
कैमूर। बिहार के कैमूर जिले में चार सिरकटी लाशों की बरामदगी से फैली सनसनी के बीच पुलिस ने 60 घंटे के भीतर इस भयावह हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। रामगढ़ थाना क्षेत्र में दुर्गावती नदी और अभैदे नहर से सूटकेस और बोरियों में बंद हालत में मिले शवों के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर अब पुलिस कटे हुए सिर और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे कैमूर जिले को हिला कर रख दिया था। अलग-अलग स्थानों से सिरविहीन शव मिलने के बाद इलाके में डर और दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस के लिए यह मामला बड़ी चुनौती बन गया था क्योंकि शवों की पहचान और हत्या के पीछे की वजह दोनों ही शुरुआती दौर में रहस्य बने हुए थे। लेकिन लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आखिरकार मामले की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।
जानकारी के अनुसार रामगढ़ थाना क्षेत्र के दुर्गावती नदी और अभैदे नहर के आसपास के इलाकों से दो सूटकेस और दो बोरियों में बंद शव बरामद किए गए थे। शवों की हालत इतनी भयावह थी कि स्थानीय लोग दहशत में आ गए। पुलिस ने जब सूटकेस और बोरियों को खोला तो अंदर सिरकटी लाशें मिलीं। घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने तत्काल इलाके को घेरकर जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया था कि हत्या कहीं और की गई और शवों को पहचान छिपाने के उद्देश्य से अलग-अलग स्थानों पर फेंका गया। शवों के टुकड़े कर पैकिंग करने के तरीके ने भी पुलिस को यह संकेत दिया कि वारदात बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने विशेष टीम का गठन किया था। टीम में स्थानीय थाना पुलिस के साथ तकनीकी और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया। पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। लगातार 60 घंटे तक चली जांच के बाद पुलिस एक संदिग्ध तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, उससे पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने हत्या और शवों को ठिकाने लगाने से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी आरोपी की पहचान और हत्या के पीछे की पूरी वजह सार्वजनिक नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रभावित न हो, इसलिए कई जानकारियां फिलहाल गोपनीय रखी गई हैं।
शनिवार को पुलिस टीम आरोपी को साथ लेकर कई स्थानों पर पहुंची। पुलिस दुर्गावती नदी, पेट्रोल पंप के आसपास के इलाके और डहरक गांव में लगातार तलाशी अभियान चला रही है। इस दौरान कृष्ण मुरारी गुप्ता के सील किए गए घर के आसपास भी गहन जांच की गई। पुलिस को शक है कि हत्या के बाद शवों के टुकड़े करने और उन्हें ठिकाने लगाने में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस की सबसे बड़ी चुनौती अब कटे हुए सिर और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद करना है। जांच टीम नदी किनारे और आसपास के संभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। गोताखोरों और स्थानीय पुलिसकर्मियों की मदद से नदी में भी तलाश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए जाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि हत्या के बाद शवों को छोटे-छोटे हिस्सों में काटा गया और फिर उन्हें अलग-अलग बैग और बोरियों में पैक कर फेंका गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी, आर्थिक विवाद या किसी आपराधिक गिरोह की भूमिका तो नहीं है।
घटना के खुलासे के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोग इस निर्मम हत्या को लेकर स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। कई ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला और डीएसपी प्रदीप कुमार लगातार पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारी हर छोटी जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस केस को प्राथमिकता के आधार पर जांचा जा रहा है और जल्द ही पूरे हत्याकांड की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
फॉरेंसिक टीम भी मामले में जुटी हुई है। बरामद शवों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या किस समय और किस तरीके से की गई। साथ ही शवों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए किन वाहनों का इस्तेमाल हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बिहार के हाल के सबसे क्रूर अपराधों में से एक माना जा सकता है। जिस तरह शवों के सिर काटकर उन्हें अलग-अलग जगहों पर फेंका गया, उससे साफ है कि अपराधियों ने पहचान मिटाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की थी। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
फिलहाल कैमूर पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है और इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया जाएगा और इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


