
कोलकाता। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन (ईआरडब्ल्यूडब्ल्यूओ) की ओर से कोलकाता के अलीपुर स्थित बेलवेडियर पार्क में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व रेलवे के उन कर्मचारियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने सुरक्षित, सुचारू और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों की निष्ठा, अनुशासन और सेवा भावना को सराहते हुए उन्हें सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
पूर्व रेलवे अधिकारी क्लब में आयोजित इस समारोह में रेलवे अधिकारियों, महिला कल्याण संगठन के सदस्यों और कर्मचारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेलवे के मेहनतकश कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देना और उन्हें प्रोत्साहित करना था, ताकि वे आगे भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहें।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस हर वर्ष 1 मई को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर के श्रमिकों और कामगारों के संघर्ष, अधिकारों और योगदान को समर्पित होता है। इसी कड़ी में पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन ने इस बार विशेष पहल करते हुए उन कर्मचारियों को सम्मानित किया जो रेलवे के दैनिक संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन अक्सर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं।
कार्यक्रम में पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती सीमा देऊस्कर ने मुख्य रूप से भाग लिया। उन्होंने संगठन के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कुल 92 चयनित कर्मचारियों को प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। ये कर्मचारी विभिन्न मंडलों और कार्यशालाओं से जुड़े हुए थे और उन्हें रेल सुरक्षा, समय पालन, यात्री सुविधा तथा परिचालन व्यवस्था में उत्कृष्ट योगदान के लिए चुना गया था।
सम्मानित कर्मचारियों में ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ, सिग्नल कर्मचारी, तकनीकी कर्मी, परिचालन विभाग के कर्मचारी, कार्यशाला कर्मी और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल रहे। रेलवे प्रशासन के अनुसार इन कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाया, जिसके कारण रेलवे सेवा सुचारू रूप से संचालित हो सकी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्षा श्रीमती सीमा देऊस्कर ने कहा कि रेलवे केवल इंजन और डिब्बों से नहीं चलता, बल्कि इसके पीछे हजारों कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण छिपा होता है। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों का अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और टीम भावना ही भारतीय रेल को दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक बनाती है। उन्होंने कर्मचारियों से आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कार्य करते हैं। कई बार प्रतिकूल मौसम, तकनीकी चुनौतियों और दबावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को सम्मानित करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी कहा कि श्रमिक किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। यदि कर्मचारी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें तो संस्था नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। पूर्व रेलवे ने हमेशा अपने कर्मचारियों के कल्याण और सम्मान को प्राथमिकता दी है और इसी सोच के तहत यह आयोजन किया गया।
सम्मान समारोह के साथ-साथ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसने पूरे वातावरण को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। पूर्व रेलवे के सांस्कृतिक स्टाफ द्वारा गीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब किसी कर्मचारी के कार्य को सार्वजनिक रूप से सराहा जाता है, तो इससे अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। यही कारण है कि पूर्व रेलवे समय-समय पर कर्मचारियों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।
समारोह में मौजूद कर्मचारियों ने भी इस पहल की सराहना की। कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें अपने कार्य के लिए सम्मान मिलना गर्व की बात है और इससे उनके अंदर नई ऊर्जा का संचार हुआ है। उन्होंने कहा कि रेलवे परिवार की ओर से मिला यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
पूर्व रेलवे महिला कल्याण संगठन लंबे समय से कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। संगठन शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। इस बार श्रमिक दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह ने संगठन की संवेदनशीलता और कर्मचारियों के प्रति सम्मान को एक बार फिर सामने रखा।
रेलवे प्रशासन का मानना है कि कर्मचारियों के बिना रेलवे व्यवस्था की कल्पना नहीं की जा सकती। ट्रेनों की समयबद्धता से लेकर यात्रियों की सुरक्षा तक हर जिम्मेदारी के पीछे कर्मचारियों की मेहनत होती है। ऐसे में उनका सम्मान करना संस्था की जिम्मेदारी भी है और परंपरा भी।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर आयोजित यह समारोह कर्मचारियों के लिए केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि यह उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी बना। पूर्व रेलवे द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मेहनत और समर्पण कभी अनदेखा नहीं जाता और हर कर्मयोगी का सम्मान समाज और संस्था दोनों के लिए जरूरी है।


