​मुजफ्फरपुर में रिश्तेदार ने नशीला मंचूरियन खिलाकर किया दुष्कर्म, अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

मुजफ्फरपुर, 16 मई 2026। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र से पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों की मर्यादा को पूरी तरह से तार-तार कर देने वाली एक बेहद शर्मनाक और हृदयविदारक वारदात सामने आई है। एक कलयुगी रिश्तेदार ने न केवल घरेलू और सामाजिक भरोसे का कत्ल किया, बल्कि एक युवती को अपनी हवस का शिकार बनाकर विधिक व नैतिक रूप से अक्षम्य अपराध को अंजाम दिया है। आरोपी ने पहले नशीला पदार्थ खिलाकर युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया और फिर उसकी सामाजिक अस्मत को खंडित करने के लिए पूरी घटना का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वायरल कर दिया। इस बर्बर और डिजिटल हिंसा के बाद पीड़ित परिवार समाज में गहरे मानसिक तनाव और भयानक खौफ के साए में जीने को मजबूर है। परिजनों का अत्यंत गंभीर आरोप है कि स्थानीय ब्रह्मपुरा थाने में नामजद विधिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी की अविलंब गिरफ्तारी के लिए कोई भी ठोस और दंडात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

मंचूरियन में नशीला पदार्थ मिलाकर एकांत कमरे में की हैवानियत

​घटना की विधिक और भौतिक पृष्ठभूमि के अनुसार, आरोपी युवती के रिश्ते में मामा का साला लगता है, जिसके कारण उसका पीड़ित परिवार के घर पर लगातार और बेरोकटोक आना-जाना बना रहता था। इसी पारिवारिक निकटता और विश्वास का अनुचित फायदा उठाकर आरोपी ने कुछ समय पहले युवती को मिलने के बहाने एक सुनसान और एकांत कमरे पर बुलाया। अपने ही रिश्तेदार की बदनीयत और छिपी हुई हैवानियत से पूरी तरह अनजान युवती बिना किसी संकोच के वहां चली गई।

​कमरे के भीतर आरोपी ने उसे खाने के लिए मंचूरियन की एक प्लेट दी। पुलिस को दिए गए विधिक आवेदन के मुताबिक, उस मंचूरियन में पहले से ही कोई बहुत तीव्र नशीला या बेहोशी का रासायनिक पदार्थ मिलाया गया था। मंचूरियन के कुछ टुकड़े खाते ही युवती का सिर चकराने लगा और वह पूरी तरह से अचेत होकर जमीन पर गिर पड़ी। इसके बाद आरोपी ने मानवीय और सामाजिक संवेदनाओं को ताक पर रखते हुए अचेत अवस्था में युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया। इस घिनौनी करतूत के दौरान आरोपी ने अपने मोबाइल फोन से एक अश्लील वीडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर ली, ताकि भविष्य में इसे ब्लैकमेलिंग के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

जान से मारने की विधिक धमकी और सोशल मीडिया पर डिजिटल प्रहार

​जब पीड़िता को होश आया और उसने अपने साथ हुए इस भयानक शारीरिक शोषण का कड़ा विरोध करते हुए शोर मचाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने अपनी असली विधा दिखाई। उसने पीड़िता को वह अश्लील वीडियो दिखाते हुए कड़े लहजे में धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में अपने माता-पिता या किसी भी विधिक प्राधिकारी को कुछ भी बताया, तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार देगा। लोक-लाज, सामाजिक बदनामी और अपने परिवार की सुरक्षा के डर से सहमी हुई युवती कई दिनों तक इस गहरे मानसिक आघात को अपने भीतर ही दबाकर घुटती रही।

​कुछ दिनों के अंतराल के बाद आरोपी की विधिक उद्दंडता और ज्यादा बढ़ गई। वह उस रिकॉर्ड किए गए वीडियो को इंटरनेट पर सार्वजनिक करने की लगातार धमकी देने लगा और युवती पर दोबारा अवैध शारीरिक संबंध बनाने का मानसिक दबाव बनाने लगा। जब साहसी युवती ने उसकी इस अनुचित और घिनौनी मांग के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपी ने प्रतिशोध की भावना से ग्रसित होकर उस अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुप्स और पब्लिक प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर वायरल कर दिया। वीडियो के इंटरनेट पर प्रसारित होते ही समाज में पीड़िता और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को गहरा आघात लगा, जिसके बाद रोते हुए पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी दर्दनाक आपबीती सुनाई।

ब्रह्मपुरा पुलिस की विधिक शिथिलता और डीआईजी चंदन कुशवाहा से मुलाकात

​इस खौफनाक वारदात और डिजिटल प्रताड़ना की जानकारी मिलते ही परिजनों का गुस्सा और दुख फूट पड़ा। उन्होंने तुरंत कानून की शरण लेते हुए स्थानीय ब्रह्मपुरा थाने में उपस्थित होकर आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि नियमित धाराओं में केस दर्ज होने के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस के अनुसंधान की गति पूरी तरह से शिथिल बनी हुई है और आरोपी को पकड़ने के लिए कोई विधिक दबिश नहीं दी जा रही है।

​थाने स्तर से उचित न्याय न मिलता देख हताश पीड़ित परिवार ने मुजफ्फरपुर रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा से उनके आधिकारिक कार्यालय में मुलाकात की। परिजनों ने डीआईजी के समक्ष पूरी विधिक वस्तुस्थिति रखी और बताया कि किस तरह स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण आरोपी खुलेआम घूम रहा है और पीड़ित पक्ष को केस वापस लेने की धमकियां दे रहा है। डीआईजी चंदन कुशवाहा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों को त्वरित छापेमारी और तकनीकी जांच के कड़े निर्देश जारी किए, परंतु इसके बावजूद वर्तमान समय तक मुजफ्फरपुर पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली दिखाई दे रहे हैं।

पीड़ित परिवार का अल्टीमेटम और मानसिक अवसाद की चरम स्थिति

​इस समय पूरा पीड़ित परिवार समाज में फैली बदनामी, लोक-लाज और पुलिस की इस प्रशासनिक बेरुखी के कारण गहरे मानसिक अवसाद और आत्मघाती विचारों से जूझ रहा है। समाज के कुछ हिस्सों में मिल रहे तानों और इंटरनेट पर मौजूद वीडियो के कारण परिवार के सदस्य घरों से बाहर निकलने की स्थिति में नहीं हैं। सुरक्षा की कमी के कारण घर की अन्य बेटियां भी गहरे खौफ में हैं।

​पीड़ित परिवार ने मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन और बिहार सरकार के गृह विभाग से अविलंब विधिक हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। परिवार के मुखिया ने एक अत्यंत गंभीर और चेतावनी भरा बयान जारी करते हुए कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन ने अगले 24 घंटे के भीतर उस हैवान आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा और उस वीडियो को इंटरनेट के सर्वरों से हटाने की विधिक प्रविधि शुरू नहीं की, तो हताशा और सामाजिक जिल्लत के कारण पूरा परिवार सामूहिक रूप से कोई भी आत्मघाती या गंभीर कदम उठाने को विवश हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस और कानून व्यवस्था की होगी। इस मामले को लेकर स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश भड़क रहा है।

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