
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनैतिक बिसात पर पिछले कई दिनों से चल रही अनिश्चितता और जोड़-तोड़ की खबरों पर शनिवार की देर रात पूरी तरह विराम लग गया। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के संस्थापक विजय आज यानी रविवार, 10 मई 2026 की सुबह तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। चेन्नई के राजभवन में आयोजित होने वाले इस गरिमामय समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर विजय को सत्ता की कमान सौंपेंगे। शनिवार का दिन तमिलनाडु की राजनीति के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहाँ अंततः विदुथलाई थिरुथाईगल कात्ची (VCK) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने टीवीके को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इन दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं, जिनके समर्थन ने विजय की राह में खड़ी बहुमत की बाधा को पार कर दिया है। अब विजय के पास 234 सदस्यीय विधानसभा में कुल 120 विधायकों का ठोस समर्थन है, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से दो अधिक है।
गठबंधन की नई इबारत: वीसीके और आईयूएमएल ने दिया साथ
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जो संशय बना हुआ था, वह शनिवार दोपहर के बाद तब खत्म होना शुरू हुआ जब वीसीके (VCK) प्रमुख थोल थिरुमावलवन ने विजय के नेतृत्व में विश्वास जताया। वीसीके और आईयूएमएल दोनों ने ही स्पष्ट किया है कि उनका यह समर्थन राज्य की स्थिरता और विकास के लिए बिना किसी पूर्व शर्त के है। इन दलों के गठबंधन में शामिल होने से विजय की राजनैतिक ताकत न केवल बढ़ी है, बल्कि इसे एक सामाजिक संतुलन के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन छोटे लेकिन प्रभावशाली दलों का साथ आना इस बात का संकेत है कि तमिलनाडु की जनता और राजनैतिक वर्ग अब पारंपरिक द्रविड़ दलों (DMK और AIADMK) से इतर एक तीसरे विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार है। शनिवार शाम को जब इन दलों के समर्थन पत्र राजभवन पहुँचे, तो राज्यपाल ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी।
बहुमत का गणित: 120 के आंकड़े ने पक्का किया राजतिलक
तमिलनाडु विधानसभा की 234 सीटों पर हुए चुनाव के जो नतीजे सामने आए थे, उनमें टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन वह अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम दूर रह गई थी। शनिवार को समर्थन के नए समीकरण बनने के बाद अब विजय का राजनैतिक रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
बहुमत के समीकरणों पर एक नजर:
राजनैतिक दल | विधायकों की संख्या |
|---|---|
तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) | 107 |
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस | 05 |
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) | 02 |
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) | 02 |
विदुथलाई थिरुथाईगल कात्ची (VCK) | 02 |
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) | 02 |
कुल समर्थन | 120 |
बहुमत के लिए आवश्यक जादुई आंकड़ा 118 है। विजय के पास अब 120 विधायकों का समर्थन है, जो उन्हें सदन में एक सुरक्षित बढ़त प्रदान करता है। इसमें कांग्रेस और वामपंथी दलों का समर्थन पहले ही पक्का माना जा रहा था, लेकिन वीसीके और आईयूएमएल के आने से सरकार का आधार और अधिक व्यापक हो गया है।
आज सुबह शपथ, 13 मई तक साबित करना होगा विश्वास मत
चेन्नई के राजभवन (लोक भवन) में आज सुबह होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने शनिवार को विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त करते हुए उन्हें सरकार बनाने का न्यौता दिया था। हालांकि, राजभवन ने विजय के सामने एक महत्वपूर्ण संवैधानिक शर्त भी रखी है। राज्यपाल के निर्देशानुसार, नई सरकार को 13 मई 2026 या उससे पहले विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत साबित करना होगा।
विश्वास मत हासिल करने के लिए विजय के पास अब तीन दिनों का समय है। टीवीके के रणनीतिकारों का मानना है कि 120 विधायकों के स्पष्ट समर्थन के बाद फ्लोर टेस्ट केवल एक औपचारिक प्रक्रिया रह गई है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विजय अपनी पहली कैबिनेट बैठक कर सकते हैं, जिसमें राज्य के युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कुछ बड़ी घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है। चेन्नई की सड़कों पर आज सुबह से ही उत्सव का माहौल है और बड़ी संख्या में टीवीके समर्थक राजभवन के बाहर जुटने लगे हैं।
द्रविड़ दुर्ग में बड़ी सेंध: एक नए युग का सूत्रपात
विजय का मुख्यमंत्री बनना तमिलनाडु की राजनीति में किसी भूकंप से कम नहीं माना जा रहा है। पिछले पांच दशकों से राज्य की सत्ता केवल दो क्षेत्रीय दिग्गजों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। सिनेमा से राजनीति में आए विजय ने महज कुछ ही समय में अपनी पार्टी को खड़ा किया और ‘थलापति’ की अपनी छवि को एक गंभीर राजनेता में तब्दील कर दिया।
उनकी जीत और सरकार गठन की यह प्रक्रिया यह दर्शाती है कि तमिलनाडु का युवा मतदाता अब भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन की तलाश में है। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने जिस तरह से एक फिल्म स्टार के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन दिया है, वह राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा संदेश है। विजय के लिए असली चुनौती अब शुरू होगी, जहाँ उन्हें चुनावी वादों को धरातल पर उतारने के साथ-साथ अपने गठबंधन सहयोगियों को भी साथ लेकर चलना होगा।
चेन्नई में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और समर्थकों का हुजूम
आज होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए चेन्नई पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। राजभवन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है और केवल आमंत्रित अतिथियों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़े-बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं ताकि लोग लाइव शपथ ग्रहण देख सकें।
विजय के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह है और वे इसे ‘जनता की जीत’ करार दे रहे हैं। 107 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद जिस धैर्य के साथ विजय ने गठबंधन की डोर को संभाला, उसकी सराहना उनके विरोधी भी कर रहे हैं। राजभवन से निकलने के बाद विजय के मरीना बीच स्थित मेमोरियल पर जाने की भी संभावना है, जहाँ वे राज्य के महान पूर्व नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। 13 मई को होने वाला विश्वास मत केवल एक तकनीकी प्रक्रिया होगी, लेकिन आज की यह शपथ तमिलनाडु के राजनैतिक कैलेंडर में एक ऐतिहासिक तारीख के रूप में दर्ज हो चुकी है।


