तमिलनाडु में ‘विजय राज’ की शुरुआत, अभिनेता से मुख्यमंत्री बने विजय; चेन्नई में भव्य समारोह में ली शपथ

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अभिनेता से राजनेता बने टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभाल ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस ऐतिहासिक मौके पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई राजनीतिक हस्तियां और फिल्म जगत के लोग मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण के साथ ही तमिलनाडु में विजय सरकार की औपचारिक शुरुआत हो गई। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा थी कि फिल्मी दुनिया में लोकप्रियता हासिल करने के बाद विजय अब राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अब मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद उनकी असली राजनीतिक परीक्षा शुरू हो गई है।

121 विधायकों के समर्थन से बनी सरकार

मुख्यमंत्री बनने से पहले विजय ने शनिवार को राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने 121 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा, जबकि सरकार गठन के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी था।

टीवीके को अपने 108 विधायकों के अलावा कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML का समर्थन मिला। कांग्रेस के पांच विधायक, CPI और CPI(M) के दो-दो विधायक तथा VCK और IUML के दो-दो विधायकों ने विजय को समर्थन दिया। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे दिया।

राजनीतिक समीकरण बनने के बाद विजय समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। चेन्नई समेत तमिलनाडु के कई हिस्सों में समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और जश्न मनाया।

आसान नहीं रही मुख्यमंत्री बनने की राह

हालांकि विजय के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं रहा। चुनाव नतीजों के बाद तमिलनाडु में कई दिनों तक राजनीतिक हलचल जारी रही। 4 मई को परिणाम आने के बाद से लेकर 9 मई तक लगातार सियासी गतिविधियां तेज रहीं।

6 मई को विजय कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के साथ राज्यपाल से मिले थे, लेकिन बहुमत से पांच विधायक कम होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। इसके बाद 7 मई को लेफ्ट पार्टियों का समर्थन लेकर वे दोबारा राज्यपाल के पास पहुंचे, लेकिन तब भी बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो सका।

8 मई को टीवीके ने VCK के समर्थन का दावा किया, लेकिन देर रात तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। आखिरकार 9 मई को IUML और VCK ने आधिकारिक रूप से समर्थन देने का ऐलान किया, जिसके बाद विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

शपथ समारोह में जुटे राजनीतिक और फिल्मी चेहरे

चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही टीवीके कार्यकर्ताओं और समर्थकों का स्टेडियम पहुंचना शुरू हो गया था। पूरे परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

समारोह में राहुल गांधी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई बड़े चेहरे भी मौजूद रहे। अभिनेत्री तृषा कृष्णन, गायक कृष और कई अन्य फिल्मी हस्तियां समारोह में पहुंचीं।

विजय के माता-पिता एस. ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर भी इस खास मौके पर मौजूद रहे। अपने बेटे को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते देख परिवार बेहद भावुक नजर आया।

मुख्यमंत्री बनते ही लिए बड़े फैसले

शपथ लेने के तुरंत बाद विजय ने सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए तीन महत्वपूर्ण आदेशों पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने महिला सुरक्षा, ड्रग स्मगलिंग पर रोक और मुफ्त बिजली योजना से जुड़े फैसले लिए।

सरकार ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का फैसला किया है। इसके अलावा महिला सुरक्षा को लेकर विशेष टास्क फोर्स बनाने और ड्रग तस्करी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद ऐसे फैसले लेकर विजय ने जनता को यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार तेजी से काम करेगी।

विजय अपने पास रखेंगे अहम विभाग

नई सरकार में विजय ने अपने पास लोक प्रशासन, गृह और पुलिस विभाग रखने का फैसला किया है। इसे सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में माना जाता है।

उनके साथ टीवीके के नौ नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें के. ए. सेंगोत्तैयान, अधव अर्जुना, एन. आनंद, अरुण राज, निर्मल कुमार, राजमोहन, पी. वेंकटरामनन और डॉ. टी.के. प्रभु शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल में विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखा गया है। सरकार गठन के दौरान सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने पर चर्चा हुई।

फिल्मी लोकप्रियता से राजनीति तक का सफर

विजय लंबे समय से तमिल फिल्म इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उनकी फिल्मों को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जाता रहा है। फिल्मी दुनिया में उन्हें “थलापति” के नाम से भी जाना जाता है।

कुछ वर्षों पहले उन्होंने राजनीति में सक्रिय कदम रखा और अपनी पार्टी टीवीके का गठन किया। शुरुआत में राजनीतिक विश्लेषकों को उनकी सफलता को लेकर संदेह था, लेकिन चुनाव परिणामों ने सभी को चौंका दिया।

विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। यही वजह रही कि उन्हें युवाओं और शहरी मतदाताओं का बड़ा समर्थन मिला।

डीएमके ने दी प्रतिक्रिया

विजय के मुख्यमंत्री बनने पर डीएमके नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि अब देखना होगा कि विजय अपनी सरकार कैसे चलाते हैं और चुनावी वादों को किस तरह पूरा करते हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक सत्ता संभालना और प्रशासन चलाना दोनों अलग बातें हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि विजय की सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

तमिलनाडु की राजनीति में नए दौर की शुरुआत

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हुई है। लंबे समय तक डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द घूमने वाली राजनीति में अब टीवीके एक नई ताकत के रूप में उभरी है।

फिल्मी दुनिया से राजनीति में आने वाले नेताओं की तमिलनाडु में लंबी परंपरा रही है। एमजीआर, जयललिता और करुणानिधि जैसे नेताओं के बाद अब विजय को भी उसी परंपरा की नई कड़ी माना जा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि फिल्मी पर्दे पर हीरो की भूमिका निभाने वाले विजय वास्तविक राजनीति और प्रशासन में खुद को कितना सफल साबित कर पाते हैं।

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