
बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग में तैनात कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार आय से अधिक संपत्ति और काले धन के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी में उनके कई ठिकानों से भारी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
गोपाल Kumar वर्तमान में झाझा कार्य प्रमंडल, जमुई में कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, 16 साल की सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। EOU ने उनके बैंक खातों में जमा करीब 10 लाख रुपये भी फ्रीज कर दिए हैं।
EOU ने शनिवार को पटना, जमुई और अन्य स्थानों पर कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पटना का मजिस्ट्रेट कॉलोनी फ्लैट, कंकड़बाग स्थित इंदिरा नगर आवास, राजाबाजार स्थित ससुराल, झाझा का सरकारी कार्यालय और जमुई का किराये का मकान शामिल हैं।
छापेमारी में करीब 48 लाख रुपये नकद, 424 ग्राम से अधिक सोने के आभूषण और लगभग 1 किलो चांदी बरामद हुई। सोने के आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि इंजीनियर ने कई जगहों पर जमीन, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश किया है। पटना के कंकड़बाग में पैतृक मकान, मजिस्ट्रेट कॉलोनी और ज्योतिपुरम अपार्टमेंट में फ्लैट के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा सगुना मोड़ स्थित जेबी मॉल में दो दुकानों की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है।
EOU को दानापुर स्थित निर्माणाधीन भवन और जमीन से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, दानापुर के लक्ष्मी कॉटेज में चार बेडरूम फ्लैट के लिए 80 लाख रुपये नकद भुगतान के प्रमाण भी बरामद हुए हैं।
प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि गोपाल कुमार ने अपनी ज्ञात आय से लगभग 2.61 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी वैध आय से करीब 81.5 प्रतिशत ज्यादा है। फिलहाल EOU पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


