
बिहार के समस्तीपुर जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। वारिसनगर प्रखंड के एक उर्दू विद्यालय में सातवीं कक्षा की छात्रा ने स्कूल के प्रधानाध्यापक पर छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और स्कूल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।
जानकारी के अनुसार, छात्रा रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिवार के लोग ग्रामीणों के साथ विद्यालय पहुंचे और आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में भारी भीड़ जुट गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों ने कहा कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जगह होनी चाहिए। ऐसे में छात्राओं के साथ इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। लोगों ने आरोपी हेडमास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी भी की।
स्थिति बिगड़ती देख आरोपित प्रधानाध्यापक खुद को कमरे में बंद कर लिया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बाद में थानाध्यक्ष सर्वेश कुमार झा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल स्कूल पहुंचा। दारोगा अमर कुमार, आलोक कुमार और आजाद खान समेत कई पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की।
काफी देर की मशक्कत के बाद पुलिस ने प्रधानाध्यापक को कमरे से बाहर निकाला और सुरक्षा के बीच थाना ले गई। घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि छात्रा और उसके परिजनों के बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी दुर्गेश कुमार झा ने बताया कि मामले की जानकारी मिल चुकी है और जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


