
विक्रमशिला सेतु में आई तकनीकी समस्या और उसके चलते यातायात बाधित होने का सीधा असर अब स्थानीय व्यापार पर साफ दिखने लगा है। पिछले तीन दिनों से पुल पर आवागमन लगभग ठप होने के कारण बौंसी-हंसडीहा मार्ग, बाइपास और नवगछिया क्षेत्र के आसपास स्थित लाइन होटल, ढाबा और धर्मकांटा जैसे व्यवसायों का करीब 90 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है।
रोजाना लाखों का कारोबार लगभग ठप
स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार, पहले इन मार्गों से गुजरने वाले भारी और छोटे वाहनों के कारण इन प्रतिष्ठानों का कारोबार लगातार अच्छा चलता था। लेकिन अब वाहनों की आवाजाही रुक जाने से स्थिति बेहद खराब हो गई है।
गंगा पुल के उत्तरी हिस्से में स्थित एक होटल संचालक गुलशन मंडल ने बताया कि पहले उनके होटल का रोजाना 15 से 25 हजार रुपये तक का कारोबार हो जाता था, लेकिन अब यह घटकर दो हजार रुपये तक भी पहुंचना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि स्टाफ का खर्च निकालना भी कठिन हो गया है।
इसी तरह बौंसी-हंसडीहा मार्ग स्थित एक होटल संचालक प्रेम कुमार ने बताया कि सामान्य दिनों में वे रोजाना लगभग 20 हजार रुपये का कारोबार करते थे, लेकिन अब यातायात ठप होने से सिर्फ स्थानीय वाहनों के सहारे किसी तरह व्यवसाय को चलाया जा रहा है।
स्टाफ पर भी पड़ा असर
व्यवसाय में गिरावट के चलते कई होटल संचालकों को अपने कर्मचारियों को अस्थायी रूप से घर भेजना पड़ा है। बताया जा रहा है कि लगभग 70 प्रतिशत होटलों ने अपने स्टाफ में भारी कटौती की है। कई जगहों पर कर्मचारियों को बिना काम के वेतन देना भी मुश्किल हो गया है।
एक धर्मकांटा संचालक ने बताया कि सामान्य स्थिति में तीन शिफ्ट में कर्मचारी काम करते थे, लेकिन अब काम कम होने के कारण संचालन मुश्किल हो गया है।
5000 लोगों की आजीविका प्रभावित
स्थानीय व्यापारिक संगठनों के अनुसार, इस क्षेत्र के लगभग 200 होटल और धर्मकांटा से करीब 5000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलता था। अब कारोबार ठप होने से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं।
कई होटल संचालकों का कहना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ सकती है, जिससे और अधिक लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
आर्थिक गतिविधियां प्रभावित
यातायात रुकने से केवल होटल व्यवसाय ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े अन्य छोटे-बड़े व्यापार भी प्रभावित हुए हैं। व्यवसायियों का कहना है कि यह स्थिति लंबे समय तक जारी रही तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फिलहाल व्यापारी उम्मीद कर रहे हैं कि विक्रमशिला सेतु पर यातायात जल्द बहाल होगा, जिससे सामान्य आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो सकें।


