द्वारा वर्तमान में राज्य के नवादा और मुजफ्फरपुर जिलों में 6-6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की विशाल उत्पादन क्षमता वाली दो अत्याधुनिक सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों का विस्तार किया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का संयुक्त पूंजी निवेश किया जा रहा है।

​गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को इन सीमेंट इकाइयों के निर्माण कार्य की अद्यतन तकनीकी रिपोर्ट से अवगत कराया और बताया कि पर्यावरण और सुरक्षा के उच्चतम विधिक मानकों का पालन करते हुए इन फैक्ट्रियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी तरह से चालू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात की सराहना की कि इन भारी उद्योगों के आने से न केवल बिहार के आंतरिक राजस्व (टैक्स कलेक्शन) में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, निर्माण ठेकेदारों और कुशल व अकुशल श्रमिकों को उनके घर के पास ही स्थाई रोजगार प्राप्त हो सकेगा।

औद्योगिक प्रगति के साथ सामाजिक और स्वास्थ्य आयामों का विधिक समन्वय

​इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान केवल व्यावसायिक और औद्योगिक निवेशों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि अदाणी समूह की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) इकाई द्वारा बिहार के ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए हालिया ऐतिहासिक कदमों की भी गहराई से सराहना की गई। गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके समूह ने बिहार के सारण जिले के मस्तीचक में ‘अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल’ के सहयोग से 150 करोड़ रुपये की लागत वाली एक विशाल नेत्र स्वास्थ्य परियोजना की आधारशिला रखी है।

​इसके तहत बनने वाले ‘अदाणी सेंटर फॉर आई’ (ACE) और ‘अदाणी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन’ (ATOM) के माध्यम से हर साल 3.3 लाख मुफ्त या रियायती आंखों की सर्जरी संभव हो सकेगी और 1,000 ग्रामीण युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्लांट के समीप स्थापित किए जाने वाले 200 बिस्तरों वाले आधुनिक सुपर स्पेशलिटी नेत्र अस्पताल की रूपरेखा भी साझा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पुनीत मुहिम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जब बड़े औद्योगिक घराने सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार की संवेदनशील विधा अपनाते हैं, तो विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे वंचित व्यक्ति तक वास्तविक रूप में पहुंचता है।

सिंगल विंडो प्रणालियों को कड़ा करने और बाधाओं को दूर करने का प्रशासनिक संकल्प

​बैठक के अंतिम चरण में, बिहार सरकार के प्रशासनिक विभावों और औद्योगिक घरानों के बीच आने वाली कतिपय व्यावहारिक बाधाओं, जैसे भूमि अधिग्रहण के विलेख, स्थानीय पर्यावरणीय अनापत्तियां और लॉजिस्टिक सपोर्ट की प्रणालियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में जितने भी बड़े औद्योगिक निवेश आ रहे हैं, उनके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस (एकीकृत विधिक स्वीकृति प्रणाली) को पूरी तरह प्रभावी और जवाबदेह बनाया जाए। किसी भी निवेशक को अपनी फाइलों की स्वीकृति के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए मुख्यमंत्री सचिवालय स्तर से सीधी सर्विलांस की व्यवस्था की जा रही है।

​गौतम अदाणी ने बिहार सरकार की इस प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की विधा की सराहना करते हुए दोहराया कि बिहार की पवित्र धरती में निवेश करना उनके समूह के लिए केवल एक व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने का एक पवित्र संकल्प है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले दिनों में उनका समूह बिहार के भीतर फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (डेटा सेंटर्स) और रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) के क्षेत्रों में भी निवेश की नई संभावनाओं को तलाशने के लिए अपनी तकनीकी टीमों को भेजेगा।

​इस उच्चस्तरीय शिष्टाचार मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, पर्यटन विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह तथा मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी (OSD) गोपाल सिंह सहित कई अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी और नीति-नियंता विधिक रूप से उपस्थित रहे।

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