
कहलगांव, 16 मई 2026। भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अंतर्गत पैठानपुरा मोहल्ले में शुक्रवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने आधुनिक दौर में युवाओं की मानसिक संवेदनशीलता और पारिवारिक संवाद के अंतर्विरोधों को उजागर कर दिया है। यहाँ किराए के एक कमरे में रहकर उच्च शिक्षा की तैयारी कर रही 17 वर्षीय एक इंटर की छात्रा ने अज्ञात मानसिक आवेश में आकर फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतका की पहचान भागलपुर जिले के ही पीरपैंती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले छोटी दिलौरी गांव के निवासी अमित कुमार यादव की पुत्री लाडो कुमारी के रूप में की गई है। वह कहलगांव के इस शहरी इलाके में अपनी सगी बड़ी बहन के साथ रहकर पढ़ाई कर रही थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और पूरे पैठानपुरा मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसर गया है। एक होनहार छात्रा के इस तरह आत्मघाती कदम उठाने से हर कोई स्तब्ध है।
शिक्षा की आस में पीरपैंती से कहलगांव आई थी लाडो कुमारी
पारिवारिक और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाडो कुमारी मेधावी थी और भविष्य में कुछ बड़ा करने की चाहत रखती थी। पीरपैंती के ग्रामीण इलाके में उच्च शिक्षा के सीमित साधनों को देखते हुए उसके पिता अमित कुमार यादव ने अपनी दोनों बेटियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के उद्देश्य से कहलगांव भेजा था। लाडो अपनी बड़ी बहन मौसम कुमारी के साथ पैठानपुरा मोहल्ला स्थित एक मकान में किराए का कमरा लेकर रह रही थी। दोनों बहनें मिलकर अपनी पढ़ाई और दैनिक घरेलू कामकाज का प्रबंधन करती थीं। लाडो कुमारी वर्तमान में इंटरमीडिएट की छात्रा थी और आगामी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों बहनों का व्यवहार बेहद सामान्य और शांतिपूर्ण था, और कभी किसी ने उन्हें आपस में किसी बड़े विवाद में उलझते हुए नहीं देखा था। परिवार को उम्मीद थी कि शहर में रहकर दोनों बेटियां पढ़-लिखकर उनका नाम रोशन करेंगी, लेकिन किसी को इस भयानक मोड़ का अंदाजा नहीं था।
मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग बना पारिवारिक कलह का तात्कालिक कारण
घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ते हुए परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार को लाडो कुमारी काफी लंबे समय से अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त थी। आधुनिक दौर में किशोरों के बीच डिजिटल उपकरणों और सोशल मीडिया की बढ़ती लत अक्सर परिवारों के भीतर चिंता का विषय बनती है। इसी चिंता के तहत, बड़ी बहन मौसम कुमारी ने लाडो को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग करने पर उसे कड़ी डांट-फटकार लगा दी। बड़ी बहन का उद्देश्य केवल लाडो को पढ़ाई के प्रति सचेत करना और समय की बर्बादी से रोकना था।
बड़ी बहन की यह डांट लाडो कुमारी को इतनी नागवार गुजरी कि उसने इसे अपने आत्मसम्मान पर ले लिया। डांट-फटकार के बाद कमरे के भीतर दोनों बहनों के बीच कुछ समय के लिए बातचीत पूरी तरह बंद हो गई। इसी बीच, माहौल को थोड़ा शांत करने और अपनी नियमित पढ़ाई के सिलसिले में बड़ी बहन मौसम कुमारी अपने एक सहपाठी (क्लासमेट) के कमरे पर चली गई, जो उसी इलाके में रहता था। मौसम कुमारी को लगा कि कुछ समय अकेले रहने के बाद लाडो का गुस्सा शांत हो जाएगा और वह दोबारा सामान्य रूप से अपनी पढ़ाई में जुट जाएगी।
बंद कमरे के भीतर की खामोश त्रासदी और मकान मालिक की मुस्तैदी
मौसम कुमारी जब कुछ समय बिताने के बाद अपने सहपाठी के कमरे से वापस पैठानपुरा स्थित अपने किराए के आवास पर लौटी, तो वहां का नजारा सामान्य नहीं था। उसने जब कमरे के मुख्य दरवाजे को धकेला तो वह अंदर से पूरी तरह लॉक था। मौसम कुमारी ने लगातार कई बार कुंडी खटखटाई और लाडो का नाम लेकर आवाजें लगाईं। काफी देर तक दरवाजा पीटने और जोर-जोर से आवाज देने के बाद भी जब कमरे के भीतर से कोई हलचल सुनाई नहीं दी और न ही कोई प्रतिक्रिया मिली, तो मौसम कुमारी के मन में किसी अनहोनी की आशंका को लेकर घबराहट बढ़ने लगी।
