
बिहार सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही मंत्री श्रवण कुमार एक्शन मोड में नजर आए। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की योजनाओं की सही जानकारी जनता तक समय पर पहुंचनी चाहिए और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
पटना स्थित सूचना एवं जनसंपर्क विभाग कार्यालय में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह के दौरान मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सूचना विभाग सरकार और जनता के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए विभाग की जिम्मेदारी केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि सही और तथ्यात्मक जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी है।
मंत्री के आगमन पर विभागीय सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, निदेशक अनिल कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार संभालने के बाद मंत्री ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है। इसलिए सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रभावी तरीके से किया जाना चाहिए।
श्रवण कुमार ने अधिकारियों से कहा कि फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंच सके।
इसके साथ ही उन्होंने फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया। मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई बार गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, जिससे लोगों में भ्रम और अफवाह की स्थिति पैदा होती है। ऐसे मामलों में विभाग को तुरंत तथ्यात्मक जांच कर आधिकारिक प्लेटफॉर्म से सही जानकारी जारी करनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता तक सही, सटीक और समयबद्ध सूचना पहुंचाना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अगर गलत सूचना फैलती है तो उसका असर समाज और प्रशासन दोनों पर पड़ता है। इसलिए सूचना विभाग को अधिक सतर्क और सक्रिय रहने की जरूरत है।
मंत्री ने बिहार की सकारात्मक छवि को मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य की छवि केवल बिहार तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि देशभर में बिहार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की सही तस्वीर सामने आनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बिहार की सकारात्मक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रेडियो और डिजिटल मीडिया का समन्वित उपयोग किया जाए।
श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि राज्य की सकारात्मक छवि और मजबूत हो सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना पहुंचाने को लेकर भी मंत्री ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार सरकारी योजनाओं की जानकारी गांवों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाती, जिससे जरूरतमंद लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने निर्देश दिया कि सूचनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जाए। गांवों और दूरदराज के इलाकों में प्रचार-प्रसार के लिए स्थानीय स्तर पर भी मजबूत व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।
मंत्री ने विभाग में मानव संसाधन की कमी को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां-जहां कर्मचारियों की कमी है, वहां जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि विभागीय कामकाज प्रभावित न हो।
उन्होंने कहा कि सूचना विभाग की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है, इसलिए आधुनिक तकनीक और पर्याप्त मानव संसाधन दोनों जरूरी हैं। विभाग को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा।
श्रवण कुमार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए और सूचना प्रसार में रचनात्मकता लाई जाए।
उन्होंने कहा कि केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहने के बजाय डिजिटल इनोवेशन, वीडियो कंटेंट, मोबाइल प्लेटफॉर्म और नए मीडिया टूल्स का उपयोग बढ़ाना होगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सरकार अब सूचना तंत्र को अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में सूचना युद्ध और फेक न्यूज बड़ी चुनौती बन चुके हैं। ऐसे में सरकारों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे सही सूचना तेजी से लोगों तक पहुंचाएं।
पदभार ग्रहण समारोह में बरौली के विधायक मनजीत सिंह, पिपरा के विधायक रामविलास कामत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विभाग के अपर सचिव राजीव कुमार सिंह, अपर सचिव विधुभूषण चौधरी, संयुक्त निदेशक रवि भूषण सहाय और अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
सूचना विभाग में नई जिम्मेदारी संभालने के बाद श्रवण कुमार के बयान को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। खासकर फेक न्यूज और सोशल मीडिया निगरानी को लेकर उनके निर्देशों को काफी अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सूचना विभाग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाता है तो सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत हो सकता है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर देने को भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। क्योंकि बिहार में बड़ी आबादी अब भी गांवों में रहती है और कई बार सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं पहुंच पाती।
फिलहाल सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में नई रणनीति और नई कार्यशैली को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में विभाग किस तरह सोशल मीडिया, डिजिटल प्रचार और सूचना प्रबंधन को और अधिक मजबूत बनाता है।
सरकार की कोशिश है कि सूचना तंत्र को आधुनिक, तेज और पारदर्शी बनाया जाए ताकि जनता तक हर महत्वपूर्ण जानकारी सही समय पर और सही तरीके से पहुंच सके।


