​बिहार के सभी जिलों को मिले नए प्रभारी मंत्री: भागलपुर की कमान नीतीश मिश्रा तो बांका की जिम्मेदारी दिलीप जायसवाल के पास

पटना, 16 मई 2026। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जिला स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देने के लिए एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। राज्य के सभी 38 जिलों में नए प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति कर दी गई है। शुक्रवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। इस नए प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के अध्यक्ष सह प्रभारी मंत्री के रूप में सभी मंत्रियों को जिलों का आवंटन किया गया है। सरकार का मुख्य विधिक उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं की सघन निगरानी करना और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। इस सूची में अंग प्रमंडल के दो सबसे महत्वपूर्ण जिलों, भागलपुर और बांका को नए राजनीतिक मार्गदर्शक मिले हैं, जिससे इन क्षेत्रों के विकास को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

भागलपुर और बांका के लिए तय हुए नए राजनीतिक नीति-निर्धारक

​अंग जनपद के विकास और स्थानीय प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बेहद अनुभवी चेहरों को इस क्षेत्र की कमान सौंपी है। इसके तहत भागलपुर जिले का नया प्रभारी मंत्री नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा को बनाया गया है। भागलपुर एक स्मार्ट सिटी होने के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार का मुख्य वाणिज्यिक केंद्र भी है। ऐसे में नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री को यहाँ का प्रभार मिलना शहर के ड्रेनेज सिस्टम, कचरा प्रबंधन, विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे पुलों के निर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे को गति देने में मददगार साबित होगा।

​दूसरी तरफ, भागलपुर से सटे बांका जिले की जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को दी गई है। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को बांका के साथ-साथ उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का भी प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। बांका जिला भौगोलिक रूप से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों का मिश्रण है, जहाँ भूमि संबंधी विधिक विवाद और डिजिटल लैंड रिकॉर्ड्स के सुदृढ़ीकरण की व्यापक आवश्यकता है। राजस्व मंत्री के सीधे हस्तक्षेप से बांका में भूमि सर्वे और दाखिल-खारिज जैसे संवेदनशील मामलों का त्वरित निष्पादन हो सकेगा।

शीर्ष नेतृत्व और दो-दो जिलों का भार संभालने वाले कद्दावर चेहरे

​कैबिनेट सचिवालय द्वारा जारी विधिक अधिसूचना के अनुसार, सरकार के चार सबसे वरिष्ठ मंत्रियों को दो-दो जिलों की दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि अन्य मंत्रियों को एक-एक जिला आवंटित किया गया है।

  • विजय कुमार चौधरी (उपमुख्यमंत्री): इन्हें राज्य की राजधानी पटना और मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। केंद्रीय सत्ता के केंद्र और सबसे अधिक आबादी वाले इन दोनों जिलों की निगरानी सीधे उपमुख्यमंत्री के हाथों में होगी।
  • विजय कुमार सिन्हा (कृषि मंत्री): इन्हें धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले जिले गयाजी (गया) और गोपालगंज का प्रभार सौंपा गया है, जिससे इन कृषि प्रधान क्षेत्रों में विकास योजनाओं की मॉनिटरिंग तेज होगी।
  • श्रवण कुमार (ग्रामीण विकास मंत्री): इनके पास उत्तर बिहार के दो महत्वपूर्ण जिलों, पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) और शिवहर की जिम्मेदारी रहेगी, जहाँ ग्रामीण रोजगार और बुनियादी ढांचे का विकास मुख्य एजेंडा होगा।
  • डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल (राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री): जैसा कि पूर्व में उल्लेखित है, इनके अधीन मुजफ्फरपुर और बांका जिले के विकास कार्यों की समीक्षा का विधिक अधिकार रहेगा।

सटीक जिलावार आवंटन: जानें किस जिले की कमान किसके हाथ

​प्रशासनिक पारदर्शिता और पाठकों की सुगमता के लिए राज्य के अन्य सभी जिलों में मंत्रियों के प्रभार की विस्तृत सूची निम्नलिखित रूप में जारी की गई है:

​सारण प्रमंडल के महत्वपूर्ण जिले सारण (छपरा) की कमान वरिष्ठ नेता और ऊर्जा क्षेत्र के जानकार बिजेंद्र प्रसाद यादव को दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत को वैशाली जिले का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है, जिससे इस ऐतिहासिक जिले की स्वास्थ्य और प्रशासनिक प्रणालियों की सीधी निगरानी सुनिश्चित होगी। भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह को मिथिलांचल के मधुबनी जिले का प्रभार मिला है, जबकि सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव को औद्योगिक नगर बेगूसराय का जिम्मा सौंपा गया है।

