पूर्व रेलवे का बड़ा स्वच्छता अभियान, 2026 की शुरुआत में 20 हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई

पूर्व रेलवे ने रेलवे परिसरों और स्टेशनों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे एंटी-लिटरिंग अभियान को और तेज कर दिया है। रेलवे प्रशासन ने वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक गंदगी फैलाने वाले 20,090 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

पूर्व रेलवे की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 1 जनवरी 2026 से 6 मई 2026 के बीच आसनसोल, सियालदह, मालदा और हावड़ा मंडलों में बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान स्टेशन परिसर और ट्रेनों में कूड़ा-कचरा फैलाने वाले कुल 20,090 लोगों को पकड़ा गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन लोगों से कुल 40,31,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

पूर्व रेलवे का कहना है कि लाखों यात्रियों की यात्रा रेलवे स्टेशन से ही शुरू होती है। ऐसे में स्टेशन परिसर का स्वच्छ और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है।

रेलवे प्रशासन के मुताबिक अगर किसी यात्री की यात्रा की शुरुआत गंदगी और कूड़े-कचरे के बीच होती है तो उसका असर पूरे सफर के अनुभव पर पड़ता है। इसी सोच के साथ रेलवे ने “स्वच्छ रेलवे, बेहतर यात्रा” अभियान को और मजबूत किया है।

पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के नेतृत्व में यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता को लेकर महाप्रबंधक विशेष रूप से गंभीर हैं और रेलवे परिसरों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

इन अभियानों की निगरानी आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा द्वारा की जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक स्वच्छता अभियान केवल जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यात्रियों के बीच जागरूकता बढ़ाना और रेलवे परिसरों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।

पूर्व रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि 1 जुलाई 2024 से 6 मई 2026 तक रेलवे ने गंदगी फैलाने के कुल 1,18,152 मामलों में कार्रवाई की है।

इस अवधि में कुल 1,98,16,810 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

रेलवे के अनुसार सबसे अधिक मामले सियालदह मंडल में सामने आए, जहां 35,187 लोगों पर कार्रवाई की गई। इसके बाद हावड़ा और आसनसोल मंडल का स्थान रहा।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशनों पर पान-गुटखा थूकना, प्लास्टिक बोतलें और खाने-पीने का सामान इधर-उधर फेंकना, ट्रैक पर कचरा डालना और सार्वजनिक स्थानों को गंदा करना सबसे बड़ी समस्या बनकर सामने आता है।

इन्हीं गतिविधियों को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल और अन्य टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि रेलवे का उद्देश्य केवल लोगों से जुर्माना वसूलना नहीं है।

उन्होंने कहा कि रेलवे चाहता है कि यात्री रेलवे परिसरों को अपनी सार्वजनिक संपत्ति समझें और उसकी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।

उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर स्टेशन और ट्रेनों को साफ रखने का काम करते हैं, लेकिन यात्रियों का सहयोग भी उतना ही जरूरी है।

शिबराम माझि ने कहा कि अगर लोग खुद जागरूक होंगे और गंदगी नहीं फैलाएंगे तो रेलवे परिसरों को विश्वस्तरीय बनाया जा सकता है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में निगरानी और सख्ती को और बढ़ाया जाएगा। साथ ही यात्रियों को जागरूक करने के लिए विभिन्न माध्यमों से अभियान चलाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और यहां प्रतिदिन करोड़ों लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होती है।

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार बढ़ती भीड़ के कारण सफाई व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। हालांकि तकनीक, निगरानी और जागरूकता के जरिए स्थिति में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि स्टेशनों पर डस्टबिन की संख्या बढ़ाई जा रही है और सफाई कर्मियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है।

इसके अलावा रेलवे परिसर में जगह-जगह जागरूकता संबंधी संदेश और घोषणाएं भी की जा रही हैं ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के प्रति जिम्मेदार बनें।

यात्रियों का कहना है कि रेलवे की ओर से चलाया जा रहा अभियान सकारात्मक पहल है, लेकिन केवल जुर्माना लगाने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

कई यात्रियों का मानना है कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।

सामाजिक विशेषज्ञों के अनुसार स्वच्छता केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

अगर लोग सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई का ध्यान रखें तो रेलवे स्टेशन और ट्रेनों का माहौल काफी बेहतर हो सकता है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान कूड़ा-कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और रेलवे परिसर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।

फिलहाल पूर्व रेलवे का यह अभियान यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लगातार हो रही कार्रवाई और भारी जुर्माने ने लोगों का ध्यान खींचा है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छता अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि यात्रियों को साफ, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सके।

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