​बिहार पुलिस में बंपर बहाली की तैयारी: दारोगा और सिपाही के 37,978 पदों पर जल्द शुरू होगी सीधी भर्ती और प्रोन्नति प्रक्रिया

पटना, 16 मई 2026। बिहार के ऊर्जावान युवाओं और पुलिस महकमे में शामिल होकर समाज की सेवा करने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार ने रोजगार का एक बड़ा मार्ग खोल दिया है। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के स्तर पर प्रशासनिक तैयारियों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद अब सूबे में सिपाही से लेकर पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) के पदों पर एक ऐतिहासिक बहाली होने जा रही है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस के अलग-अलग विंग और संवर्गों में कुल 37,978 रिक्त पदों को भरने के लिए विधिक और प्रशासनिक कवायद बेहद तेज गति से शुरू कर दी गई है। इस महा-भर्ती अभियान के तहत जहां हजारों पदों पर सीधी प्रतियोगिता परीक्षा के जरिए नई नियुक्तियां की जाएंगी, वहीं विभाग में लंबे समय से कार्यरत कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पदोन्नति का रास्ता भी साफ किया गया है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस व्यापक प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद अब भर्ती से संबंधित चयन बोर्डों द्वारा बहुत जल्द विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

बढ़ती जनसंख्या के अनुपात में सृजित किए गए नए पद

​राज्य सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस बंपर बहाली का मुख्य आधार प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या और कानून-व्यवस्था के बदलते विधिक आयाम हैं। राष्ट्रीय मानकों के अनुसार, प्रति लाख की आबादी पर पुलिस बलों की संख्या को संतुलित करने के उद्देश्य से सरकार ने इन नए और लंबित पदों की आवश्यकता का वैज्ञानिक और प्रशासनिक आकलन किया था। वर्तमान समय में थानों के आधुनिकीकरण, नए थानों और आउटपोस्ट (ओपी) के निर्माण तथा साइबर क्राइम, मद्यनिषेध व यातायात प्रबंधन जैसे विशेष विंग के विस्तार के कारण अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती बेहद अनिवार्य हो चुकी थी।

​इसी प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने पदों के सृजन का खाका तैयार किया, जिसे वित्त विभाग की सहमति के बाद राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) के समक्ष उपस्थापित किया गया था। कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब इन पदों पर विधिक रूप से वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। इस बड़े फैसले से न केवल थानों के स्तर पर अनुसंधान और गश्ती की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक उत्तरदायी और सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

दारोगा के पदों पर 50-50 का फॉर्मूला: सीधी भर्ती और प्रोन्नति का अनूठा संतुलन

​इस पूरी बहाली प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण और नीतिगत निर्णय पुलिस अवर निरीक्षक यानी दारोगा के पदों को लेकर किया गया है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार, विभाग में दारोगा संवर्ग के कुल 20,937 पद चिन्हित किए गए हैं। इन पदों को भरने के लिए कैबिनेट ने एक बेहद संतुलित और व्यावहारिक 50-50 प्रतिशत का फॉर्मूला स्वीकृत किया है, जिसके तहत आधे पदों को सीधी प्रतियोगिता परीक्षा से और बाकी के आधे पदों को आंतरिक विभागीय पदोन्नति के जरिए भरा जाएगा।

​इस विधिक निर्णय के आलोक में, कुल पदों में से 10,468 पदों पर सीधी नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर पारदर्शी तरीके से मेधावी अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। दूसरी तरफ, विभाग के भीतर आंतरिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 10,469 पदों को प्रोन्नति (Promotion) से भरने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत वर्तमान समय में थानों और विभिन्न विंग में कार्यरत योग्य सहायक अवर निरीक्षकों (ASI) को उनके सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता और विधिक मापदंडों के आधार पर दारोगा के पद पर प्रोन्नत किया जाएगा। इस दोहरे निर्णय से जहां नए युवाओं को पुलिस सेवा में आने का मौका मिलेगा, वहीं पुराने अनुभवी पुलिसकर्मियों को समय पर पदोन्नति पाकर काम करने की नई ऊर्जा प्राप्त होगी।