अकेले दरवाजा खोलने में असमर्थ मौसम कुमारी ने तुरंत इस बात की जानकारी मकान मालिक और आसपास के अन्य किरायेदारों को दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मकान मालिक तुरंत ऊपर पहुंचे। कमरे के ऊंचे वेंटिलेशन (रोशनदान) के पास जाकर जब उन्होंने अंदर झांककर देखा, तो उनके होश उड़ गए। कमरे के भीतर लाडो कुमारी का शव फंदे के सहारे हवा में लटका हुआ था। यह खौफनाक मंजर देखते ही मौसम कुमारी चीख पड़ी और पूरे मकान में अफरा-अफरा का माहौल बन गया। आसपास के पड़ोसी तुरंत वहां एकत्र हो गए और सामूहिक विमर्श के बाद घटना की विधिक सूचना स्थानीय कहलगांव थाना पुलिस को दी गई।
कहलगांव थानाध्यक्ष का त्वरित हस्तक्षेप और विधिक शव परीक्षण की प्रक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही कहलगांव थानाध्यक्ष श्यामला कुमार अपने पुलिस बल और तकनीकी टीम के साथ बिना कोई समय गंवाए पैठानपुरा मोहल्ला स्थित घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले बदहवास रो रही बड़ी बहन मौसम कुमारी को संभाला और घटनास्थल को अपने विधिक नियंत्रण में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित गवाहों और मकान मालिक के सामने बंद कमरे के दरवाजे को सावधानीपूर्वक तोड़ा और कमरे के भीतर प्रवेश किया। पुलिस ने फंदे से लटके छात्रा के शव को नीचे उतारा और प्राथमिक विधिक पंचनामा (Inquest Report) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।
थानाध्यक्ष श्यामला कुमार ने इस दुखद मामले पर आधिकारिक बयान देते हुए बताया कि प्रथम दृष्टया यह पूरी तरह से आत्महत्या (Suicide) का मामला प्रतीत हो रहा है। कमरे के भीतर की भौतिक स्थितियों और बड़ी बहन के प्रारंभिक बयानों से स्पष्ट है कि मोबाइल देखने को लेकर हुई डांट के बाद उपजे अत्यधिक मानसिक तनाव या तात्कालिक गुस्से के आवेश में आकर ही छात्रा ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है ताकि किसी भी अन्य विधिक पहलू की अनदेखी न हो। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेजने की कागजी कार्रवाई पूरी की, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों और समय का सटीक विधिक सत्यापन किया जा सके।
पीरपैंती से कहलगांव पहुंचे रोते-बिलखते परिजन, पुलिस जांच में जुटी
कहलगांव पुलिस द्वारा घटना की आधिकारिक सूचना पीरपैंती थाना क्षेत्र के छोटी दिलौरी गांव में रह रहे मृतका के पिता अमित कुमार यादव और अन्य सगे-संबंधियों को दी गई। घर के चिराग और अपनी छोटी बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में पिता और परिवार के अन्य सदस्य रोते-बिलखते शुक्रवार की देर रात ही कहलगांव पहुंचे। अनुमंडलीय अस्पताल और थाने के परिसर में परिजनों का करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पिता अमित कुमार यादव यह विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि सुबह जिस बेटी से उन्होंने फोन पर बात की थी, वह अब इस दुनिया में नहीं है।
कहलगांव थाना पुलिस इस संवेदनशील मामले के हर पहलू की गहराई से तफ्तीश कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या मोबाइल की डांट के अलावा भी छात्रा किसी अन्य मानसिक तनाव, अवसाद या शैक्षणिक दबाव से गुजर रही थी। मृतका के मोबाइल फोन और कमरे से मिले अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों को भी पुलिस अपने अनुसंधान के दायरे में शामिल कर सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिवार के सदस्यों के विस्तृत विधिक बयान दर्ज होने के बाद इस मामले में आगे की विधिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल, इस हादसे के बाद पैठानपुरा मोहल्ले के छात्रों और आम नागरिकों के बीच गहरा शोक व्याप्त है।


