मोतिहारी में सनसनी: पंजाब से लौटे युवक की खौफनाक मौत; प्रेम प्रसंग और वायरल फोटो के विवाद में पेड़ से लटका मिला अजय का शव

हरसिद्धि (पूर्वी चंपारण)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में कानून-व्यवस्था और सामाजिक नैतिकता के बीच उपजे एक विवाद ने एक युवा जान की बलि ले ली है। जिले के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मठलोहियार गांव में रविवार की सुबह एक ऐसी खबर फैली जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दो दिन पहले ही अपनी आजीविका के लिए पंजाब के लुधियाना से घर लौटे 24 वर्षीय युवक अजय कुमार पटेल का शव घर से कुछ ही दूरी पर संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका मिला। यह घटना केवल एक मौत नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपी ‘वायरल फोटो’ और ‘प्रेम प्रसंग’ की कहानी ने पूरे गांव में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई नृशंस हत्या है, जिसे छिपाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक महिला को हिरासत में लिया है और जांच के कई बिंदुओं पर काम कर रही है। पंजाब की गलियों में सिलाई का काम कर अपने परिवार का भविष्य बुनने वाले अजय को क्या पता था कि गांव की मिट्टी पर कदम रखते ही उसकी जिंदगी का सफर इस तरह खत्म हो जाएगा।

खेतों के बीच मिला शव: सुबह के उजाले में दिखा मौत का मंजर

​हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मठलोहियार वार्ड संख्या-07 निवासी अजय कुमार पटेल शुक्रवार की रात घर से निकला था। परिजनों के अनुसार, वह गांव में ही आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम (ऑर्केस्ट्रा) देखने की बात कहकर घर से गया था। रातभर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई, लेकिन उन्हें लगा कि शायद वह दोस्तों के साथ रुक गया होगा। शनिवार की सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों की ओर निकले, तो घर से करीब 400 मीटर की दूरी पर एक घास की झोपड़ी के पास लगे पेड़ पर अजय का शव लटका हुआ देखा।

​देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। अजय का शरीर पेड़ से लटका हुआ था, लेकिन उसके पैर जमीन के काफी करीब थे, जिससे शुरुआती तौर पर ही ग्रामीणों को यह मामला संदिग्ध लगने लगा। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम और हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा और प्राथमिक जांच के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की सिसकियां और आक्रोश यह बता रहा था कि अजय की मौत ने गांव के विश्वास को हिलाकर रख दिया है।

वायरल फोटो और ‘डेथ वारंट’: प्रेम प्रसंग का पेचीदा मामला

​इस पूरे हत्याकांड के तार एक सोशल मीडिया पोस्ट और ‘वायरल फोटो’ से जुड़े हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, करीब दो माह पूर्व अजय कुमार पटेल की गांव की ही एक विवाहित महिला के साथ कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। उस वक्त अजय पंजाब में था, लेकिन गांव में इस बात को लेकर काफी पंचायतें और विवाद हुए थे।

​बताया जाता है कि महिला के पति और उसके परिजनों ने इस वायरल फोटो को अपनी प्रतिष्ठा पर हमला माना था और अजय को गांव लौटने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गई थीं। अजय दो दिन पहले ही गांव आया था और शायद अपराधियों को इसी मौके का इंतजार था। परिजनों का कहना है कि अजय को योजनाबद्ध तरीके से किसी बहाने से बुलाया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस अब उस मोबाइल फोन को तलाश रही है जिससे अजय को आखिरी कॉल आई थी, क्योंकि वही इस ‘डेथ वारंट’ का सबसे बड़ा सबूत हो सकता है।

परिजनों का गंभीर आरोप: “हत्या कर फंदे पर लटकाया गया शव”

​अजय की मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस के सामने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। परिजनों का आरोप है कि अजय के शरीर पर चोट के निशान थे, जो यह दर्शाते हैं कि मौत से पहले उसके साथ मारपीट की गई थी। परिजनों ने दावा किया कि हत्यारों ने पहले अजय की हत्या की और फिर मामले को सुसाइड का रूप देने के लिए उसे पेड़ से लटका दिया।

