
अरवल: बिहार के अरवल जिले में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मेहंदिया थाना क्षेत्र के मधुश्रवां मोड़ के पास ऑटो रिक्शा और मैजिक वैन की आमने-सामने टक्कर में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।
जानकारी के अनुसार सभी मजदूर काम के लिए ऑटो रिक्शा से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही तेज रफ्तार मैजिक वैन से उनकी टक्कर हो गई। हादसा इतना जोरदार था कि ऑटो रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई मजदूर सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।
काम पर जाते समय हुआ हादसा
पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक और घायल सभी मजदूर जहानाबाद जिले के विभिन्न गांवों के रहने वाले थे। वे सुबह काम के लिए रामपुर-चौरम थाना क्षेत्र के आंकोपुर गांव से मेहंदिया स्थित एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि मजदूर रोज की तरह ऑटो रिक्शा पर सवार होकर काम पर निकले थे। लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में इतना बड़ा हादसा उनका इंतजार कर रहा है।
जैसे ही ऑटो मधुश्रवां मोड़ के पास पहुंचा, सामने से आ रही मैजिक वैन से उसकी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आवाज दूर तक सुनाई दी।
दो मजदूरों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में दो मजदूरों की जान चली गई। मृतकों की पहचान जहानाबाद जिले के परस बीघा थाना क्षेत्र के मटुक चक गांव निवासी मिथिलेश पासवान और सेंधवा गांव निवासी राजा बिंद के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों मजदूर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके गांवों में मातम का माहौल फैल गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक साथ दो मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
छह मजदूर गंभीर रूप से घायल
हादसे में छह अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे और घायलों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही मेहंदिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अरवल सदर अस्पताल भेजा।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कुछ घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया।
पीएमसीएच रेफर किए गए घायल
गंभीर रूप से घायल मजदूरों में रवीश बिंद, पप्पू मांझी और साधु बिंद शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार इनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें पटना भेजा गया है।
अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। कई मजदूरों के सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-139 पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हो गया। दुर्घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। घायल मजदूर दर्द से कराह रहे थे और लोग उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे।
कुछ लोगों ने अपने वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने घटना के बाद दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों वाहनों की स्थिति और चालक की भूमिका क्या थी।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मजदूरों की जिंदगी पर भारी पड़ा हादसा
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज कमाने-खाने वाले मजदूर सुबह घर से अपने परिवार की उम्मीदों के साथ निकले थे, लेकिन कुछ ही देर में हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कई लोगों ने सरकार से पीड़ित परिवारों को मुआवजा और घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था करने की मांग की है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे पर लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
गरीब परिवारों के सामने संकट
मृतक मजदूरों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताए जा रहे हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि घर की जिम्मेदारी इन्हीं मजदूरों के कंधों पर थी।
अब हादसे के बाद परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
इलाके में पसरा मातम
हादसे की खबर जैसे ही मृतकों के गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा बेहद दुखद है और इससे पूरे क्षेत्र में डर और चिंता का माहौल है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं। लोगों का कहना है कि हाईवे पर नियमित जांच और स्पीड कंट्रोल की व्यवस्था जरूरी है।
साथ ही घायल मजदूरों के समुचित इलाज और मृतकों के परिवारों को सरकारी सहायता देने की भी मांग की जा रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है, जबकि मृतकों के परिवार गहरे सदमे में हैं।


