
पटना। राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत पाटीपुल घाट पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ गंगा नदी में समाई एक स्कॉर्पियो को कड़े संघर्ष के बाद बाहर निकाला गया। रविवार को हुई इस दुर्घटना के बाद करीब 48 घंटों तक वाहन गहरे पानी में डूबा रहा। मंगलवार को एनडीआरएफ (NDRF) की टीम और स्थानीय पुलिस के साझा प्रयासों से क्रेन की मदद लेकर गाड़ी को नदी से बाहर निकाला गया। इस बचाव अभियान के दौरान घाट पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही, जो टकटकी लगाए इस रेस्क्यू ऑपरेशन को देख रही थी।
कैसे हुआ हादसा: हैंड ब्रेक की एक चूक पड़ी भारी
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना पूरी तरह से मानवीय लापरवाही का नतीजा थी। घटना का क्रम कुछ इस प्रकार रहा:
- पूजा सामग्री विसर्जन: बेगूसराय जिले के मूल निवासी राम नरेश सिंह, जो वर्तमान में पटना के शिवपुरी इलाके में रहते हैं, रविवार को अपने घर में आयोजित पूजा के बाद सामग्री विसर्जित करने पाटीपुल घाट पहुँचे थे।
- ढलान और लापरवाही: वह अपनी पत्नी के साथ स्कॉर्पियो से घाट पर आए और गाड़ी को किनारे खड़ा कर विसर्जन के लिए नीचे उतर गए।
- हैंड ब्रेक न लगाना: उन्होंने स्कॉर्पियो को पार्क तो किया, लेकिन हैंड ब्रेक लगाना भूल गए।
- नदी में समाई गाड़ी: घाट पर ढलान होने के कारण स्कॉर्पियो धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी और देखते ही देखते वह अनियंत्रित होकर गंगा में समा गई।
एनडीआरएफ का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
गाड़ी के डूबने के बाद उसे निकालने के लिए पेशेवर गोताखोरों और एनडीआरएफ की मदद ली गई। रेस्क्यू के दौरान निम्नलिखित चरण अपनाए गए:
- गहरे पानी में तलाश: एनडीआरएफ की विशेष टीम ने नदी की गहराई में जाकर डूबी हुई स्कॉर्पियो का सटीक स्थान पता लगाया।
- रस्सियों से बांधना: स्थान चिन्हित होने के बाद टीम ने पानी के भीतर जाकर स्कॉर्पियो को मजबूत रस्सियों के सहारे सुरक्षित रूप से बांधा।
- क्रेन का उपयोग: अंततः मंगलवार को एक भारी क्रेन की सहायता से स्कॉर्पियो को नदी से खींचकर बाहर निकाला गया।
दीघा थानाध्यक्ष ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक संपन्न कर लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर नदी किनारे या ढलान वाले क्षेत्रों में वाहन पार्क करते समय सुरक्षा मानकों और सावधानी के प्रति सजग रहने का कड़ा संदेश दिया है।


