
बिहार के रोहतास जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग किशोरी को कथित तौर पर शादी और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर दूसरे राज्य ले जाया गया। करीब डेढ़ साल बाद किशोरी अपने घर लौटी, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
यह मामला डालमियानगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 की शुरुआत में इलाके की एक किशोरी अचानक लापता हो गई थी। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई पता नहीं चल सका। परिजन लगातार उसकी तलाश में लगे रहे और पुलिस से भी मदद की गुहार लगाई गई थी।
करीब डेढ़ साल बाद किशोरी अचानक अपने घर पहुंची। घर लौटने के बाद उसने परिवार और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़िता के अनुसार, उसे शादी और अच्छी जिंदगी का भरोसा देकर बिहार से राजस्थान ले जाया गया था। वहां उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध एक परिवार के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता ने बताया कि दूसरे राज्य पहुंचने के बाद उसकी आवाजाही सीमित कर दी गई थी। वह लंबे समय तक मानसिक दबाव और कठिन परिस्थितियों में रही। किसी तरह मौका मिलने पर वह वहां से निकलने में सफल हुई और वापस अपने घर पहुंची।
परिवार के मुताबिक, बेटी के गायब होने से पहले इलाके की कुछ महिलाओं ने शादी का प्रस्ताव रखा था। परिवार ने उस प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया था, लेकिन बाद में उन्हीं लोगों पर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगा।
घटना की जानकारी मिलते ही डालमियानगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिलाओं में सूरजमुखी देवी, बबीता देवी और चैना देवी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि गरीब परिवारों को निशाना बनाकर लड़कियों को बेहतर जिंदगी, नौकरी या शादी का झांसा दिया जाता था। इसके बाद उन्हें दूसरे राज्यों में भेजने की साजिश रची जाती थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर काफी चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अक्सर ऐसे झांसे का शिकार बन जाते हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानव तस्करी और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में जागरूकता बेहद जरूरी है। परिवारों को अनजान लोगों के प्रस्तावों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल पुलिस पीड़िता का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। साथ ही दूसरे राज्य की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में जागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि किसी भी परिवार को इस तरह की स्थिति का सामना न करना पड़े।


