
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री जोसेफ विजय (थलापति विजय) ने पदभार संभालते ही बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में शराब बिक्री को लेकर सख्त कदम उठाते हुए धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और बस अड्डों के 500 मीटर के दायरे में स्थित सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का निर्देश दिया है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को अगले दो सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
शपथ लेते ही लिए तीन बड़े फैसले
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने मंच से ही तीन महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इनमें सबसे बड़ा फैसला घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का बताया जा रहा है। यह उनकी पार्टी TVK के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।
दूसरा बड़ा फैसला महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लिया गया। सरकार ने राज्य स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया है, जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करेगी। इसके साथ हेल्पलाइन और फास्ट ट्रैक जांच व्यवस्था को भी मजबूत करने की बात कही गई है।
नशे के खिलाफ विशेष अभियान
मुख्यमंत्री विजय ने नशे और अवैध शराब के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने हर जिले में एंटी-नारकोटिक्स स्पेशल फोर्स बनाने का फैसला लिया है। यह टीम ड्रग्स और अवैध शराब की बिक्री पर निगरानी रखेगी। खास तौर पर स्कूल और कॉलेजों के आसपास विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा।
गठबंधन के समर्थन से बनी सरकार
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK को कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML सहित कई दलों का समर्थन मिला। गठबंधन के समर्थन के बाद विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। चुनाव में पार्टी को बड़ी संख्या में वोट मिलने के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय के शुरुआती फैसलों को लेकर राज्यभर में चर्चा तेज हो गई है। खासकर शराब दुकानों को बंद करने और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदमों को सरकार की प्राथमिकता माना जा रहा है।


