बिहार कैबिनेट की बड़ी बैठक: 20 अहम प्रस्तावों पर मुहर, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण पर जोर

​पटना में बुधवार, 06 मई 2026 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद् की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कुल 20 प्रस्तावों पर विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों में सड़क बुनियादी ढांचे, शहरी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है।

​सड़कों के रखरखाव के लिए 15 हजार करोड़ से अधिक की योजना

​पथ निर्माण विभाग की ओर से राज्य में सड़कों के बेहतर संधारण और उनकी स्थिति की निगरानी के लिए एक बड़ी योजना को हरी झंडी दी गई है। ‘दीर्घकालीन निष्पादन और उपलब्धि आधारित पथ आस्तियों अनुरक्षण संविदा’ (OPRC) प्रणाली के तहत राज्य की कुल 19305.58 किलोमीटर लंबी सड़कों के रखरखाव का निर्णय लिया गया है। इस व्यापक परियोजना के लिए कुल 1596703.42 लाख (पन्द्रह हजार नौ सौ सड़सठ करोड़ तीन लाख बेयालीस हजार) रुपये के अनुमानित व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें सड़कों के निरीक्षण और अनुरक्षण के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) तकनीक का सहारा लिया जाएगा। इसके अलावा, एक केंद्रीयकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर के माध्यम से पूरी निगरानी की जाएगी।

​शहरी विकास और ई-वोटिंग प्रणाली को मंजूरी

​नगर विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत राज्य के शहरी केंद्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार अर्बन ट्रान्सफॉर्मेशन प्रोग्राम के क्रियान्वयन हेतु विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर के ऋण की सहायता प्राप्त करने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह परियोजना एकीकृत शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विकास पर केंद्रित होगी।

​नगरपालिका चुनावों को अधिक समावेशी बनाने के लिए कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण नवाचार को मंजूरी दी है। नगरपालिका आम/उप निर्वाचन 2026 में वरिष्ठ नागरिकों, शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों, असाध्य रोगों से ग्रसित लोगों और अपने मूल स्थान से बाहर रह रहे (प्रवासित) मतदाताओं के लिए ई-वोटिंग सिस्टम (e-voting System) का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए सी-डैक (C-DAC), हैदराबाद को एजेंसी के रूप में नामित किया गया है, जिस पर कुल 31.4588 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बिहार भवन (संशोधन) उपविधि 2026 को भी विभाग द्वारा स्वीकृत किया गया है।

​तीन जिलों में केंद्रीय विद्यालयों के लिए भूमि आवंटन

​शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालयों के निर्माण हेतु भूमि के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।

  • अरवल: करपी अंचल के मौजा-झिकटिया में 05 एकड़ गैरमजरूआ भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन को एक रुपये के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों की लीज पर दी जाएगी।
  • शेखपुरा: शेखपुरा अंचल के मौजा-कटनीकोल और जमुआरा में कुल 05 एकड़ भूमि इसी शर्त पर हस्तांतरित करने की स्वीकृति मिली है।
  • शेखोपुरसराय: शेखपुरा जिले के ही शेखोपुरसराय अंचल के मौजा-नीमी में 04 एकड़ 56.74 डी० भूमि केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण हेतु स्वीकृत की गई है।

​स्वास्थ्य और तकनीकी शिक्षा में बदलाव

​स्वास्थ्य विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव में सीतामढ़ी में स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम बदलने का निर्णय लिया गया है। अब इस संस्थान को ‘माता सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी’ के नाम से जाना जाएगा।

​विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत बी०आई०टी० (BIT) मेसरा, रांची के पटना विस्तार केंद्र की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। बिहार सरकार और बी०आई०टी० मेसरा के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) को अब 17 दिसंबर 2015 से विस्तारित कर 16 दिसंबर 2030 तक कर दिया गया है।

​परिवहन और औद्योगिक प्रोत्साहन

​परिवहन विभाग के अंतर्गत ‘पी०एम० ई-बस सेवा’ योजना के तहत 400 इलेक्ट्रिक एसी बसों के 12 वर्षों तक परिचालन के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली कैश गैप सब्सिडी में वृद्धि की गई है। पूर्व में स्वीकृत 203.20 करोड़ रुपये की राशि में 313.96 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए अब कुल 517.16 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई है।

​उद्योग विभाग के संबंध में पटना के औद्योगिक क्षेत्र (शहरी) में एयरपोर्ट कैंपस से सटे बियाडा (BIADA) की 1.85 एकड़ भूमि भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 की अवधि को 30 जून 2026 तक बढ़ाने की घटनोत्तर स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

​वित्त और प्रशासन संबंधी अन्य निर्णय

​राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वित्त विभाग ने एक सुविधाजनक सुविधा को मंजूरी दी है। अब सरकारी सेवकों और सेवानिवृत्त पेंशनभोगियों को बैंकों या वित्तीय संस्थानों के माध्यम से उनके वेतन या पेंशन के विरुद्ध अग्रिम राशि और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, सप्तम राज्य वित्त आयोग की कार्य अवधि के विस्तार को भी स्वीकृति मिली है।

​सूचना प्रावैधिकी विभाग द्वारा बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के सदस्यों और राज्य सरकार के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों के चयन की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली 2024 के प्रावधानों के तहत नामांकन के आधार पर चयन किया जाएगा।

​न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से विधि विभाग के तहत बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के मामलों के निष्पादन हेतु दरभंगा के बेनीपुर और मधुबनी सदर में एक-एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के लिए कुल 18 अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त, राज्यपाल और राज्यपाल सचिवालय के उपयोग के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 6 नए मोटर वाहनों की खरीद हेतु आकस्मिकता निधि से अग्रिम व्यय की मंजूरी दी गई है।

​गंगा नदी के तटबंधों की सुरक्षा

​जल संसाधन विभाग की ओर से गंगा नदी के कटाव को रोकने के लिए कई परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है:

  • ​बक्सर काईलवर गंगा तटबंध के पास गंगापुर, भुसौला, नन्दपुर और दामोदरपुर में कटाव निरोधक कार्यों के लिए 5256.41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • ​बल्लीटोला से सबलपुर पछियारी टोला के बीच कटाव निरोधक कार्य के लिए 5755.34 लाख रुपये की मंजूरी मिली है।
  • ​गनियारी ग्राम में इसी तरह के सुरक्षा कार्यों के लिए 6412.53 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।
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