
बिहार सरकार में विधि विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने का संकेत दिया है। शुक्रवार को उन्होंने आधिकारिक रूप से विधि विभाग के मंत्री के रूप में पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात कर विभाग के कामकाज की जानकारी ली और सभी को निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
पटना स्थित विधि विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विशेष सचिव-सह-प्रभारी सचिव बासनो शंकर मेहरोत्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पदभार ग्रहण के बाद मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ को विभाग की संरचना, कार्यप्रणाली और वर्तमान गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विभागीय अधिकारियों ने उन्हें विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक कार्यों से अवगत कराया।
मंत्री ने अधिकारियों से विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों, लंबित मामलों और कार्यशैली के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विधि विभाग राज्य प्रशासन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि सरकार के अधिकांश निर्णयों और नीतियों का कानूनी पक्ष इसी विभाग से जुड़ा होता है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि विभाग में कार्य करने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करें ताकि सरकार की नीतियों और कानूनों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित हो सके।
संजय सिंह ‘टाइगर’ ने कहा कि विधि विभाग केवल कानूनी सलाह देने वाला विभाग नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को संवैधानिक और कानूनी रूप से मजबूत बनाए रखने का प्रमुख आधार है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखना बेहद जरूरी है। लोगों को न्यायिक और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी सेवाएं समय पर मिलनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे बड़े राज्य में विधि विभाग की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं, प्रशासनिक निर्णय और नीतिगत बदलाव कानूनी प्रक्रियाओं से होकर गुजरते हैं।
ऐसे में विभाग का सुचारु और प्रभावी संचालन प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी माना जाता है।
पदभार ग्रहण कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने विभागीय कर्मचारियों से भी मुलाकात की और उनसे संवाद किया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि सरकारी व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय कार्यों में समन्वय और अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता होगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करनी चाहिए जिससे कामकाज में तेजी और पारदर्शिता दोनों बनी रहे।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नई सरकार के गठन के बाद अलग-अलग विभागों के मंत्री लगातार अपने-अपने विभागों की प्राथमिकताओं और योजनाओं को लेकर संकेत दे रहे हैं। इसी क्रम में विधि विभाग में भी प्रशासनिक मजबूती और जवाबदेही पर जोर दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार राज्य में कानून से जुड़े मामलों, सरकारी मुकदमों और नीतिगत निर्णयों के लिए मजबूत विधिक तंत्र बेहद जरूरी होता है। अगर विभागीय स्तर पर समन्वय बेहतर हो तो कई मामलों में तेजी लाई जा सकती है।
मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ ने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की चुनौतियों और सुधार की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि पदभार ग्रहण के दौरान उन्होंने किसी नई योजना या बड़े बदलाव की औपचारिक घोषणा नहीं की, लेकिन उनके बयान से यह स्पष्ट संकेत मिला कि विभाग में जवाबदेही और अनुशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।
विधि विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को विभाग के विभिन्न अनुभागों और कार्यों की जानकारी दी। इसमें न्यायालयों से जुड़े मामलों, सरकारी विधिक सलाह, अधिनियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का भी उल्लेख किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने नए मंत्री का स्वागत किया और उनके साथ विभागीय प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा की।
विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार में प्रशासनिक सुधारों और नीतिगत फैसलों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधि विभाग की सक्रिय भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार की कई योजनाएं और परियोजनाएं कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करती हैं।
ऐसे में विभागीय कार्यों में तेजी और समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया जाना प्रशासनिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभागीय कामकाज में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही फाइलों के निष्पादन और कानूनी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की दिशा में काम किया जाए।
उन्होंने कहा कि विभाग की जिम्मेदारी केवल सरकारी प्रक्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के हितों और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा से भी जुड़ी हुई है।
राज्य के प्रशासनिक हलकों में मंत्री संजय सिंह ‘टाइगर’ के पदभार ग्रहण को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभागीय बैठकों और समीक्षा के जरिए कार्यप्रणाली में कई सुधारात्मक पहल देखने को मिल सकती हैं।
फिलहाल पदभार ग्रहण के साथ ही विधि विभाग में नई कार्यशैली और प्रशासनिक सक्रियता के संकेत मिल चुके हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में विभाग किस तरह अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत और प्रभावी बनाता है।


