शेखपुरा में सनसनीखेज खूनी ड्रामा: पत्नी के जबड़े और गर्दन में दागी चार गोलियां, गोलियां खत्म होते ही भीड़ ने पति को पीट-पीटकर मार डाला

बिहार के शेखपुरा जिले में गुरुवार की सुबह एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है जिसने कानून और व्यवस्था के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के कैथवां रेलवे फाटक के समीप एक पति ने अपनी ही पत्नी को मौत के घाट उतारने के लिए उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस खूनी खेल का अंत यहीं नहीं हुआ, बल्कि वारदात को अंजाम देकर भाग रहे अपराधी पति को स्थानीय ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा और भीड़ ने पीट-पीटकर उसे मौत की नींद सुला दिया। यह पूरी घटना घरेलू कलह और प्रतिशोध की एक ऐसी खौफनाक कहानी है, जहाँ चंद मिनटों के भीतर एक परिवार पूरी तरह तबाह हो गया। इलाके में इस दोहरे हत्याकांड जैसी स्थिति के बाद से भारी तनाव व्याप्त है और पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।

फाटक पर बिछाया गया था मौत का जाल

​जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात शेखपुरा जिले के कैथवां रेलवे फाटक के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि आरोपी पति पहले से ही वहां घातक हथियारों से लैस होकर घात लगाकर बैठा था। उसे इस बात की जानकारी थी कि उसकी पत्नी सुमित्रा (30 वर्षीया प्रतिमा देवी) वहां से टेम्पो पर सवार होकर गुजरने वाली है। जैसे ही वह टेम्पो रेलवे फाटक के समीप पहुँचा, पति ने अपनी मंशा साफ कर दी। उसने अपनी पत्नी को निशाना बनाते हुए एक के बाद एक चार गोलियां दागीं। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावर ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जो सीधे महिला की गर्दन और जबड़े में जा लगीं।

​गोली चलने की आवाज से पूरे इलाके में भगदड़ मच गई। टेम्पो पर सवार अन्य यात्री और पास खड़े लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमलावर पति का क्रोध इतना अधिक था कि उसने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि उसकी पत्नी जीवित न बचे। गोलीबारी की इस घटना ने रेलवे फाटक जैसे व्यस्त इलाके को युद्ध के मैदान में तब्दील कर दिया।

भागने की कोशिश और ग्रामीणों का आक्रोश

​अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला करने के बाद आरोपी वहां से भागने की फिराक में था। स्थानीय ग्रामीणों ने जब उसे हथियार के साथ भागते देखा, तो उन्होंने उसका पीछा करने की हिम्मत दिखाई। खुद को घिरता देख आरोपी पति ने भागने के दौरान ग्रामीणों पर भी दो राउंड फायरिंग कर दी ताकि लोग डरकर पीछे हट जाएं। इस फायरिंग की वजह से कुछ देर के लिए ग्रामीण ठिठक गए, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

​संयोगवश, फायरिंग के दौरान ही आरोपी की पिस्तौल में गोलियां खत्म हो गईं। जैसे ही ग्रामीणों को इस बात का अहसास हुआ कि अब वह निहत्था है और गोलियां समाप्त हो चुकी हैं, भीड़ का डर गुस्से में तब्दील हो गया। ग्रामीणों ने साहस बटोरकर आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया। निहत्थे होते ही वह भागने की स्थिति में नहीं रहा और भीड़ ने उसे पकड़ लिया।

भीड़ का न्याय: पीट-पीटकर कर दी हत्या

​हथियारबंद पति द्वारा किए गए हमले और दहशत से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। भीड़ ने आरोपी को पकड़ने के बाद कानून को अपने हाथ में ले लिया और उस पर लात-घूंसों व लाठियों की बरसात कर दी। आक्रोशित भीड़ के हत्थे चढ़े पति को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पीट-पीटकर उसकी जान ले ली गई। मौके पर ही उसकी सांसे थम गईं।

​यह मॉब लिंचिंग की एक ऐसी घटना थी जहाँ लोगों का धैर्य जवाब दे गया था। रेलवे फाटक के पास जमीन पर एक तरफ लहूलुहान पत्नी पड़ी थी और दूसरी तरफ भीड़ द्वारा मारा गया पति। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस बल ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और शव को अपने कब्जे में लिया।

घरेलू कलह और नवादा से जुड़ा कनेक्शन

​पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस खूनी संघर्ष के पीछे की मुख्य वजह गहरा घरेलू कलह था। आरोपी पति नवादा जिले के सुल्तानपुर गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से अनबन चल रही थी, जो गुरुवार की सुबह इस चरम सीमा तक पहुँच गई।

​प्रतिमा देवी (सुमित्रा) और उसके पति के बीच चल रहे विवाद ने इस हिंसक रूप को धारण किया, जिसमें पति ने पहले अपराधी बनने का रास्ता चुना और फिर भीड़ का शिकार हो गया। नवादा से शेखपुरा आकर इस तरह की वारदात को अंजाम देना यह दर्शाता है कि हमला पूरी योजना के साथ किया गया था।

अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग

​गंभीर रूप से घायल 30 वर्षीया प्रतिमा देवी की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। वारदात के तुरंत बाद उसे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से शेखपुरा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, उसकी गर्दन और जबड़े में लगी चार गोलियों की वजह से स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए पावापुरी रेफर कर दिया है।

​फिलहाल, प्रतिमा देवी पावापुरी के उच्च चिकित्सा केंद्र में मौत से जूझ रही है। डॉक्टरों की टीम उसे बचाने का हर संभव प्रयास कर रही है। दूसरी ओर, पुलिस ने मृतक पति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उन ग्रामीणों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने कानून हाथ में लेकर आरोपी की पीट-पीटकर हत्या की।

​शेखपुरा जिले की इस घटना ने पूरे नवादा और शेखपुरा क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। कैथवां रेलवे फाटक के समीप सन्नाटा पसरा हुआ है और वहां तैनात पुलिस बल हर आने-जाने वाले पर नजर रख रहा है। यह घटना समाज में बढ़ते हिंसक व्यवहार और त्वरित न्याय की मानसिकता की ओर इशारा करती है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार के अंत की पटकथा लिख दी।

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