
पटना। बिहार के लोगों को चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बुधवार, 13 मई 2026 को प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी और बारिश की प्रबल संभावना जताई है। इस मौसमी बदलाव का सबसे व्यापक असर उत्तर बिहार के जिलों में देखने को मिलेगा, जहाँ मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का पूर्वानुमान है, जिससे उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिलेगी।
उत्तर बिहार में ‘ऑरेंज अलर्ट’: भारी बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर बिहार के जिलों में बुधवार को मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसके तहत निम्नलिखित चेतावनी दी गई है:
- तेज हवाएं: उत्तर बिहार के कुछ स्थानों पर 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है。
- गर्जन और चमक: बारिश के साथ-साथ कई जगहों पर गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है。
- प्रभाव: दक्षिण बिहार की तुलना में उत्तर बिहार में इस मौसमी तंत्र का प्रभाव कहीं अधिक तीव्र रहने वाला है。
दक्षिण बिहार और पटना का हाल: हल्की बारिश के आसार
दक्षिण बिहार के जिलों में भी मौसम करवट लेगा, हालांकि यहाँ उत्तर बिहार के मुकाबले प्रभाव थोड़ा कम रहने की उम्मीद है।
- हल्की बारिश: दक्षिण बिहार के एक-दो स्थानों पर गरज और चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है。
- हवा की गति: इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है。
- राजधानी पटना: पटना जिले के कुछ हिस्सों में आंधी और हल्की फुहारों के साथ मौसम सुहावना बना रह सकता है。
मंगलवार का जायजा: कहीं ओलावृष्टि तो कहीं तल्ख तेवर
इससे पहले मंगलवार को भी राजधानी पटना के कई इलाकों में मौसम में अचानक बदलाव देखा गया था।
- ओलावृष्टि: पटना जिले के कुछ स्थानों पर मंगलवार दोपहर बाद आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि दर्ज की गई。
- धनरुआ में झमाझम बारिश: पटना के धनरुआ इलाके में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई और ओले भी गिरे, जिससे तापमान में कमी आई。
- सूरज के तेवर: राज्य के शेष हिस्सों में मंगलवार को सूरज के तल्ख तेवर बने रहे, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा。
सावधानी और बचाव के उपाय
तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-बारिश के दौरान खेतों में न जाएं और ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुँचा सकती हैं, इसलिए मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित पक्के भवनों में ही रहें।
बिहार में मौसम का यह बदलाव खेती-किसानी के लिए जहाँ कुछ हद तक फायदेमंद हो सकता है, वहीं आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की भी चिंता बनी हुई है। मौसम विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।