​परिवहन प्रक्षेत्र का नेतृत्व करने वाले दामोदर रावत को समस्तीपुर जिला आवंटित किया गया है। उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर को कैमूर जिले की जिम्मेदारी दी गई है, जहाँ वे शैक्षणिक और पर्यटन विकास के कार्यों को देखेंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी को रोहतास जिले का प्रभारी बनाया गया है, जिससे इस धान के कटोरे कहे जाने वाले क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी बनाया जा सके।

​योजना एवं विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को कोसी प्रक्षेत्र के सुपौल जिले की कमान सौंपी गई है। श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद को शाहबाद क्षेत्र के भोजपुर (आरा) जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी को खगड़िया जिला मिला है। लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष सुमन को नवादा जिले का प्रभार दिया गया है, जहाँ जल संचयन और सिंचाई योजनाओं की निगरानी उनकी प्राथमिकता होगी। पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद को औरंगाबाद का जिम्मा मिला है, जबकि आपदा प्रबंधन की कमान संभालने वाले रत्नेश सादा को पूर्णिया जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है।

सीमांचल, कोसी और मगध प्रक्षेत्र में मंत्रियों का नया रोडमैप

​पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक नगरी दरभंगा का प्रभार सौंपा गया है, जहाँ चल रहे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की वे सीधे समीक्षा करेंगे। विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला कुमारी को मधेपुरा जिला आवंटित किया गया है। पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता को सीवान जिले की जिम्मेदारी मिली है, जबकि एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेंद्र रौशन को पश्चिम चंपारण (बेतिया) का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार को लखीसराय और उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह को सीतामढ़ी जिले की कमान सौंपी गई है, जिससे इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों और ग्रामीण सड़कों के जाल को मजबूती मिलेगी।

​अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान को जहानाबाद का जिम्मा दिया गया है, तो पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को बक्सर जिले का प्रभारी बनाया गया है। ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को सीमांचल के किशनगंज जिले की जिम्मेदारी दी गई है, जहाँ बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय समस्याओं का समाधान उनका मुख्य फोकस होगा। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार को कटिहार जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है। समाज कल्याण मंत्री श्वेता गुप्ता को शेखपुरा जिला मिला है, जबकि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को कोसी प्रक्षेत्र के सहरसा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद को भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले का प्रभार मिला है। पीएचईडी मंत्री संजय कुमार सिंह को जमुई जिला और गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार को मुंगेर जिले की कमान सौंपी गई है। अंत में, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को मगध प्रमंडल के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण जिले अरवल का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है।

क्या होती है प्रभारी मंत्री की विधिक भूमिका और कार्यक्षेत्र

​बिहार सरकार की इस प्रशासनिक व्यवस्था के तहत नियुक्त किए गए सभी प्रभारी मंत्री अपने आवंटित जिलों में सरकार के सीधे प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हैं। वे जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति (20 सूत्री) के पदेन अध्यक्ष होते हैं। पंचांग और नियमों के अनुसार, इन मंत्रियों को नियमित अंतरालों पर अपने आवंटित जिलों का दौरा करना होता है और समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) में जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सभी विभागीय मुख्य अभियंताओं के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें करनी होती हैं।

​इन बैठकों में मुख्य रूप से सात निश्चय योजना, जल-जीवन-हरियाली मिशन, सड़कों के निर्माण, पुल-पुलिया की स्थिति, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता और स्कूलों में शैक्षणिक स्तर की विधिक समीक्षा की जाती है। यदि जिला स्तर पर अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी या किसी योजना में सुस्ती पाई जाती है, तो प्रभारी मंत्री को सीधे तौर पर संबंधित विभाग के सचिव या मुख्यमंत्री कार्यालय को कार्रवाई के लिए अनुशंसित करने का अधिकार प्राप्त होता है। इसके अलावा, बाढ़, सुखाड़, या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के समय प्रभारी मंत्री ही जिले में कैंप कर राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालते हैं।

  • ये भी पढ़े..

    लखनऊ इको गार्डन में छात्र आंदोलन: पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, दिनभर चला हाई-वोल्टेज घटनाक्रम

    Share Add as a preferred…

    गया में बिजली विभाग पर बड़ा एक्शन: रिश्वत और फर्जी बिजली चोरी मामले में कार्रवाई की अनुशंसा

    Share Add as a preferred…