
पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा देने और विभागों की कार्यक्षमता में सुधार के उद्देश्य से रविवार, 10 मई 2026 को राज्य के प्रशासनिक और पुलिस ढांचे में एक बहुत बड़ा फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग और गृह विभाग द्वारा जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 12 और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 16 वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नाम आनंद किशोर का है, जिन्हें वित्त विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है, जबकि पुलिस महकमे में विकास वैभव को मगध रेंज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन का यह कदम 2026 के आगामी लक्ष्यों और कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सचिवालय से लेकर पुलिस मुख्यालय तक, इस बड़े बदलाव की चर्चा तेज है क्योंकि कई कद्दावर अधिकारियों को नई और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में भेजा गया है, वहीं कुछ अधिकारियों के पर कतरने के साथ-साथ उनके विभागों का दायरा भी बदला गया है।
IAS अधिकारियों की नई तैनाती: आनंद किशोर और चंद्रशेखऱ सिंह की बदली भूमिका
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना संख्या 8161 से 8172 के अनुसार, 1996 बैच के चर्चित आईएएस अधिकारी आनंद किशोर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष बने रहेंगे, लेकिन उन्हें वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह संजय कुमार सिंह (2007 बैच) को अब वित्त विभाग का पूर्ण प्रभार सौंपा गया है। संजय कुमार सिंह मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव के साथ-साथ वाणिज्य-कर विभाग की भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
वहीं, पटना के पूर्व जिलाधिकारी और 2010 बैच के अधिकारी चंद्रशेखर सिंह को जल संसाधन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (I&PRD) के सचिव और बिहार पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 1996 बैच के एच. आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है, साथ ही वे पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का भी कार्यभार देखेंगे।
प्रमुख IAS तबादलों की विस्तृत सूची
बिहार सरकार ने सचिवालय के भीतर विभागों के तालमेल को बेहतर करने के लिए अधिकारियों की नई टीम तैयार की है। नीचे दी गई तालिका में प्रमुख आईएएस अधिकारियों की नई भूमिकाओं का विवरण है:
अधिकारी का नाम और बैच | नई प्राथमिक तैनाती | अतिरिक्त कार्यभार |
|---|---|---|
संतोष कुमार मल्ल (1997) | प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन | जांच आयुक्त (GAD), ओएसडी बिहार भवन (नई दिल्ली) |
लोकेश कुमार सिंह (2003) | सचिव, पर्यटन विभाग | सचिव (विज्ञान एवं प्रवैधिकी), सचिव (मुख्यमंत्री सचिवालय) |
कुमार रवि (2005) | सचिव, स्वास्थ्य विभाग | सचिव, संसदीय कार्य विभाग |
अजय यादव (2005) | सचिव, ऊर्जा विभाग | सीएमडी (BSPHCL), सचिव (मद्यनिषेध एवं उत्पाद) |
प्रणव कुमार (2008) | सचिव, भवन निर्माण विभाग | सचिव (कला एवं संस्कृति), एमडी (भवन निर्माण निगम) |
रजनीश कुमार सिंह (2014) | आईजी, कारा एवं सुधार सेवाएं | रजिस्ट्रार (सहयोग समितियां), अपर निदेशक (बिहार विकास मिशन) |
मनोज कुमार सिंह (2009) | आवासीय आयुक्त, बिहार भवन (नई दिल्ली) | निवेश आयुक्त, मुंबई |
उल्लेखनीय है कि कुंदन कुमार (2004 बैच) उद्योग विभाग के सचिव पद पर बने रहेंगे, लेकिन उन्हें आवासीय आयुक्त (नई दिल्ली) और निवेश आयुक्त (मुंबई) के अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त कर दिया गया है।
पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव: विकास वैभव को मगध रेंज की कमान