​परिजनों का तर्क है कि यदि अजय को आत्महत्या ही करनी होती, तो वह घर से दूर खेतों में क्यों जाता? और जिस तरह से शव लटका हुआ पाया गया, वह किसी भी कोण से आत्महत्या नहीं लग रहा था। गांव के लोगों का भी मानना है कि अजय एक मिलनसार युवक था और वह अपनी नई जिंदगी शुरू करने की तैयारी में था। पंजाब से वह पैसे कमाकर लौटा था ताकि घर की स्थिति सुधार सके, ऐसे में उसके द्वारा ऐसा कदम उठाया जाना संदेहास्पद है।

पुलिस की कार्रवाई: महिला हिरासत में, तफ्तीश तेज

​हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर उस पहलू की जांच की जा रही है जो इस घटना से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया है जिसके साथ अजय की तस्वीरें वायरल हुई थीं। महिला से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह अजय के संपर्क में थी या उसे घटना के बारे में कोई जानकारी है।

​थानाध्यक्ष ने कहा, “हमने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि अजय की मृत्यु दम घुटने से हुई है या उसे लटकाने से पहले कोई चोट पहुँचाई गई थी। वायरल फोटो और धमकियों वाले एंगल को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है।” पुलिस की एक टीम महिला के पति और उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने पूर्व में अजय को जान से मारने की धमकी दी थी।

पंजाब में दर्जी का काम और सुनहरे सपनों का अंत

​अजय कुमार पटेल एक मेहनतकश युवक था। वह पंजाब के लुधियाना में एक गारमेंट फैक्ट्री में दर्जी (Tailor) का काम करता था। लुधियाना की तंग गलियों में बैठकर वह दिन-रात मशीन चलाता था ताकि बिहार में रहने वाले अपने माता-पिता और भाई-बहनों को एक बेहतर जीवन दे सके। दो दिन पहले जब वह गांव लौटा, तो घर में खुशी का माहौल था। वह अपने साथ कुछ पैसे और उपहार भी लेकर आया था।

​अजय के दोस्तों ने बताया कि वह अपनी इस कमाई से गांव में कोई छोटा व्यवसाय शुरू करने या अपने घर की मरम्मत कराने की सोच रहा था। लेकिन उस एक पुरानी गलती (वायरल फोटो) ने उसकी सारी मेहनत और सपनों पर पानी फेर दिया। अजय की मौत ने यह भी दिखाया है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्रियां किस तरह ग्रामीण समाज में हिंसक प्रतिशोध का कारण बन सकती हैं। पंजाब की वह सिलाई मशीन अब खामोश हो गई है और मठलोहियार गांव के एक घर का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया है।

गांव में तनाव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

​घटना के बाद से मठलोहियार गांव में तनाव व्याप्त है। अजय के पक्ष और आरोपित पक्ष के बीच किसी भी संभावित झड़प को रोकने के लिए पुलिस ने गांव में गश्ती बढ़ा दी है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन लोगों के मन में इस बात को लेकर गुस्सा है कि एक नौजवान को इस तरह मौत के घाट उतार दिया गया।

​ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई विवाद था, तो उसे कानून के जरिए सुलझाना चाहिए था, न कि इस तरह की बर्बरता अपनानी चाहिए थी। पुलिस अधीक्षक पूर्वी चंपारण ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है और थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को जल्द से जल्द चिह्नित कर जेल भेजा जाए। फिलहाल, पूरा गांव पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जो इस ‘मर्डर मिस्ट्री’ की गुत्थी सुलझाने में सबसे अहम भूमिका निभाएगी। अजय की मौत ने हरसिद्धि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और व्यक्तिगत रंजिशों के भयावह अंत पर एक नई बहस छेड़ दी है।

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