सिपाही संवर्ग में 27,510 पदों पर महा-बहाली, चालक सिपाहियों के लिए भी बड़ा मौका

​बिहार पुलिस के सुरक्षा चक्र को जमीनी स्तर पर अभेद्य बनाने के लिए सबसे बड़ी संख्या में सिपाहियों की भर्ती की जा रही है। गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सिपाही और उसके समकक्ष संवर्गों में कुल 27,510 पदों पर सीधी बहाली की जाएगी। सिपाही के पदों को भी कार्य की प्रकृति और तकनीकी आवश्यकताओं के आधार पर दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है, ताकि थानों की कानून-व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस के लॉजिस्टिक्स और मोबिलिटी को भी सुदृढ़ किया जा सके।

सिपाही संवर्ग के पदों का विस्तृत वर्गीकरण:

  • सामान्य सिपाही एवं समकक्ष पद: इस श्रेणी के अंतर्गत कुल 22,010 पदों पर सीधी नियुक्तियां की जाएंगी। इन सुरक्षाकर्मियों को मुख्य रूप से थानों की कानून-व्यवस्था, गश्ती दल, वीआईपी सुरक्षा, पुलिस लाइंस और विभिन्न विशेष सुरक्षा बलों में तैनात किया जाएगा। केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा इस प्रक्रिया को संचालित किया जाएगा।
  • चालक सिपाही (ड्राइवर कांस्टेबल) एवं समकक्ष पद: थानों और पुलिस की गाड़ियों के सुरक्षित और त्वरित परिचालन को सुनिश्चित करने के लिए 5,500 पदों पर चालक सिपाहियों की बहाली होगी। इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ अभ्यर्थियों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना और भारी व हल्के वाहनों को चलाने की विधिक व व्यावहारिक दक्षता होना अनिवार्य होगा। थानों में नई गाड़ियों की आपूर्ति के बाद कुशल चालकों की यह भर्ती बेहद कारगर साबित होगी।

भर्ती बोर्डों ने शुरू की प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां

​कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद गृह विभाग ने विधिक अधिसूचना की प्रतियां संबंधित भर्ती बोर्डों, जिनमें बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) और केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) शामिल हैं, को प्रेषित कर दी हैं। पुलिस मुख्यालय के स्तर पर भी रोस्टर क्लीयरेंस और आरक्षण रोस्टर के विधिक मिलान का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से कदाचार मुक्त, पारदर्शी और आधुनिक तकनीकों से लैस बनाने के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए जा रहे हैं।

​लिखित परीक्षाओं के संचालन के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन में पूरी विधिक कड़ाई बरती जाएगी और केवल साफ-सुथरी छवि वाले सरकारी संस्थानों को ही केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के दौरान डिजिटल टाइमिंग इक्विपमेंट और बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या छद्मवेशी (इम्पर्सनेटर) अभ्यर्थियों के प्रवेश को पूरी तरह से रोका जा सके।

प्रशिक्षण क्षमता के विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान

​इतनी बड़ी संख्या में एक साथ होने वाली बहाली को देखते हुए गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों और दारोगाओं के बुनियादी प्रशिक्षण (Basic Training) के लिए भी बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजना पर काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में बिहार के सिमुलतल्ला, राजगीर स्थित बिहार पुलिस अकादमी, नाथनगर (भागलपुर) स्थित सिपाही प्रशिक्षण केंद्र और विभिन्न जिला पुलिस केंद्रों में स्थित ट्रेनिंग स्कूलों की क्षमता का आकलन किया जा रहा है।

​प्रशिक्षण केंद्रों में बैरकों के निर्माण, नए आधुनिक क्लासरूम, अत्याधुनिक हथियारों के सिमुलेटर और फॉरेंसिक साइंस व साइबर इन्वेस्टिगेशन से जुड़े प्रशिक्षण मॉड्यूल्स को अपग्रेड किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि जैसे ही चयन बोर्डों द्वारा मेधा सूची जारी की जाए, वैसे ही बिना किसी विधिक या व्यावहारिक देरी के इन रंगरूटों और प्रशिक्षु अधिकारियों को ट्रेनिंग पर भेजा जा सके। इस महा-भर्ती के माध्यम से बिहार पुलिस न केवल संख्या बल के मामले में समृद्ध होगी, बल्कि आधुनिक तकनीकी चुनौतियों से निपटने के लिए एक पूर्णतः पेशेवर और सक्षम बल के रूप में स्थापित हो सकेगी। आगामी कुछ हफ्तों के भीतर चयन पर्षदों द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर इस बहाली का विस्तृत विज्ञापन और आवेदन की विधिक तिथियां घोषित किए जाने की प्रबल संभावना है।

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