सुशील कुमार मोदी की स्मृतियों में डूबी राजधानी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, स्मृति पार्क में उमड़ा दिग्गजों का रेला

पटना। बिहार की राजनीति के आधार स्तंभ और विकासपरक राजनीति के पुरोधा रहे पूर्व उप मुख्यमंत्री पद्मभूषण दिवंगत सुशील कुमार मोदी की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को राजधानी पटना में श्रद्धा और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। पटना के राजेंद्र नगर स्थित रोड नंबर 8सी में निर्मित सुशील कुमार मोदी स्मृति पार्क में आयोजित भव्य श्रद्धांजलि सभा में सत्ता के गलियारों से लेकर सामाजिक सरोकारों से जुड़े सैकड़ों चेहरे अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने पहुँचे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अवसर पर पार्क पहुँचकर पूर्व उप मुख्यमंत्री की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उनके बिहार के नवनिर्माण में दिए गए अविस्मरणीय योगदान को याद किया। यह अवसर केवल एक राजनेता को याद करने का नहीं था, बल्कि उस विचारधारा को नमन करने का था जिसने बिहार को बीमारू राज्य की श्रेणी से निकालकर विकास की मुख्यधारा में खड़ा करने में महती भूमिका निभाई।

राजेंद्र नगर में यादों का कारवां: मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

​पटना का राजेंद्र नगर इलाका बुधवार की सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मी और भावुकता का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दोपहर के समय स्मृति पार्क पहुँचे, जहाँ उन्होंने दिवंगत सुशील कुमार मोदी की भव्य प्रतिमा के समक्ष नतमस्तक होकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने पुष्प चक्र चढ़ाने के बाद वहाँ उपस्थित लोगों से संक्षिप्त संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि सुशील कुमार मोदी केवल एक पार्टी के नेता नहीं थे, बल्कि वे बिहार की आर्थिक और प्रशासनिक सूझबूझ के एक जीवित विश्वकोश थे। उनके जाने से जो शून्यता पैदा हुई है, उसे भरना नामुमकिन है, लेकिन उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही बिहार को विकसित राज्य बनाने का सपना पूरा किया जा सकता है।

​सम्राट चौधरी ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद कुछ पल मौन रहकर उनकी स्मृतियों को नमन किया। उनके साथ भारी संख्या में सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने आयोजन की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा। स्मृति पार्क की सजावट और वहां की शांति इस बात का प्रतीक थी कि सुशील कुमार मोदी ने अपने जीवन में सादगी और अनुशासन को कितना महत्व दिया था।

मंत्रिमंडल और सांसदों की उपस्थिति: श्रद्धा के साथ एकजुटता का संदेश

​इस श्रद्धांजलि सभा में बिहार सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ सांसदों की उपस्थिति ने इस आयोजन को एक वृहद स्वरूप प्रदान किया। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा और सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। इस दौरान नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन भी उपस्थित रहे।

​इनके अलावा, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम और खान एवं भूतत्व मंत्री डॉक्टर प्रमोद कुमार ने भी अपनी श्रद्धासुमन अर्पित किए। सांसदों की श्रेणी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद राधामोहन सिंह की उपस्थिति विशेष रही। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी के साथ-साथ विधायक मंगल पांडेय, विनोद नारायण झा और संजीव चौरसिया ने भी सुशील कुमार मोदी के साथ बिताए गए पुराने दिनों को याद किया। आयोजन स्थल पर विधायकों का एक लंबा तांता लगा रहा, जिसमें प्रमोद कुमार, संजय गुप्ता, रत्नेश कुमार, गायत्री देवी और छोटी कुमारी जैसे नाम शामिल थे। विधान परिषद के सदस्यों में राजेंद्र गुप्ता और अनिल शर्मा ने भी माल्यार्पण किया।

पारिवारिक क्षण और सामाजिक सरोकार

​श्रद्धांजलि सभा का सबसे भावुक पहलू वह था जब सुशील कुमार मोदी की धर्मपत्नी जेसी जॉर्ज ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनसे मुलाकात कर सांत्वना दी और परिवार के हालचाल जाने। इस अवसर पर सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह और पूर्व विधायक अरुण कुमार सिन्हा भी मौजूद थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी अपने प्रिय नेता को याद करने पहुँचे थे।

​पार्क में उपस्थित लोगों ने सुशील कुमार मोदी की प्रशासनिक क्षमता और विशेष रूप से बिहार के खजाने को संभालने के उनके हुनर की चर्चा की। लोगों का कहना था कि वे एक ऐसे राजनेता थे जो विपक्ष में रहते हुए भी तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करते थे, जिससे सत्ता पक्ष भी उनकी बात मानने को मजबूर हो जाता था। स्मृति पार्क में उनकी प्रतिमा न केवल एक राजनैतिक प्रतीक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का एक स्रोत भी है।

सुशील कुमार मोदी: बिहार के आधुनिक चाणक्य की विरासत

​पद्मभूषण से सम्मानित सुशील कुमार मोदी का बिहार की राजनीति में वही स्थान रहा है जो एक कुशल सारथी का होता है। उनके कार्यकाल के दौरान बिहार ने जीएसटी (GST) कार्यान्वयन से लेकर वित्तीय सुधारों तक में देश भर में मिसाल पेश की। राजेंद्र नगर का यह स्मृति पार्क उनकी उन्हीं सेवाओं को समर्पित है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुई यह श्रद्धांजलि सभा यह दर्शाती है कि उनके जाने के बाद भी उनकी नीतियां और विकास का विजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

​श्रद्धांजलि देने वालों की सूची में केवल सत्ताधारी दल के लोग ही नहीं थे, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने वहां पहुँचकर यह साबित किया कि उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के दिलों में जगह बनाई थी। मुख्यमंत्री ने पार्क के रखरखाव और वहां की सुविधाओं का भी अवलोकन किया ताकि यहाँ आने वाले लोगों को सुशील कुमार मोदी के जीवन और कार्यों के बारे में जानकारी मिल सके।

आयोजन में शामिल प्रमुख चेहरों की सूची

​श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों की एक विस्तृत श्रृंखला यहाँ दर्ज है, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा बढ़ाई:

  • सम्राट चौधरी: मुख्यमंत्री, बिहार।
  • विजय कुमार सिन्हा: कृषि मंत्री।
  • रामकृपाल यादव: सहकारिता मंत्री।
  • नीतीश मिश्रा: नगर विकास एवं आवास मंत्री।
  • कुमार शैलेंद्र: पथ निर्माण मंत्री।
  • लखेंद्र कुमार रौशन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री।
  • नंदकिशोर राम: डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री।
  • डॉक्टर प्रमोद कुमार: खान एवं भूतत्व मंत्री।
  • राधामोहन सिंह: सांसद।
  • संजय सरावगी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक।
  • जेसी जॉर्ज: धर्मपत्नी स्व. सुशील कुमार मोदी।

​इसके अतिरिक्त विधायक मंडल पांडेय, विनोद नारायण झा, संजीव चौरसिया, संजय गुप्ता, रत्नेश कुमार, गायत्री देवी और छोटी कुमारी ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। विधान परिषद के सदस्य राजेंद्र गुप्ता, अनिल शर्मा और सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचंद्र प्रसाद सिंह की गरिमामयी उपस्थिति ने इस दिवस को विशेष बनाया। कार्यकर्ताओं का उत्साह और अपने नेता के प्रति समर्पण इस बात की गवाही दे रहा था कि बिहार के विकास पथ पर उनके पदचिह्न हमेशा चमकते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी कार्यकर्ताओं से उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की अपील की।

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