रेलवे सेवा को सम्मानपूर्ण विदाई: मालदा मंडल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आयोजित हुआ भावुक सम्मान समारोह

मालदा। भारतीय रेल केवल एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि लाखों कर्मचारियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण से चलने वाला विशाल परिवार है। वर्षों तक यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों के संचालन, तकनीकी व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाने वाले कर्मचारियों का योगदान रेलवे की असली ताकत माना जाता है। इसी योगदान को सम्मान देने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने शुक्रवार, 08 मई 2026 को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित मंदार कॉन्फ्रेंस हॉल में एक गरिमामय सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह का आयोजन किया।

यह समारोह अप्रैल 2026 के दौरान रेलवे सेवा से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के कुल 15 कर्मचारियों को उनकी वर्षों की सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम भावनात्मक, प्रेरणादायक और सम्मान से भरा रहा, जहां एक ओर कर्मचारियों को उनकी उपलब्धियों के लिए सराहा गया, वहीं दूसरी ओर उनके भविष्य के सुखद और स्वस्थ जीवन की कामना भी की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन

यह विशेष कार्यक्रम मंडल रेल प्रबंधक, मालदा श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। वहीं अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने समारोह का नेतृत्व किया। कार्यक्रम का समन्वयन वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री इन्द्रजीत के पर्यवेक्षण में कार्मिक विभाग द्वारा किया गया।

समारोह में रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मियों के परिजन भी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान एक पारिवारिक और आत्मीय माहौल देखने को मिला, जहां हर किसी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के योगदान को याद किया।

कई विभागों के कर्मचारियों को किया गया सम्मानित

सम्मानित किए गए कर्मचारियों में सिग्नल एवं दूरसंचार, इंजीनियरिंग, यांत्रिक, परिचालन, विद्युत, सुरक्षा तथा अन्य संबद्ध विभागों के कर्मचारी शामिल थे। इन सभी कर्मचारियों ने भारतीय रेल में दशकों तक अपनी सेवाएं देकर रेलवे संचालन को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित आवाजाही से लेकर तकनीकी रखरखाव और यात्रियों की सुविधाओं तक, हर क्षेत्र में इन कर्मचारियों का योगदान अमूल्य रहा है। कई कर्मचारियों ने अपने कार्यकाल में कठिन परिस्थितियों में भी कर्तव्य का निर्वहन किया और रेलवे की कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

स्मृति-चिह्न और दस्तावेज देकर जताया सम्मान

समारोह के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री अमरेन्द्र कुमार मौर्य ने सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को स्मृति-चिह्न, सम्मान पत्र और सेवा संबंधी आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रेलवे की सफलता केवल तकनीक या संसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि कर्मचारियों की मेहनत और ईमानदारी पर आधारित होती है।

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति नौकरी का अंत जरूर है, लेकिन जीवन की नई शुरुआत भी है। रेलवे परिवार हमेशा अपने कर्मचारियों के योगदान को याद रखेगा। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद और सम्मानजनक जीवन की कामना की।

भावुक हुए कर्मचारी, साझा किए अनुभव

समारोह के दौरान कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने लंबे सेवा काल के अनुभव साझा किए। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि रेलवे उनके लिए केवल नौकरी नहीं बल्कि परिवार जैसा रहा। उन्होंने कहा कि रेलवे में बिताए गए वर्षों ने उन्हें अनुशासन, जिम्मेदारी और टीमवर्क का महत्व सिखाया।

कुछ कर्मचारी भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि रेलवे के साथ बिताए गए वर्षों की यादें हमेशा उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगी। अधिकारियों और सहकर्मियों से मिले सम्मान ने उनके जीवन के इस विशेष दिन को और यादगार बना दिया।

कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध मालदा मंडल

पूर्व रेलवे का मालदा मंडल लंबे समय से कर्मचारी कल्याण और सम्मान की संस्कृति को बढ़ावा देता रहा है। रेलवे प्रशासन समय-समय पर कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशिक्षण और सामाजिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता है। सेवानिवृत्ति समारोह भी इसी परंपरा का हिस्सा माना जा रहा है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों का मनोबल मजबूत रखना और उनकी सेवाओं का सम्मान करना किसी भी संस्था की जिम्मेदारी होती है। इससे वर्तमान कर्मचारियों को भी प्रेरणा मिलती है और संस्थान के प्रति जुड़ाव मजबूत होता है।

रेलवे परिवार की संस्कृति का प्रतीक बना कार्यक्रम

समारोह में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन रेलवे परिवार की एकजुटता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं। यहां केवल सेवा समाप्ति की औपचारिकता नहीं निभाई गई, बल्कि उन लोगों को सम्मान दिया गया जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी रेलवे को समर्पित कर दी।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ समूह फोटो खिंचवाए और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन में सम्मान, आत्मीयता और गर्व का माहौल देखने को मिला।

सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा

मालदा मंडल का यह आयोजन इस बात का उदाहरण है कि संस्थाएं यदि अपने कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देती हैं, तो इससे सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित होती है। रेलवे प्रशासन का मानना है कि कर्मचारी किसी भी संगठन की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और उनके अनुभव तथा समर्पण को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।

पूर्व रेलवे का मालदा मंडल आगे भी इसी तरह कर्मचारी हित और सम्मान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि कर्मचारियों और संस्थान के बीच विश्वास और अपनत्व का रिश्ता और मजबूत हो सके।

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