गृह विभाग (आरक्षी शाखा) की अधिसूचना संख्या 6149 के अनुसार, राज्य के पुलिस ढांचे में भी भारी सर्जरी की गई है। सबसे चर्चित नाम विकास वैभव (2003 बैच) का है, जिन्हें मगध रेंज, गया का पुलिस महानिरीक्षक (IG) नियुक्त किया गया है। गया जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिले की कमान संभालना विकास वैभव के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
इसके साथ ही, 1994 बैच के डॉ. परेश सक्सेना को पदोन्नत करते हुए महानिदेशक-सह-आयुक्त (नागरिक सुरक्षा) बनाया गया है। निर्मल कुमार आजाद को महानिदेशक (प्रशिक्षण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत करने के लिए सुधांशु कुमार (1996 बैच) को एडीजी (विधि-व्यवस्था) के साथ-साथ एडीजी (ट्रैफिक) का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
IPS अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां और विभाग
पुलिस मुख्यालय ने एडीजी और आईजी स्तर के अधिकारियों के बीच कार्य विभाजन को नई दिशा दी है:
- डॉ. अमित कुमार जैन (1996): इन्हें आर्थिक अपराध इकाई (EOU) का एडीजी बनाया गया है, जो राज्य में बढ़ते साइबर और आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए महत्वपूर्ण है।
- नैय्यर हसनैन खान (1996): इन्हें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) का एडीजी नियुक्त किया गया है।
- अमृत राज (1998): इन्हें एडीजी, साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई की जिम्मेदारी दी गई है।
- अमित लोधा (1998): ‘बिहार डायरी’ से चर्चित अमित लोधा को एडीजी (तकनीकी सेवाएं एवं संचार) बनाया गया है।
- डॉ. कमल किशोर सिंह (1996): इन्हें एडीजी (रेलवे) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- विकास वैभव (2003): आईजी, मगध रेंज, गया।
- रणजीत कुमार मिश्रा (2007): आईजी, सीआईडी के साथ-साथ साइबर क्राइम इकाई का अतिरिक्त प्रभार।
- संजय कुमार (2008): पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), विशेष शाखा (Special Branch)।
दिल्ली और मुंबई में बिहार का नया चेहरा
बिहार सरकार ने नई दिल्ली और मुंबई जैसे महत्वपूर्ण शहरों में अपने प्रशासनिक संपर्कों को मजबूत करने के लिए मनोज कुमार सिंह को नई दिल्ली में बिहार भवन का आवासीय आयुक्त नियुक्त किया है। साथ ही उन्हें मुंबई में निवेश आयुक्त की भी जिम्मेदारी दी गई है। यह नियुक्ति राज्य में निवेश लाने और प्रवासी बिहारियों की समस्याओं के समाधान के दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही है। संतोष कुमार मल्ल को भी बिहार भवन में ओएसडी के रूप में तैनात किया गया है, जो आपदा प्रबंधन के साथ-साथ समन्वय का कार्य करेंगे।
सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर
इस तबादले की सूची में एक बात स्पष्ट है कि सरकार तकनीकी सेवाओं, साइबर सुरक्षा और पुलिस आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दे रही है। अजीतभ कुमार को एडीजी (SCRB एवं आधुनिकीकरण) बनाया गया है, जबकि पी. कन्नन को आईजी (प्रोविजनिंग) के साथ आधुनिकीकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मद्यनिषेध और उत्पाद विभाग में अजय यादव की सचिव के रूप में नियुक्ति यह दर्शाती है कि राज्य सरकार शराबबंदी कानून के कड़ाई से पालन के लिए ऊर्जावान अधिकारियों को सामने ला रही है।
संजय सिंह (1997 बैच) को एडीजी (बजट, अपील एवं कल्याण) के साथ एडीजी (सुरक्षा) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जो पुलिस बल के भीतर आंतरिक प्रबंधन और वीआईपी सुरक्षा को बेहतर करेंगे। के. सुहिता अनुपम को सीआईडी के कमजोर वर्ग (Weak Sections) का एडीजी बनाया गया है, जिससे दलित और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जगी है।
यह प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल बिहार के शासन तंत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है। जहाँ एक ओर जिलों में कानून-व्यवस्था के लिए अनुभवी चेहरों को भेजा गया है, वहीं सचिवालय में विभागों के बीच समन्वय के लिए भी नई टीम तैयार की गई है। 10 मई की यह अधिसूचना आने वाले महीनों में बिहार की प्रशासनिक दिशा और दशा तय करेगी।


