
बिहार के खगड़िया जिले में पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अवैध हथियार निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जिले के मोरकाही थाना क्षेत्र स्थित कोदरा गांव में संचालित एक कथित मिनी हथियार फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से कई तैयार पिस्टल, जिंदा कारतूस, मैगजीन और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस इस कार्रवाई को जिले में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। खगड़िया पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को जानकारी मिली थी कि मोरकाही थाना इलाके के कोदरा गांव में एक व्यक्ति अपने बासा पर अवैध तरीके से हथियार बनाने का काम कर रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक नीतीश कुमार समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये हथियार कहां सप्लाई किए जाते थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच तैयार पिस्टल, 11 मैगजीन और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं। पुलिस को मौके से मशीनें, लोहे के पार्ट्स और अन्य तकनीकी सामान भी मिले हैं, जिनका उपयोग हथियार बनाने में किया जाता था।
खगड़िया के पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जिले में अवैध हथियार कारोबार को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि कोदरा गांव में गुप्त तरीके से हथियार बनाए जा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
एसपी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं जो पहले भी आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अवैध हथियारों की सप्लाई में शामिल रहा है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिस स्थान पर यह कथित मिनी हथियार फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, वहां सामान्य गतिविधियां दिखाई देती थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि अंदर अवैध हथियार बनाने का काम चल रहा है। पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच एजेंसियों को शक है कि यहां तैयार किए जा रहे हथियारों की सप्लाई बिहार के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों तक भी की जा सकती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाना था और इनके खरीदार कौन थे।
अवैध हथियारों का कारोबार बिहार के कई जिलों में लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। खासकर ग्रामीण इलाकों में छोटी फैक्ट्रियों के जरिए देसी हथियार तैयार कर अपराधियों तक पहुंचाने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। पुलिस और एसटीएफ लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद अवैध हथियार निर्माण पूरी तरह रुक नहीं पाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध हथियारों का इस्तेमाल अक्सर लूट, रंगदारी, हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं में किया जाता है। यही वजह है कि पुलिस इस तरह की फैक्ट्रियों को कानून-व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा मानती है। खगड़िया में हुई यह कार्रवाई भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था और तैयार हथियारों की डिलीवरी किस माध्यम से की जाती थी।
एसटीएफ की टीम तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है। बरामद उपकरणों और हथियारों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले बनाए गए हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
खगड़िया पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध और अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी हाल में अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। खगड़िया में हुई यह कार्रवाई एक बार फिर यह दिखाती है कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस और एसटीएफ लगातार सक्रिय हैं और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


