गाजियाबाद में इंसानियत शर्मसार: राजनगर एक्सटेंशन के निर्माणाधीन मॉल में नालंदा की 7 वर्षीय बच्ची से गैंगरेप के बाद बेरहमी से हत्या; अररिया का शाहबुद्दीन और एक नाबालिग गिरफ्तार

गाजियाबाद, 12 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत राजनगर एक्सटेंशन प्रक्षेत्र से कानून-व्यवस्था और मानवीय क्रूरता को झकझोर देने वाली एक अत्यंत वीभत्स और हृदयविदारक वारदात सामने आई है। यहाँ एक निर्माणाधीन मॉल के भीतर महज सात वर्ष की मासूम बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने के बाद अपराधियों ने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। इस जघन्य वारदात के पटल पर आते ही प्रक्षेत्र के नागरिकों में गहरा आक्रोश और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता संधारित देखी जा रही है।

​परिजनों की आधिकारिक शिकायत पर पुलिस कमान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की संचिका दर्ज की और सर्विलांस व सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों नामजद आरोपियों को भौतिक रूप से दबोच लिया है, जिसमें से एक आरोपी मूल रूप से बिहार के अररिया का निवासी है जबकि दूसरा आरोपी विधिक रूप से नाबालिग संधारित है।

निर्माणाधीन मॉल के पीछे झुग्गी में रहता है नालंदा का पीड़ित परिवार

​इस दर्दनाक घटनाक्रम के भीतरी लेआउट और पीड़ित परिवार की पृष्ठभूमि की स्क्रूटनी करने पर यह तथ्य प्रामाणिक विलेख के रूप में सामने आया है कि पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले का निवासी है। यह परिवार अपनी आजीविका और बजटीय तरलता के अर्जन के वास्ते गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में अवस्थित एक निर्माणाधीन मॉल के ठीक पीछे बनी झुग्गियों वाले क्लस्टर में निवास करता है। शुक्रवार की शाम को यह सामान्य दिनचर्या अचानक एक प्रलयंकारी आपदा में डाइवर्ट हो गई।

शुक्रवार शाम 7:30 बजे से लापता थी मासूम, मॉल के बेसमेंट में खून से लथपथ मिला शव

​इस पूरी वारदात की समय सारणी और घटनाक्रम की कड़ियाँ बिना किसी बॉक्स विन्यास के नीचे संरेखित हैं:

  • खेलते समय लापता होना: शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात (7:30) बजे सात वर्षीय मासूम बच्ची अपने झुग्गी परिसर के बाहर खेल रही थी, इसी दौरान वह अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता (गायब) हो गई।
  • परिजनों द्वारा सघन खोजबीन: बच्ची के घर न लौटने पर परिजनों ने अपने स्तर से करीब दो घंटे तक आसपास के तमाम केबिनों और गलियों में खोजबीन ग्रिड सक्रिय रखा, परंतु उसका कोई सुराग हस्तगत नहीं हो सका।
  • नंदग्राम थाने में प्रविष्टि: कोई सुराग न मिलने के उपरांत हताश परिजनों ने स्थानीय नंदग्राम थाने में प्रविष्ट होकर पुलिस प्रशासन को बच्ची की गुमशुदगी (Missing) की लिखित सूचना दर्ज कराई।
  • बेसमेंट से शव की बरामदगी: पुलिस को सूचित करने के बाद परिजनों और स्थानीय झुग्गीवासियों ने मिलकर निर्माणाधीन मॉल के भीतरी हिस्सों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। इसी तलाशी के दौरान मॉल के बेसमेंट (Basement) के भीतरी अंधेरे प्रक्षेप में मासूम बच्ची का खून से लथपथ शव बरामद हुआ, जिसे देखकर समूचे अंचल में चीख-पुकार मच गई।

CCTV फुटेज से क्रैक हुआ मर्डर मिस्ट्री का सिंडिकेट: आरोपियों ने कबूला अपना गुनाह

​नंदग्राम थाना पुलिस ने शव को अपने विधिक कस्टडी लेज़र में दर्ज करते हुए तुरंत तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान की कड़ियों को लाइव मोड पर सक्रिय किया। पुलिस की जासूसी टीम ने जब निर्माणाधीन मॉल और झुग्गी क्लस्टर के समीप स्थापित तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के डिजिटल लॉग्स की स्क्रूटनी की, तो मामले का मुख्य सुराग हाथ लगा।

​डिजिटल फुटेज के भीतरी दृश्यों में स्पष्ट रूप से देखा गया कि झुग्गियों में ही रहने वाले दो युवक उस मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ मॉल की सुनसान दिशा की ओर ले जा रहे थे। फुटेज के पुख्ता विलेखों के आधार पर पुलिस ने त्वरित रेडिंग ग्रिड एक्टिव कर दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पुलिसिया पूछताछ के कड़े दबाव के सामने दोनों आरोपियों का डिफेंस मैकेनिज्म पूरी तरह से म्यूट हो गया और उन्होंने मासूम के साथ गैंगरेप करने के उपरांत उसकी हत्या करने के अपने वीभत्स गुनाह को आधिकारिक रूप से कबूल कर लिया।

आरोपियों का सांख्यिकीय विवरण और विधिक रिमांड

​पकड़े गए दोनों अपराधियों की विधिक और भौगोलिक पहचान इस प्रकार संधारित है:

  1. शाहबुद्दीन: यह मुख्य आरोपी मूल रूप से बिहार राज्य के अररिया जिला का निवासी है, जो यहाँ मजदूरी कार्य के विन्यास में रह रहा था।
  2. नाबालिग आरोपी: दूसरा पकड़ा गया अपराधी विधिक मानकों के अनुसार नाबालिग (Minor) श्रेणी में दर्ज है, जिसने शाहबुद्दीन के साथ मिलकर इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।

​पुलिस प्रशासन ने पोक्सो एक्ट (IOC/POCSO) और हत्या की कड़क धाराओं के तहत संचिका को अदालत के पटल पर प्रविष्ट करा दिया है। शाहबुद्दीन को विधिक जेल कस्टडी में लॉक करने तथा नाबालिग आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत कर बाल सुधार गृह भेजने की कार्रवाई मुकम्मत की जा रही है। मृत बच्ची के शव का फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम ऑडिट पूरा होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है, और पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर गहरा मातम पसरा हुआ है।

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