बिहार में मौसम का कहर जारी: कई जिलों में आंधी, बारिश और ठनका का अलर्ट, पटना में देर रात तक झमाझम बरसात से जलजमाव

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से तेज आंधी, बारिश और ठनका ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार को राजधानी पटना समेत कई जिलों में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी राज्य के अनेक जिलों में खराब मौसम की आशंका जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक बिहार के विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवा, बिजली चमकने और ठनका गिरने की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर उत्तर बिहार और दक्षिण-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में मौसम ज्यादा प्रभावी रह सकता है। विभाग का कहना है कि 8 मई के बाद मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, खगड़िया, कटिहार, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बिहार का मौसम अस्थिर बना हुआ है। इसी वजह से अचानक बादल छा रहे हैं और तेज बारिश देखने को मिल रही है। कई जिलों में हवा की रफ्तार भी काफी तेज रहने की संभावना है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आ सकती हैं।

राज्य में मौसम बदलने के साथ तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों से गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में दोबारा बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। वहीं रात के तापमान में भी दो से तीन दिनों के भीतर तीन से चार डिग्री तक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान कैमूर जिले में 33.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री से लेकर 33.7 डिग्री के बीच रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो गया, फारबिसगंज और डेहरी में करीब 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा।

राजधानी पटना में बुधवार का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। दोपहर के समय अचानक आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। लगभग आधे घंटे से ज्यादा समय तक हुई बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। हालांकि शाम ढलने के बाद एक बार फिर मौसम बिगड़ गया।

रात करीब 10 बजे के बाद पटना में फिर से बादल घिरने लगे और 11 बजे के आसपास तेज बारिश शुरू हो गई। यह बारिश एक घंटे से अधिक समय तक जारी रही। भारी बारिश के कारण राजधानी के कई निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मोहल्लों में नालों का पानी सड़कों पर बहता नजर आया।

बारिश का असर राजधानी में होने वाले बड़े सरकारी कार्यक्रमों पर भी देखने को मिला। गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में कैबिनेट शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होना है। ऐसे में देर रात तक प्रशासनिक टीम मैदान में पानी निकासी और व्यवस्था सुधारने में जुटी रही। गांधी मैदान में जमा पानी हटाने के लिए कई सुपर सकर मशीनों का इस्तेमाल किया गया। मैदान के अंदर और बाहर जलनिकासी के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए।

जिन जगहों पर ज्यादा पानी जमा था वहां बालू डालकर जमीन को समतल करने का काम किया गया। प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर बैठने की व्यवस्था को भी दोबारा दुरुस्त किया। कई स्थानों पर अस्थायी नाले बनाकर पानी बाहर निकाला गया ताकि समारोह में आने वाले लोगों को परेशानी न हो। अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए पूरी तैयारी की जा रही है।

लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने खासतौर पर किसानों, खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले स्थानों पर जाने से बचने को कहा गया है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह का मौसम सामान्य से अलग जरूर है, लेकिन जलवायु परिवर्तन और बदलते वातावरणीय दबाव के कारण अब मौसम के पैटर्न में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। बिहार में पिछले कुछ वर्षों में आंधी और वज्रपात की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।

फिलहाल पूरे बिहार में लोगों की नजर आसमान पर टिकी हुई है। कहीं बारिश राहत बनकर सामने आ रही है तो कहीं यह परेशानी का कारण बन रही है। अगले दो दिनों तक राज्य में मौसम का यही बदला हुआ रूप बने रहने की संभावना है। वहीं 8 मई के बाद मौसम साफ होने और तापमान में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।

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